24 News Update चित्तौड़गढ़। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत सरकारी गेहूं के कथित गबन के दो मामलों में रसद विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए शंभूपुरा थाने में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज करवाई हैं। दोनों मामलों में कुल 473.47 क्विंटल (47,347 किलोग्राम) सरकारी गेहूं के गबन का आरोप लगाया गया है।जिला रसद विभाग के अनुसार, चित्तौड़गढ़ तहसील के चिकसी और गिलूंड स्थित उचित मूल्य दुकानों की आकस्मिक जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। जांच के बाद दोनों दुकानों को निलंबित कर दिया गया था। बाद में चार्ज हस्तांतरण के दौरान स्टॉक का मिलान किया गया तो बड़ी मात्रा में सरकारी गेहूं गायब मिला। संबंधित डीलरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया, लाइसेंस निरस्त किए गए तथा गेहूं वापस जमा कराने का अवसर भी दिया गया, लेकिन निर्धारित अवधि तक अनाज जमा नहीं कराया गया। इसके बाद प्रवर्तन अधिकारी सुमन तिवारी ने दोनों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करवाई। चिकसी दुकान से 232.95 क्विंटल गेहूं गायबपहला मामला चिकसी गांव की उचित मूल्य दुकान का है, जिसका संचालन गौरव सरगरा कर रहा था। 23 मई 2025 को विभागीय जांच के दौरान दुकान बंद मिली और डीलर से संपर्क भी नहीं हो सका। मौके पर मौजूद उपभोक्ताओं ने अधिकारियों को बताया कि उनसे ई-पीओएस मशीन पर अंगूठे लगवा लिए जाते थे, लेकिन बाद में राशन नहीं दिया जाता था।जांच के बाद 18 जून 2025 को दुकान निलंबित कर दी गई। चार्ज हस्तांतरण के समय पीओएस मशीन में 232.95 क्विंटल गेहूं का स्टॉक दर्ज था, जबकि मौके पर एक भी किलो गेहूं नहीं मिला। विभाग ने इसे सरकारी अनाज के गबन का मामला माना। नोटिस के जवाब में डीलर ने मोबाइल डिस्चार्ज होने और पारिवारिक समस्याओं का हवाला दिया, लेकिन विभाग ने जवाब को असंतोषजनक मानते हुए 19 मार्च 2026 को उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया। गिलूंड दुकान से 240.52 क्विंटल गेहूं का अभावदूसरा मामला गिलूंड गांव की उचित मूल्य दुकान का है, जिसका संचालन जनक कंवर कर रही थी। 7 मई 2025 को आकस्मिक निरीक्षण के दौरान दुकान बंद मिली। उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि दुकान महीने में केवल दो-तीन दिन ही खुलती थी, जिससे उन्हें समय पर राशन नहीं मिल पाता था। निलंबन के बाद स्टॉक सत्यापन में पीओएस मशीन पर 25,436 किलो गेहूं दर्ज मिला, जबकि मौके पर केवल 1,384 किलो गेहूं उपलब्ध था। इस प्रकार 240.52 क्विंटल गेहूं का अभाव पाया गया। विभाग ने नोटिस जारी किया, लेकिन डीलर का जवाब भी संतोषजनक नहीं माना गया और 19 मार्च 2026 को उसका लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया। अब पुलिस करेगी जांचरसद विभाग का कहना है कि दोनों डीलरों ने राजस्थान खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक पदार्थ (वितरण का विनियमन) आदेश-1976 तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश-2015 के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। दोनों मामलों में शंभूपुरा थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation अब आसान होगा चित्तौड़गढ़ का सफर: बाईपास प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहण प्रक्रिया तेज अमावस्या पर सांवलियाजी में उमड़ा आस्था का सैलाब, स्वर्ण पोशाक में हुए सांवरा सेठ के दिव्य दर्शन