लखनऊ, 8 अगस्त। उत्तर प्रदेश में फार्मेसी शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश फार्मेसी कॉलेज एवं फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन ने अलग ‘उत्तर प्रदेश फार्मेसी विश्वविद्यालय’ की स्थापना की मांग को लेकर प्रदेशव्यापी अभियान चलाने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को अवध इंटरनेशनल होटल, लखनऊ में हुई एसोसिएशन की कार्यकारी बैठक में फार्मेसी शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. अमरीका सिंह ने की। बैठक में एसोसिएशन के संरक्षक एवं वरिष्ठ राजनेता नरेंद्र मणि त्रिपाठी, प्रो. ए.एस. विद्यार्थी तथा पूर्व कुलपति प्रो. वी.के. सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे। पदाधिकारियों ने फार्मेसी शिक्षा से जुड़ी समस्याओं और उनके समाधान पर अपने विचार रखे। 2700 से अधिक फार्मेसी कॉलेज, फिर भी अलग विश्वविद्यालय नहीं एसोसिएशन के महासचिव प्रो. डॉ. दुर्गेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 1100 से अधिक फार्मा इंडस्ट्रीज और 2700 से अधिक फार्मेसी कॉलेज संचालित हैं। इसके बावजूद प्रदेश में फार्मेसी शिक्षा के लिए अलग विश्वविद्यालय नहीं है। उन्होंने कहा कि फार्मेसी स्वास्थ्य क्षेत्र से सीधे जुड़ा विषय है, इसलिए इसके लिए स्वतंत्र विश्वविद्यालय की स्थापना समय की जरूरत है। फीस और छात्रों के पलायन पर चिंता बैठक में छात्रों के दूसरे राज्यों में पलायन और परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी पर चिंता जताई गई। एसोसिएशन का कहना है कि फीस अधिक होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। वहीं मार्कशीट में छोटी सी गलती के सुधार के लिए भी विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कॉलेज बंद होने और डिग्री व्यवस्था का मुद्दा एसोसिएशन ने कहा कि प्रदेश में कई फार्मेसी, इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट संस्थान लगातार बंद हो रहे हैं। फार्मेसी स्वास्थ्य से जुड़ा विषय होने के बावजूद इसकी डिग्री बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी के माध्यम से दी जा रही है। एसोसिएशन के अनुसार इससे विद्यार्थियों के प्लेसमेंट पर भी असर पड़ रहा है। संगठन ने फार्मेसी की डिग्री व्यवस्था को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अथवा प्रस्तावित फार्मेसी विश्वविद्यालय के अधीन करने की मांग की है। शुल्क बढ़ोतरी पर विरोध की चेतावनी एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन या डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी द्वारा बिना एसोसिएशन को विश्वास में लिए परीक्षा या संबद्धता शुल्क बढ़ाया गया तो प्रदेश स्तर पर व्यापक विरोध अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री और मंत्रियों को सौंपेंगे ज्ञापन बैठक में तय किया गया कि एसोसिएशन मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेगा। इसके लिए उपाध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष समिति बनाई गई है। एसोसिएशन जल्द ही अपना न्यूजलेटर, पीरियोडिकल्स और जनरल भी जारी करेगा। इसके लिए प्रो. ए.एस. विद्यार्थी, पूर्व कुलपति को एडिटर इन चीफ नियुक्त किया गया है। बैठक में छात्रों के प्रशिक्षण और प्लेसमेंट की समुचित व्यवस्था करने तथा अनाथ बच्चों की पढ़ाई के लिए विशेष व्यवस्था करने का भी निर्णय लिया गया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह, महासचिव प्रो. डॉ. दुर्गेश मणि त्रिपाठी, सचिव अवधेश कुमार वर्मा, संयुक्त सचिव अमरीश गुप्ता, विशाल चंद्र शाही, लकी जाफरी और विजय कुमार सिंह सहित प्रदेशभर से आए फार्मेसी कॉलेजों के प्रबंधक, प्राचार्य और फार्मा उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे। एसोसिएशन की अगली महासभा 29 अगस्त 2026 को होगी। इसमें फार्मेसी विश्वविद्यालय की मांग को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। संगठन ने प्रदेशभर में जनजागरूकता अभियान चलाने और जल्द ही सरकार को ज्ञापन सौंपने की बात कही है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation फार्मेसी एसोसिएशन अध्यक्ष प्रो. अमरीका सिंह ने होमगार्ड डीआईजी संजीव कुमार शुक्ला से की मुलाकात, शिक्षा और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय पर जोर