— राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश में करीब 120 भैंस चोरी की 40 वारदातों का खुलासा, करीब 2 करोड़ रुपये कीमत के पशु चोरी करने की बात कबूली 24 News Update चित्तौड़गढ़। निकुम्भ थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय संगठित भैंस चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पिछले करीब दो वर्षों से राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात में सुनियोजित तरीके से भैंस चोरी की वारदातों को अंजाम देना कबूल किया है। पूछताछ में करीब 120 भैंस चोरी की 40 वारदातों का खुलासा हुआ है, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये बताई गई है।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आरिफ कालिया (25), सरफराज दतिया (25), शहजाद दतिया (33) और आसिफ दतिया (25) के रूप में हुई है। सभी आरोपी मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के मुल्तानपुरा क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना आरिफ कालिया पूर्व में भी मध्यप्रदेश में भैंस चोरी के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। मोटरसाइकिल से रैकी, पिकअप में भरकर ले जाते थे भैंसपुलिस पूछताछ में गिरोह के वारदात करने का तरीका भी सामने आया है। गिरोह के दो सदस्य मोटरसाइकिल से पहले निकलते और रास्ते में सुनसान पशु बाड़ों की रैकी करते थे। शाम करीब 9 से 10 बजे के बीच चोरी के लिए स्थान चिन्हित कर उसकी लोकेशन पिकअप में बैठे साथियों को भेजी जाती थी। इसके बाद पिकअप वाहन लेकर आरोपी मौके पर पहुंचते और सुनसान स्थान देखकर भैंसों को वाहन में भरकर मध्यप्रदेश की ओर रवाना हो जाते थे। पुलिस के अनुसार एक पिकअप में सामान्यतः तीन भैंसें भरकर ले जाई जाती थीं। वारदात के दौरान पिकअप पर नंबर प्लेट नहीं होती थी और टोल पर नकद भुगतान कर चालक मुंह ढककर अपनी पहचान छिपाता था। हर रविवार पशु हाट में बेचते थे चोरी की भैंसेंचोरी की गई भैंसों को मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के घूंदड़का गांव में रविवार को लगने वाले पशु हाट में बेच दिया जाता था। भैंसें बेचने के बाद मिलने वाली रकम को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। पुलिस के अनुसार आरोपी कई बार रात के समय पुलिस द्वारा रोके जाने पर भैंसें खरीदकर ले जाना बताते थे। रात में पशुओं की पहचान और उनके स्वामित्व की तत्काल पुष्टि करना मुश्किल होने का फायदा उठाकर आरोपी पुलिस की नजर से बच निकलते थे। राजस्थान, गुजरात और एमपी में फैला था नेटवर्कपुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में राजस्थान के अजमेर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, उदयपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, जालौर और पाली जिलों के विभिन्न क्षेत्रों से भैंस चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया है। इसके अलावा गुजरात के अहमदाबाद, गांधीनगर और मेहसाणा तथा मध्यप्रदेश के मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, जावरा, जावद, नागदा, बदनावर, रामपुरा, मनासा, सीतामऊ, भानपुरा, आलोट, बोतलगंज, पिपलियामंडी समेत कई क्षेत्रों से भी भैंस चोरी करने की बात सामने आई है। 28 जुलाई की चोरी से खुला गिरोह तक पहुंचने का रास्तानिकुम्भ पुलिस के अनुसार 28 जुलाई को गरदाना गांव से पांच भैंस चोरी होने के बाद पुलिस ने मामले को चुनौती के रूप में लिया। थाना प्रभारी प्रभुसिंह चूण्डावत के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र के आधार पर आरोपियों के आने-जाने के रास्तों को खंगालना शुरू किया। घटना के महज तीन-चार दिन बाद ही पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के मुल्तानपुर और बोतलगंज तक पहुंच गई। वहां आरोपियों के ठिकानों, गतिविधियों और संपर्कों के संबंध में लगातार सूचनाएं जुटाई गईं। आरोपियों की तलाश में निकली पुलिस टीम हादसे का शिकारपुलिस के अनुसार 31 जुलाई को आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश और निगरानी के बाद वापस लौट रही टीम का निजी वाहन तड़के करीब साढ़े तीन बजे निंबाहेड़ा-मंगलवाड़ रोड पर धीनवा के पास ट्रेलर से दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में पुलिस टीम के कई सदस्यों को गंभीर चोटें आईं। घायलों का उपचार निंबाहेड़ा, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर के जीबीएच सिटी हॉस्पिटल में कराया गया। पुलिस के अनुसार टीम के दो सदस्य अभी भी गंभीर चोटों से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद टीम ने जांच और आरोपियों की तलाश जारी रखी। मालनखेड़ी के पास बिछाया जाल, चारों आरोपी पकड़ेलगातार निगरानी और कुछ दिनों के अंतराल के बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी दोबारा मध्यप्रदेश से निंबाहेड़ा की तरफ वारदात के लिए आ रहे हैं। इस पर पुलिस टीम ने निंबाहेड़ा रोड पर मालनखेड़ी के पास जाल बिछाकर आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल पिकअप वाहन और मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर चोरी की गई भैंसों की बरामदगी और गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान में जुटी है। एसपी के निर्देश पर कार्रवाईपुलिस अधीक्षक चित्तौड़गढ़ धर्मेंद्र सिंह यादव के निर्देश पर कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा और बड़ीसादड़ी वृत्ताधिकारी हरीश चंद्र सिंह चूण्डावत के निकटतम सुपरविजन में निकुम्भ थानाधिकारी प्रभु सिंह चूण्डावत के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी।कार्रवाई में उपनिरीक्षक प्रभुसिंह, सहायक उपनिरीक्षक बंशीलाल, हेड कांस्टेबल उगमाराम, कांस्टेबल कमले, सम्पत, सूर्यपाल सिंह और थानसिंह शामिल रहे। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी की गई भैंसों की बरामदगी के लिए पूछताछ और संभावित ठिकानों पर कार्रवाई कर रही है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. 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