24 News Update उदयपुर। उदयपुर में मंगलवार दोपहर लोक कला मंडल के सामने जो हुआ, उसने पूरे शहर को सन्न कर दिया। पुलिस महकमे को उदयपुर से लेकर जयपुर तक अलर्ट कर दिया गया। सड़क किनारे चाय की चुस्कियों के बीच अचानक एक काली स्कॉर्पियो आकर रुकती है… कुछ युवक नीचे उतरते हैं… पहले बातचीत होती है… और फिर कुछ ही सेकंड में एक युवक को जबरन गाड़ी में पटककर स्कॉर्पियो हवा की तरह गायब हो जाती है। देखते ही देखते वहां अफरा-तफरी मच जाती है और उदयपुर शहर में दिनदहाड़े अपहरण की खबर आग की तरह फैल जाती है।घटना 25 मई 2026 की दोपहर करीब 2 बजकर 40 मिनट की है। मल्लातलाई स्थित फारूख आजम कॉलोनी निवासी 21 वर्षीय मोहम्मद सालिस पुत्र मोहम्मद साजिद चेतक सर्किल के पास अपने दोस्त अरबाज खान के साथ चाय पी रहा था। तभी उसके पास एक अंजान दुबई नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने धमकाते हुए पूछा कि वह कहां मिलेगा। इस पर सालिस ने उसे लोक कला मंडल की लोकेशन भेज दी। कुछ ही देर बाद PB 65 BN 5121 नंबर की काली स्कॉर्पियो वहां आकर रुकी। गाड़ी में सवार छह युवक उतरे और बड़े आराम से सालिस से बातचीत करने लगे। आसपास खड़े लोगों को लगा जैसे पुराने परिचित हों… लेकिन अगले ही पल पूरा मंजर बदल गया।बदमाशों ने अचानक सालिस को दबोचा, उसके साथ हाथापाई की और जबरन गाड़ी में पटक दिया। इसके बाद स्कॉर्पियो तेज रफ्तार में वहां से निकल गई। पूरा घटनाक्रम इतने कम समय में हुआ कि लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले बदमाश आंखों से ओझल हो चुके थे। लेकिन उन्हें शायद अंदाजा नहीं था कि शहर की सड़कों पर लगे कैमरे उनकी हर हरकत रिकॉर्ड कर रहे हैं।घटना की सूचना मिलते ही हाथीपोल थाना पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई। थानाधिकारी राजू देवी अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचीं। कुछ ही मिनटों में लोक कला मंडल से लेकर शहर के कई प्रमुख रास्तों पर पुलिस की गाड़ियां दौड़ने लगीं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और काली स्कॉर्पियो की तलाश शुरू हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए गौरव श्रीवास्तव, डॉ. अमृता दुहन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश ओझा और वृत्ताधिकारी राजेश यादव ने खुद मोर्चा संभाल लिया। शहरभर में नाकाबंदी करवाई गई। पुलिस कंट्रोल रूम से लगातार वायरलेस गूंजने लगा और तकनीकी टीम मोबाइल लोकेशन ट्रैक करने में जुट गई।इधर, अपहृत युवक के परिवार पर डर का पहाड़ टूट पड़ा। कुछ देर बाद परिवार के पास फोन पहुंचा। दूसरी तरफ मौजूद बदमाशों ने पांच लाख रुपए की मांग की और रकम नहीं देने पर मोहम्मद सालिस को जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, बदमाशों ने युवक की उसकी मां से बात भी करवाई। पुलिस के मुताबिक आरोपी खुद को पुलिसकर्मी बताकर परिवार को गुमराह करने की कोशिश भी कर रहे थे।पुलिस के अनुसार आरोपियों ने सालिस को स्कॉर्पियो में बैठाकर सुखाड़िया सर्किल, फतेहपुरा, आरके सर्कल, नाथद्वारा और राजसमंद कांकरोली की तरफ ले जाते हुए लगातार मारपीट की। रास्तेभर थप्पड़ और मुक्कों से हमला किया गया। इसी दौरान उससे पांच लाख रुपए की फिरौती की मांग की जाती रही और पैसे नहीं देने पर हत्या की धमकियां दी गईं।मामले की जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी गौरव प्रताप राणा निवासी झंडोरी जिला मोहाली, पंजाब, बीएफसी फोरेक्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में फॉरेन करेंसी एक्सचेंज का काम करता है। पुलिस अनुसंधान में यह भी सामने आया कि दिसंबर 2025 में मोहम्मद सालिस ने बीएनएस वॉलेट के जरिए 5 हजार अमेरिकी डॉलर खरीदे थे, जिसके बदले आरोपी गौरव करीब पांच लाख रुपए का भुगतान बकाया होना बता रहा था। इसी रकम की वसूली के लिए उसने अपने साथियों के साथ पूरी साजिश रची और युवक को बुलाकर अपहरण कर लिया।हाथीपोल थाना पुलिस लगातार आरोपियों की लोकेशन के करीब पहुंच रही थी। तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी नेटवर्क और मोबाइल ट्रैकिंग के जरिए पुलिस को इनपुट मिला कि आरोपी भीलवाड़ा की तरफ बढ़ रहे हैं। इसके बाद शुरू हुआ हाईवे पर पीछा… उदयपुर पुलिस की स्पेशल टीम रातभर सड़कों पर दौड़ती रही। भीलवाड़ा जिले के रायला थाना पुलिस के एसएचओ मूलचंद्र और उनकी टीम से समन्वय कर हाईवे पर नाकाबंदी करवाई गई। हर गुजरती गाड़ी पर नजर रखी जा रही थी।नाकाबंदी की भनक लगते ही अपहरण करने वाले बदमाश घबरा गए और मोहम्मद सालिस को गोमती रोड पर गाड़ी से फेंककर फरार हो गए। पुलिस की एक टीम सालिस को लेकर उदयपुर रवाना हुई, जबकि दूसरी टीम बदमाशों का पीछा करती रही। आखिरकार करीब रात 2 बजे पुलिस को वही काली स्कॉर्पियो रायला थाना क्षेत्र में दिखाई दी… और फिर कुछ ही मिनटों में पुलिस ने गाड़ी में बैठे बदमाशों को दबोच लिया। इसके साथ ही 12 घंटे के भीतर पूरे अपहरण कांड का खुलासा हो गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त कर लिया।पूछताछ में अपहरण करने वालों में गौरव प्रताप राणा पिता कंवर पाल राणा निवासी झंडोरी जिला मोहाली पंजाब, कपिल राणा पिता सुभाषचंद राणा निवासी झंझेरी जिला मोहाली पंजाब, अमनदीप सिंह पिता रणधीर सिंह निवासी झंझेरी जिला मोहाली पंजाब, रोहित कुमार पिता प्रमोद कुमार सिंह निवासी ग्यासपुर जिला पटना बिहार, सोनू पिता कुलदीप निवासी चूरू राजस्थान और अनिल कुमार पिता राजवीर सिंह निवासी चूरू राजस्थान के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।पूरे घटनाक्रम में हाथीपोल थाना पुलिस और उदयपुर पुलिस के अफसरों की तेजी और प्रोफेशनल कार्रवाई अब शहरभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। जिस तरह कुछ घंटों के भीतर पुलिस ने सीसीटीवी से सुराग निकाले, मोबाइल लोकेशन ट्रैक की और दूसरे जिले तक पीछा कर आरोपियों को पकड़ लिया, उसने यह साबित कर दिया कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी दिखा लें… कानून की पकड़ से ज्यादा दूर नहीं भाग सकते।आरोपियों को उदयपुर पकड़कर लाने वाली टीम में प्रतापनगर थाने से एसआई अशोक, हिम्मतनाथ सहायक उप निरीक्षक, मोहम्मद अतहर सहायक उप निरीक्षक, लोकेश हेड कांस्टेबल, शैलेश प्रथम कांस्टेबल और कैलाश रेबारी प्रथम कांस्टेबल शामिल रहे। वहीं पीड़ित युवक को सुरक्षित वापस लाने वाली टीम में मनोज कुमार सहायक उप निरीक्षक और रामखिलाड़ी हेड कांस्टेबल शामिल रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. 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