24 News Update उदयपुर। सीबीएसई की कॉपी गलत अपलोड करने के एक मामले में डीडी न्यूज से जुड़े पत्रकार अशोक श्रीवास्तव के एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अशोक श्रीवास्तव ने छात्र वेदांत को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ऐसी टिप्पणी कर दी जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी फजीहत हो गई और तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। बिना तथ्यों को जांचें टिप्पणी करने का यह पत्रकारिता की पढ़ाई का क्लासिक एग्जाम्पल भी बन गया। दरअसल छात्र वेदांत श्रीवास्तव ने अपने एक्स पोस्ट में बताया कि उसकी बारहवीं की उत्तर पुस्तिका की जगह बोर्ड की ओर से किसी अन्य छात्र की कॉपी अपलोड कर दी गई है। उसने मामले की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। वेदांत ने ऐसा तब किया जब लगातार सर्वर डाउन होने से लाखों विद्यार्थी व अभिभावक बोर्ड पर गंभीर सवाल उठा रहे थे। बोर्ड भी एक—एक दिन अंतिम तारीख आगे बढ़ा रहा था। जिन छात्रों को कॉपियां मिलीं उनमें कई गडबड़ियां सामने आ रही थीं। किसी में पेज गायब हो गए, किसी में सप्लीमेंटरी कॉपी नत्थी नहीं की गई तो किसी में कई कई प्रश्नों के नंबर ही नहीं दिए गए। गड़बड़ियां उजागर होने से सीबीएसई की जबर्दस्त फजीहत हो रही थी। इसी बीच वेदांत का यह ट्विट आया था। वेदांत ने कॉपी व राइटिंग दिखाते हुए अपनी कॉपी देने की मांग की थी। इस आरोप के बाद सोशल मीडिया पर कई लोग परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाने लगे। वेदांत की पोस्ट पर डीडी न्यूज के पत्रकार अशोक श्रीवास्तव नगैदवैाएटियखेभCBSEएगासथ??? उन्होंने दुबारा ट्विट किया व लिखा कि — अभी जानकारी मिली है कि वेदांत नाम का स्टूडेंट वास्तव में एक छात्र है। हालांकि उसके द्वीट की लोकेशन भारत से बाहर की क्यों दिखाई जा रही है इसकी पर्याय जानकारी अभी भी नहीं मिली है। लेकिन @vineet Jindal19 जी मेरे मित्र हैं और विश्वसनीय व्यक्ति हैं इसलिए उनकी जानकारी गलत नहीं होगी। सही जानकारी मिलते ही मैं अपना पुराना द्वीट डिलीट कर रहा हूं और वेदांत और उनके परिवार के बारे में जो गलत जानकारी फैलाई गई उसके लिए मै उनसे माफी भी मांगता हूं। लेकिन अभी भी उम्मीद करता हूं कि अकाउंट के लोकेशन की सही जानकारी मिले तो मामला और ज्यादा स्पष्ट होगा। याने माफी भी ऐसे अंदाज में मांगी कि वह फिर से सुर्खियां बन गई। अशोक श्रीवास्तव को लताड़ते हुए कई यूजर्स ने श्रीवास्तव से कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों का सत्यापन किया जाना चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने पत्रकारिता में फैक्ट चेक और जिम्मेदार टिप्पणी की आवश्यकता पर भी जोर दिया। गौरतलब ये भी है कि बाद में सीबीएसई ने अपनी गलती मानी और ट्विट करके वेदांत को उसकी कॉपी भेजने की बात बताई। इस पर जन आक्रोश भड़क उठा कि आखिर सरकारी तंत्र में काम करने वाला सीनियर पत्रकार ऐसी टिप्पणी कैसे कर सकता है? ऐसी टिप्पणी की जरूरत क्या है??? इस पर देशभर में शिक्षाविदों व अभिभावकों ने जब श्रीवास्तव की जमकर खबर ली तो श्रीवास्तव को अपनी गलती का अहसास हो गया। उन्होंने दुबारा ट्विट किया व लिखा कि — अभी जानकारी मिली है कि वेदांत नाम का स्टूडेंट वास्तव में एक छात्र है। हालांकि उसके द्वीट की लोकेशन भारत से बाहर की क्यों दिखाई जा रही है इसकी पर्याय जानकारी अभी भी नहीं मिली है। लेकिन @vineet Jindal19 जी मेरे मित्र हैं और विश्वसनीय व्यक्ति हैं इसलिए उनकी जानकारी गलत नहीं होगी। सही जानकारी मिलते ही मैं अपना पुराना द्वीट डिलीट कर रहा हूं और वेदांत और उनके परिवार के बारे में जो गलत जानकारी फैलाई गई उसके लिए मै उनसे माफी भी मांगता हूं। लेकिन अभी भी उम्मीद करता हूं कि अकाउंट के लोकेशन की सही जानकारी मिले तो मामला और ज्यादा स्पष्ट होगा। याने माफी भी ऐसे अंदाज में मांगी कि वह फिर से सुर्खियां बन गई। अशोक श्रीवास्तव को लताड़ते हुए कई यूजर्स ने श्रीवास्तव से कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों का सत्यापन किया जाना चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने पत्रकारिता में फैक्ट चेक और जिम्मेदार टिप्पणी की आवश्यकता पर भी जोर दिया। गौरतलब ये भी है कि बाद में सीबीएसई ने अपनी गलती मानी और ट्विट करके वेदांत को उसकी कॉपी भेजने की बात बताई। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation आयकर विभाग का मेगा आउटरीच कार्यक्रम आयोजित, नए आयकर अधिनियम 2025 की दी गई विस्तृत जानकारी आईपीओ लिस्टिंग के नाम पर 42 लाख ठगी का मामला सुलझा, जांच में आरोप साबित नहीं, कोर्ट ने एफआर स्वीकारी