24 News Update. 800 फीट लंबे जिनशासन ध्वज के साथ सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया गौरवमयी यात्रा में भाग निम्बाहेड़ा। वर्धमान तपोत्सव चातुर्मास समिति, निम्बाहेड़ा के तत्वावधान में परम पूज्य प्रन्यास प्रवर श्री राजरत्न विजय जी महाराज साहब की 99वीं ओलीजी की पूर्णता के पावन निमित्त त्रिदिवसीय धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला में आज भव्य शासन ध्वज यात्रा का आयोजन श्रद्धा, उत्साह एवं धार्मिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।यात्रा का शुभारंभ श्री राजेन्द्र सूरी ज्ञान मंदिर से हुआ। आयोजन की विशेष आकर्षण एवं गौरवपूर्ण विशेषता रहा 800 फीट लंबा विशाल जिनशासन ध्वज, जिसे श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह एवं अनुशासन के साथ थामकर नगर के प्रमुख मार्गों से यात्रा निकाली। विशाल ध्वज के साथ आगे बढ़ती धर्मप्रेमियों की कतार ने पूरे वातावरण को जिनशासन की भक्ति एवं गौरव से भर दिया।यात्रा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं एवं धर्मप्रेमी नागरिकों ने सहभागिता की। श्रद्धालुओं के चेहरे पर उत्साह और हृदय में जिनशासन के प्रति श्रद्धा स्पष्ट दिखाई दी। शासन ध्वज यात्रा ने नगरवासियों को जिनशासन की आन-बान-शान एवं शासन ध्वज के सम्मान का संदेश दिया। छाजेड़ परिवार रहा मुख्य लाभार्थी इस त्रिदिवसीय धार्मिक आयोजन के मुख्य लाभार्थी स्व. श्री राजमलजी छाजेड़ एवं सुश्री कुहू की स्मृति में श्रीमती सोहनबाई, सौभाग्यमल-विजयलक्ष्मी, सुरेन्द्र-मोनिका, महावीर-ज्योति, हर्ष-प्रेरणा, नितांत, गौरव, पहल, जिनय, धार्विक एवं समस्त छाजेड़ परिवार (चिकारड़ा वाले) रहे।छाजेड़ परिवार द्वारा आयोजित इस पावन आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सहभागी बनकर धार्मिक आराधना एवं तप की अनुमोदना की। परिवार की ओर से सभी तपस्वियों को प्रभावना स्वरूप विशेष सिक्का भेंट किया गया तथा उपस्थित श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमीजन का आत्मीय अभिवादन किया गया। 315 आयम्बिल से बना नया कीर्तिमान इसी पावन अवसर पर सकल जैन श्री संघ, निम्बाहेड़ा द्वारा श्री राजेन्द्र सूरी ज्ञान मंदिर में सामूहिक आयम्बिल का आयोजन किया गया। आयोजन में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला और एक ही पंडाल में 315 आयम्बिल सम्पन्न हुए, जिसने पिछले सभी सामूहिक आयम्बिल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया।इस सामूहिक आराधना की विशेष बात यह रही कि 6 वर्षीय लिवांश मोगरा, जिन्होंने पहली बार आयम्बिल की आराधना की, से लेकर 95 वर्षीय श्री समरथमल सिंघवी तक ने आयम्बिल तप में सहभागिता की। विभिन्न आयु वर्ग के तपस्वियों ने अपनी तपस्या के माध्यम से प्रन्यास प्रवर श्री राजरत्न विजय जी महाराज साहब की 99वीं ओलीजी की भावपूर्ण अनुमोदना की।यह दृश्य पूरे जैन समाज के लिए विशेष प्रेरणादायी रहा, जहां बालक से लेकर वरिष्ठजनों तक ने तप-आराधना में सहभागिता कर धर्म के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। शाम को महापूजा एवं ‘एक शाम उपकारियों के नाम’ दिनभर के धार्मिक आयोजनों के पश्चात शाम को जैन धर्म के रहस्यों एवं आध्यात्मिक भावों पर आधारित विशेष महापूजा का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ महापूजा में सहभागिता कर आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया।रात्रि में गुजरात के नवसारी से पधारे सुप्रसिद्ध कलाकार प्रतीक भाई एवं वैभव भाई द्वारा ‘एक शाम उपकारियों के नाम’ कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में माता-पिता के उपकार एवं उनके प्रति कृतज्ञता को संगीत, भाव एवं संवेदनाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमुदाय को भावविभोर कर दिया। धर्म, तप और संस्कारों का अनुपम संगम शासन ध्वज यात्रा, 315 सामूहिक आयम्बिल, विशेष महापूजा तथा माता-पिता के प्रति कृतज्ञता पर आधारित संगीतमय कार्यक्रम—इन सभी आयोजनों ने निम्बाहेड़ा में धर्म, तप, संस्कार और सेवा की एक अनुपम तस्वीर प्रस्तुत की।वर्धमान तपोत्सव चातुर्मास समिति एवं छाजेड़ परिवार के संयोजन में सम्पन्न यह आयोजन जिनशासन के प्रति श्रद्धा, तप के प्रति समर्पण और संस्कारों के प्रति कृतज्ञता का प्रेरणादायी संदेश देकर सम्पन्न हुआ। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation त्रिस्तुतिक संघ के जयन्त ज्योति बहु परिषद की नवीन कार्यकारिणी गठितअंजू बाबेल अध्यक्ष, मोनिका विरानी उपाध्यक्ष एवं रेखा पारख सचिव मनोनीत विधायक कृपलानी के नेतृत्व में प्रतापगढ़ में मुख्यमंत्री भजनलाल से मिलीं नवनिर्वाचित सभापति भूतड़ा