उदयपुर, 16 अक्टूबर। राजस्थान विद्यापीठ के प्रतापनगर परिसर में शुक्रवार को डांडिया महोत्सव के दूसरे दिन लोक संस्कृति के रंग बिखरे। गुजराती और राजस्थानी गीतों की धुन पर पारंपरिक परिधानों में सजे विद्यार्थियों और शिक्षकों ने गरबा-डांडिया की प्रस्तुतियों से उत्सव का माहौल बना दिया। आयोजन में नृत्य, संगीत और सामूहिक सहभागिता के जरिए भारतीय संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का संदेश दिया गया। महोत्सव का शुभारंभ कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर और कुलपति प्रो. मंजू मांडोत ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के साथ किया। कार्यक्रम में अकादमिक और गैर-अकादमिक संकाय सदस्यों के साथ कंप्यूटर, प्रबंध अध्ययन संस्थान, सोशल वर्क, कन्या महाविद्यालय, योग और पर्यटन विभाग के विद्यार्थियों ने उत्साह से भाग लिया। पारंपरिक लोकनृत्यों की प्रस्तुतियों ने परिसर को सांस्कृतिक उत्सव के रंग में रंग दिया। संस्कृति से जुड़ाव नई पीढ़ी के लिए जरूरी कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर ने कहा कि भारतीय संस्कृति देश की पहचान और गौरव है। ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी परंपराओं, लोककलाओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कारों और परंपराओं के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उनके अनुसार, सांस्कृतिक कार्यक्रम आपसी सौहार्द, एकता और सामूहिक सहभागिता को भी मजबूत करते हैं। कुलपति प्रो. मंजू मांडोत ने कहा कि सांस्कृतिक महोत्सव विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने के साथ उनमें रचनात्मकता, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करते हैं। गरबा और डांडिया भारतीय सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण अंग हैं और इन्हें अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में युवाओं की भूमिका अहम है। महोत्सव में प्रस्तुतियों का मूल्यांकन प्रो. हेमेन्द्र चौधरी, डॉ. दिलीप सिंह चौहान और डॉ. लीली जैन ने किया। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर और कुलपति प्रो. मंजू मांडोत ने प्रमाणपत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation बांद्रा टर्मिनस–जयपुर एक्सप्रेस का नवसारी में ठहराव, 26 अक्टूबर से मिलेगी सुविधा जिला परिषद प्रत्याशी 3 लाख से ज्यादा नहीं कर सकेंगे खर्च, क्या वास्तव में ऐसा होगा??