24 News Update चित्तौड़गढ़. चित्तौड़गढ़ शहर के लिए लंबे समय से जिस बाईपास का इंतजार किया जा रहा था, वह अब हकीकत बनने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ गया है। केंद्र सरकार ने चित्तौड़गढ़ बाईपास प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही परियोजना का रास्ता लगभग साफ हो गया है और जल्द ही आगे की प्रक्रिया भी शुरू होने की उम्मीद है। यह बाईपास राष्ट्रीय राजमार्ग-27 को राष्ट्रीय राजमार्ग-48 से जोड़ेगा। इसके बनने से शहर के बीच से गुजरने वाले भारी गाड़ियों का दबाव कम होगा, ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर बनेगी और लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से काफी राहत मिलेगी। साथ ही उद्योग, व्यापार और पर्यटन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। कई गांवों से होकर निकलेगा बाईपास सांसद सी.पी. जोशी ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके तहत गंगरार तहसील के डेट, भवानीपुरा, मेडीखेड़ा और शिवपुरा के साथ बस्सी तहसील के आंवलहेड़ा बिलिया, नगरी और गुर्जरखेड़ा सहित कई गांवों की जमीन इस परियोजना में आएगी। अधिसूचना जारी होने के बाद अब इन गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके बाद निर्माण काम शुरू करने का रास्ता भी आसान हो जाएगा। शहर की ट्रैफिक समस्या का होगा समाधान चित्तौड़गढ़ शहर से हर दिन बड़ी संख्या में ट्रक और दूसरे भारी गाड़ियां गुजरते हैं। इससे शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक का दबाव बना रहता है और लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है। बाईपास बनने के बाद ऐसे वाहन सीधे नए रास्ते से निकल सकेंगे। इससे शहर के अंदर ट्रैफिक कम होगा, सफर आसान बनेगा और सड़क हादसों में भी कमी आने की संभावना है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने वाले गाड़ियों का समय भी बचेगा और लंबी दूरी का सफर पहले से ज्यादा सुगम होगा। उद्योग, व्यापार और पर्यटन को मिलेगा फायदा बाईपास का फायदा सिर्फ ट्रैफिक तक सीमित नहीं रहेगा। चित्तौड़गढ़ औद्योगिक और पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण जिला है। बेहतर सड़क संपर्क बनने से उद्योगों तक माल पहुंचाना आसान होगा और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। वहीं विश्व धरोहर चित्तौड़गढ़ दुर्ग सहित जिले के पर्यटन स्थलों तक पहुंचने वाले पर्यटकों को भी बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी। इससे जिले के आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। कई सड़क परियोजनाओं के बाद अब बाईपास की बारी पिछले कुछ सालों में चित्तौड़गढ़ संसदीय क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्गों और सड़क विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं पर काम हुआ है। किशनगढ़-अहमदाबाद सिक्स लेन, देसूरी-भटेवर नेशनल हाईवे, प्रतापगढ़, देबारी और मंगलवाड़ बाईपास सहित कई सड़कें, सर्विस रोड, अंडरपास और ओवरब्रिज बनाए गए हैं। अब चित्तौड़गढ़ बाईपास परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने से लोगों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद बढ़ गई है। अगर निर्माण काम तय समय पर पूरा होता है तो यह बाईपास आने वाले समय में चित्तौड़गढ़ की यातायात व्यवस्था और विकास की तस्वीर बदलने वाली बड़ी परियोजनाओं में शामिल होगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation हरियाणा से चोरी हुई रोडवेज बस चित्तौड़गढ़ में फिल्मी अंदाज में पकड़ी, ट्रकों से रोका हाईवे; ड्राइवर बोला- ‘जाम क्यों लगा है?