उदयपुर। भारत में तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर और विनिर्माण क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हिंदुस्तान जिंक ने गैल्वनाइजिंग उद्योग के लिए दो नई पीढ़ी के जिंक एलॉय ‘वेदएज’ (VedAZ) और ‘वेदआयुष’ (VedAyush) लॉन्च किए हैं। कंपनी के अनुसार दोनों विशेष एलॉय गैल्वनाइजिंग प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के साथ कोटिंग की गुणवत्ता, उत्पादन दक्षता और गैल्वनाइज्ड स्टील की दीर्घकालिक मजबूती को बेहतर करने के लिए विकसित किए गए हैं। गैल्वनाइजिंग प्रक्रिया में स्टील पर जिंक की कोटिंग की जाती है, जिससे उसे जंग और संक्षारण से सुरक्षा मिलती है। इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल, बिजली, इंजीनियरिंग और औद्योगिक क्षेत्र में स्टील के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के कारण लंबे समय तक टिकने वाली जिंक कोटिंग की जरूरत लगातार बढ़ रही है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए हिंदुस्तान जिंक ने अपने वैल्यू-एडेड जिंक उत्पाद पोर्टफोलियो का विस्तार किया है। वेदएज से जिंक बाथ में एल्यूमिनियम का बेहतर नियंत्रण वेदएज एक विशेष जिंक-एल्यूमिनियम मास्टर एलॉय है, जिसे गैल्वनाइजिंग उद्योग के लिए तैयार किया गया है। यह गैल्वनाइजिंग बाथ में एल्यूमिनियम की मात्रा को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने में मदद करता है। इससे स्टील पर बनने वाली जिंक कोटिंग की मोटाई में समानता बनाए रखने और सतह की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलती है। कंपनी के अनुसार वेदएज के इस्तेमाल से गैल्वनाइजिंग प्रक्रिया के दौरान जिंक की हानि और अवांछित अवशेष यानी ड्रॉस बनने को भी कम किया जा सकता है। इससे कच्चे माल के बेहतर उपयोग के साथ उत्पादन प्रक्रिया को अधिक कुशल बनाने में मदद मिलती है। गैल्वनाइजर्स के लिए इसका सीधा संबंध कोटिंग की स्थिरता और उत्पादन लागत के बेहतर प्रबंधन से है। वेदआयुष में जिंक-एल्यूमिनियम-मैग्नीशियम का संयोजन दूसरा उत्पाद ‘वेदआयुष’ जिंक-एल्यूमिनियम-मैग्नीशियम एलॉय है। इसे ऐसे औद्योगिक वातावरण को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है, जहां स्टील को अधिक नमी, संक्षारण और कठिन मौसम परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इस एलॉय में मौजूद मैग्नीशियम कोटिंग की पकड़, सतह की स्थिरता और जंगरोधी क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह विशेष रूप से अधिक आर्द्रता वाले क्षेत्रों, तटीय इलाकों और चुनौतीपूर्ण औद्योगिक परिस्थितियों में उपयोग के लिए उपयुक्त है। वेदआयुष का इस्तेमाल इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स, घरेलू उपकरणों, बिजली ट्रांसमिशन और विभिन्न औद्योगिक प्रणालियों में किया जा सकता है। ऐसे क्षेत्रों में कोटेड स्टील का लंबे समय तक टिकाऊ रहना महत्वपूर्ण होता है। इंफ्रास्ट्रक्चर से ऑटोमोबाइल तक बढ़ेगा उपयोग हिंदुस्तान जिंक के सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक अमरेंदु प्रकाश ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और उपभोक्ता उत्पादों के क्षेत्र में वैल्यू-एडेड जिंक उत्पादों की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इन क्षेत्रों के ग्राहक अपनी उत्पादन प्रक्रियाओं और प्रदर्शन संबंधी जरूरतों के अनुरूप अलग-अलग विशेष ग्रेड चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वेदएज और वेदआयुष के माध्यम से कंपनी ग्राहकों की व्यापक जरूरतों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। एकीकृत उत्पादन क्षमता के कारण ग्राहकों की जरूरत के अनुसार विशेष उत्पाद विकसित करने और वैल्यू-एडेड जिंक कारोबार का विस्तार करने में मदद मिलती है। कंपनी अपने पोर्टफोलियो में वैल्यू-एडेड उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने पर भी काम कर रही है। राजस्थान में 30 हजार टन सालाना क्षमता का एलॉय संयंत्र हिंदुस्तान जिंक की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी हिंदुस्तान जिंक एलॉयज प्राइवेट लिमिटेड (HZAPL) राजस्थान के राजपुरा-दरीबा में जिंक एलॉय मेल्टिंग और कास्टिंग संयंत्र संचालित करती है। इस संयंत्र की वार्षिक क्षमता 30 हजार टन है। राजस्थान में स्थित यह संयंत्र अलग-अलग औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप विशेष जिंक एलॉय की घरेलू उपलब्धता को मजबूत करता है। इससे देश के विनिर्माण क्षेत्र को जिंक एलॉय की आपूर्ति श्रृंखला में मजबूती मिलती है और विशेष ग्रेड के उत्पादों के लिए घरेलू उत्पादन क्षमता विकसित होती है। कंपनी के विशेष एलॉय पोर्टफोलियो में HZA-3 और HZA-5 जैसे जिंक डाई-कास्टिंग ग्रेड भी शामिल हैं। इनका इस्तेमाल ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिकल उपकरण, औद्योगिक हार्डवेयर और उपभोक्ता उत्पादों के सटीक पुर्जों के निर्माण में किया जाता है। कंपनी के अनुसार HZA-5 ग्रेड को भारतीय मानक ब्यूरो यानी BIS का प्रमाणन भी प्राप्त है। वैल्यू-एडेड जिंक उत्पादों का पोर्टफोलियो हुआ मजबूत वेदएज और वेदआयुष के लॉन्च के साथ हिंदुस्तान जिंक ने विशेष जिंक उत्पादों की अपनी श्रृंखला का विस्तार किया है। नए एलॉय गैल्वनाइजिंग उद्योग की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं। कंपनी का फोकस ऐसे जिंक उत्पाद उपलब्ध कराने पर है, जिनका इस्तेमाल भारत के बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर, विनिर्माण और औद्योगिक क्षेत्रों में स्टील की टिकाऊपन और प्रदर्शन बेहतर करने के लिए किया जा सके। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation दो कोल्ड स्टोरेज से 1500 किलो खाद्य सामग्री नष्ट, गुड़-मिर्च के नमूने जांच को भेजे