24 News Update प्रतापगढ़। एक मैसेज से शुरू हुआ ऑनलाइन ठगी का खेल धीरे-धीरे 14 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी में बदल गया। पार्ट टाइम नौकरी का झांसा देकर पहले छोटे टास्क दिए गए, फिर कम रकम जमा कराकर उससे ज्यादा पैसा लौटाया गया। जब भरोसा कायम हो गया तो ठगों ने रकम बढ़ानी शुरू कर दी और आखिरकार पीड़ित से 14 लाख 7 हजार 960 रुपए ऐंठ लिए। प्रतापगढ़ साइबर पुलिस ने अब इस संगठित गिरोह के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है।पुलिस ने डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा स्थित कलालवाड़ी निवासी घनश्याम कलाल को सागवाड़ा उपकारागृह से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। आरोपी से पूछताछ में उसने साथियों के साथ मिलकर गिरोह बनाकर साइबर ठगी करना स्वीकार किया है।कार्रवाई एसपी विशाल जांगिड़ के निर्देश पर एएसपी जयदेव सियाग और साइबर थाना प्रभारी मदनलाल गहलोत के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस निरीक्षक कानाराम और उनकी टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई। पहले छोटा फायदा, फिर बढ़ती गई रकममामले की शुरुआत 7 जनवरी 2024 को हुई। परिवादी के वॉट्सऐप पर विदेशी नंबर से पार्ट टाइम नौकरी का मैसेज आया। उसे घर बैठे कमाई का भरोसा दिया गया और शुरुआत में गूगल पर होटल व रिसॉर्ट को रेटिंग देने जैसे छोटे-छोटे काम दिए गए। इसके बाद उसे टेलीग्राम पर अलग-अलग आईडी के जरिए जोड़कर ‘मर्चेंट टास्क’ दिए जाने लगे। ठगों ने पहले 1 हजार रुपए जमा करवाए और बदले में 1300 रुपए लौटाए। इसके बाद 5 हजार रुपए जमा करवाकर 7800 रुपए वापस किए गए। यहीं से पीड़ित को ज्यादा कमाई का भरोसा हो गया। ठग हर अगले टास्क के साथ रकम बढ़ाते गए और अधिक मुनाफे का लालच देकर लगातार भुगतान करवाते रहे।धीरे-धीरे रकम इतनी बढ़ गई कि पीड़ित से कुल 14,07,960 रुपए जमा करा लिए गए। इसके बाद ठगी का एहसास हुआ और मामले की शिकायत साइबर पुलिस तक पहुंची। बैंक खातों से खुलती गई गिरोह की कड़ी28 मई 2024 को साइबर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने सबसे पहले ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की जानकारी जुटाई। संदिग्ध खातों को फ्रीज कराया गया और बैंक स्टेटमेंट खंगाले गए। खाताधारकों से पूछताछ और लेन-देन के रिकॉर्ड की जांच के बाद पुलिस को गिरोह के नेटवर्क से जुड़े सुराग मिले। तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ते हुए जांच घनश्याम कलाल तक पहुंची। सागवाड़ा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाया गयाजांच में आरोपी की पहचान होने के बाद पुलिस ने उसे सागवाड़ा उपकारागृह से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर संगठित तरीके से पार्ट टाइम जॉब के नाम पर ठगी करने की बात स्वीकार की। अब साइबर पुलिस आरोपी के साथियों की भूमिका, ठगी की रकम के लेन-देन और गिरोह से जुड़े अन्य बैंक खातों की पड़ताल कर रही है। पुलिस का फोकस इस नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों तक पहुंचने और ठगी की रकम की रिकवरी पर है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता, एनीमिया व सर्वाइकल कैंसर से बचाव के प्रति किया जागरूक राज्य स्तरीय 17 वर्षीय बालक फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए भीलवाड़ा टीम नागौर रवाना