24 News Update निम्बाहेड़ा (कविता पारख)। धर्मनगरी निंबाहेड़ा बुधवार को तीन पूज्य जैन आचार्यों के ऐतिहासिक चातुर्मास प्रवेश की साक्षी बनेगी। मेवाड़ तीर्थोद्धारक आचार्य श्री निपुणरत्न सुरीश्वरजी महाराज, परम पूज्या श्री अर्हत रेखा श्रीजी म.सा. (आदि ठाणा-5), मालव भूषण आचार्य डॉ. मुक्तिसागर सुरीश्वरजी म.सा. तथा आचार्य श्री अचल मुक्तिसागर सुरीश्वरजी म.सा. के मंगल पदार्पण को लेकर पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल है। प्रमुख मार्गों को स्वागत द्वारों, धर्मध्वजाओं और धार्मिक सजावट से आकर्षक रूप दिया गया है।प्रवेश यात्रा रेलवे फाटक स्थित सुरेन्द्र डूंगरवाल के निवास से शुरू होकर मोती बाजार, सदर बाजार, श्री आदिनाथ जैन मंदिर, कचहरी, स्कूल और मंडी चौराहा होते हुए राजेंद्र सूरी ज्ञान मंदिर पहुंचेगी। यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालु चावल से पारंपरिक गवली, वंदामना, पुष्पवर्षा और अभिनंदन करेंगे। महिलाओं, युवाओं और बच्चों में आयोजन को लेकर विशेष उत्साह है।राजेंद्र सूरी ज्ञान मंदिर में धर्मसभा एवं मंगल प्रवचन के साथ चातुर्मास का शुभारंभ होगा। आगामी चार माह तक प्रवचन, तप, त्याग, आराधना, सामायिक, प्रतिक्रमण, स्वाध्याय और विभिन्न धार्मिक आयोजनों का लाभ हजारों श्रद्धालुओं को मिलेगा।इस बार वी.टी. चातुर्मास-2026 समिति ने आयोजन को पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा है। समिति ने निर्णय लिया है कि स्वागत के नाम पर खाद्य एवं पेय पदार्थों का वितरण नहीं किया जाएगा तथा प्लास्टिक की पानी की बोतलों, डिस्पोजेबल ग्लास और अन्य सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्मलाभ लेने तथा स्वच्छता, अनुशासन और धर्ममर्यादा बनाए रखने की अपील की है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation श्री आदिनाथ युवा मंडल की नई कार्यकारिणी गठित, हर्षद बोड़ाना अध्यक्ष और सनी सिंघवी महासचिव बने महावीर इंटरनेशनल पद्मिनी ने गौशाला में की गौसेवा, स्व. मदनलाल छाजेड़ की पुण्यस्मृति में गायों को खिलाई लापसी व हरा चारा