सुबह 6 बजे तक ब्लैकआउट; सरकारी कर्मचारियों की छुटि्टयां रद्द 24 न्यूज अपडेट, जयपुर। पहलगाम हमले के जवाब में भारत की एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने राजस्थान के पांच सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय वायुसेना और सेना ने मुस्तैदी से इन हमलों को नाकाम कर दिया। जैसलमेर में पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया गया, जबकि बाड़मेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर में रेड अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर में ब्लैकआउट लागू किया गया है, जिसमें जैसलमेर में रात 9 से सुबह 6 बजे तक बिजली कटौती रहेगी। पाकिस्तान ने राजस्थान के 5 सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना पाकिस्तान ने 8 मई की रात राजस्थान के नाल (बीकानेर), उत्तरलाई (बाड़मेर), और फलोदी एयरबेस पर मिसाइल अटैक किए, जिन्हें भारत के ै-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। इसके अलावा, जैसलमेर और पोकरण में ड्रोन हमले का भी प्रयास किया गया, लेकिन भारतीय सेना ने सतर्कता से इन ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया।बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी, 1070 किमी सीमा सीलबॉर्डर से सटे 1070 किलोमीटर लंबी सीमा को पूरी तरह सील कर दिया गया है। इन इलाकों में भारतीय सेना और वायुसेना ने सुरक्षा बढ़ा दी है। दावा किया जा रहा है कि सीमा से सटे पाकिस्तानी गांवों में भारी सैन्य गतिविधियां देखी जा रही हैं। वेस्टर्न सेक्टर के 5 से अधिक एयरबेस से दिन-रात पाकिस्तानी लड़ाकू विमान उड़ान भर रहे हैं। बॉर्डर जिलों में 9 आरएएस अधिकारियों की तैनाती राजस्थान सरकार ने बॉर्डर से सटे इलाकों में त्वरित प्रशासनिक व्यवस्था के लिए 9 आरएएस अधिकारियों को नियुक्त किया हैःमहेश चंद्र मान – एसडीएम, भणियाणा (जैसलमेर)प्रभजोत सिंह गिल – एसडीएम, मूंडवालाखाराम – एसडीएम, पोकरणसंदीप चौधरी – एसडीएम, बज्जू (बीकानेर)कुणाल राहड़ – एसडीएम, बीकानेर उत्तरभरतराज गुर्जर – एसडीएम, फतेहगढ़कविता गोदारा – सहायक कलेक्टर, सीकररामलाल मीणा – एसडीएम, गडरा रोड (बाड़मेर) फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक तैयारियांस्वायत्त शासन विभाग ने बीकानेर, श्रीगंगानगर, जैसलमेर, फलोदी, बाड़मेर और बालोतरा में 75 फायर ब्रिगेड तैनात की हैं। इसके साथ ही फायरमैन, राजस्व अधिकारी और नगर परिषद आयुक्त जैसे सभी रिक्त पद तुरंत भरने के आदेश जारी किए गए हैं। स्कूल, एयरपोर्ट और आतिशबाजी पर प्रतिबंध जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर और श्रीगंगानगर के सभी स्कूलों में अनिश्चितकालीन छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। जोधपुर, बीकानेर, किशनगढ़ और जैसलमेर के एयरपोर्ट बंद कर दिए गए हैं। बीकानेर और श्रीगंगानगर में आतिशबाजी पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है, जबकि कोटा में 7 जुलाई तक ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध है।अधिकारियों की छुट्टियां रद्द, ब्लैकआउट के आदेशसभी सरकारी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। गृह मंत्रालय ने सीमा से सटे इलाकों में रात 12 से सुबह 4 बजे तक ब्लैकआउट के निर्देश दिए हैं। फ्लाइट्स और रेलवे ऑपरेशन पर असर 10 मई तक बीकानेर, किशनगढ़ और जोधपुर एयरपोर्ट से सभी फ्लाइट ऑपरेशन्स बंद कर दिए गए हैं। जयपुर एयरपोर्ट से भी कई फ्लाइट्स को रद्द किया गया है। उत्तर-पश्चिम रेलवे ने भी अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। भारत-पाक तनाव के बीच सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर कड़ी नजर रख रही हैं। सीमा पर एसै-400 और अन्य एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम पूरी तरह से एक्टिव हैं। भारत सरकार ने साफ किया है कि किसी भी तरह की आक्रामकता का करारा जवाब दिया जाएगा। S-400 की तकनीकी विशेषताएँ रेंज और ऊँचाई: 400 किलोमीटर की अधिकतम रेंज और 30 किलोमीटर की अधिकतम ऊँचाई तक लक्ष्य को नष्ट करने की क्षमता। मल्टी-टार्गेट एंगेजमेंट: एक साथ 80 हवाई लक्ष्यों को ट्रैक कर 36 लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम। मिसाइल वैरायटी: 9M96E, 9M96E2, 48N6, और 40N6 मिसाइलें, जो अलग-अलग दूरी और ऊँचाई पर लक्ष्य को भेद सकती हैं। एडवांस्ड रडार सिस्टम: S-400 सिस्टम में अत्याधुनिक रडार जैसे 91N6E Big Bird, 92N6E Grave Stone और 96L6E Cheese Board शामिल हैं। रिस्पॉन्स टाइम: केवल 9-10 सेकंड, जो इसे दुनिया की सबसे तेज़ वायु रक्षा प्रणालियों में से एक बनाता है। भारत और S-400 सौदाभारत ने 2018 में रूस से 5.43 बिलियन अमेरिकी डॉलर की कीमत पर पांच S-400 बैटरी का सौदा किया। यह सौदा भारत की ‘मेक इन इंडिया’ नीति के बावजूद रणनीतिक सुरक्षा आवश्यकताओं के तहत किया गया । रणनीतिक बढ़त: S-400 की तैनाती से भारत को चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से हवाई खतरों का सामना करने में बड़ी मदद मिलेगी। मल्टी-लेयर डिफेंस: यह सिस्टम लंबी, मध्यम और छोटी दूरी की मिसाइलों को एक साथ नष्ट कर सकता है, जिससे भारत की रक्षा क्षमता कई गुना बढ़ गई है। स्टील्थ डिटेक्शन: यह स्टील्थ फाइटर जेट्स (जैसे F-35) और हाइपरसोनिक मिसाइलों का भी पता लगा सकता है। S-400 और S-300 का संयोजन: भारत के पास पहले से ही S-300 वेरिएंट हैं, जो S-400 के साथ मिलकर एक घातक वायु रक्षा ढांचा तैयार करता है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation श्रीगंगानगर में 2 महीने तक ड्रोन उड़ाने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध जनसंपर्क अधिकारी (सूचना एवं जनसंपर्क विभाग) परीक्षा-2024, 14 मई को अपलोड किए जाएंगे प्रवेश-पत्र