विप्र फाउंडेशन की निःशुल्क संगोष्ठी में काउंसलिंग, कॉलेज चयन एवं करियर विकल्पों पर दी विस्तृत जानकारी 24 NEws Udpate उदयपुर, 7 सितम्बर। विप्र फाउंडेशन जोन 1-ए के प्रदेश शिक्षा, रोजगार एवं प्रतियोगी परीक्षा प्रकोष्ठ की ओर से निम्बार्क बी.एड. कॉलेज में नीट -यूजी 2026 मेडिकल प्रवेश मार्गदर्शन एवं परामर्श संगोष्ठी का आयोजन किया गया। निःशुल्क आयोजित संगोष्ठी में शहर सहित आसपास की तहसीलों एवं दूरस्थ गांवों से बड़ी संख्या में नीट सफल विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।कार्यक्रम के मुख्य मार्गदर्शक डॉ. विशाल शर्मा ने छम्म्ज्-न्ळ 2026 की द्वितीय एवं तृतीय काउंसलिंग प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देते हुए एमबीबीएस, बीडीएस, बीओटी सहित विभिन्न स्वास्थ्य विज्ञान पाठ्यक्रमों के विकल्पों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कॉलेज चयन, शुल्क संरचना, सीट अपग्रेडेशन एवं प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया।डॉ. विश्वप्रिय शर्मा ने विद्यार्थियों को काउंसलिंग के दौरान अल्प जानकारी अथवा जल्दबाजी में चॉइस फिलिंग करने से होने वाली संभावित गलतियों के प्रति सचेत किया। उन्होंने कहा कि कॉलेज का चयन केवल प्रतिष्ठा या कटऑफ के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि कॉलेज के इंफ्रास्ट्रक्चर, हॉस्टल सुविधा, शिक्षण स्तर, फीस स्ट्रक्चर, दस्तावेज सत्यापन तथा राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय काउंसलिंग के नियमों को भी ध्यान में रखना आवश्यक है। उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन में स्टेट कोटा से जुड़े प्रावधानों को भी कॉलेज चयन के समय समझने की सलाह दी।डॉ. तनु शर्मा ने मेडिकल कॉलेज चयन में भाषा एवं संस्कृति, गृह राज्य से दूरी तथा संबंधित राज्य की बॉन्ड पॉलिसी जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि मेडिकल शिक्षा के दौरान बेहतर क्लिनिकल अनुभव के लिए संबंधित कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की उपलब्धता तथा स्थानीय भाषा का ज्ञान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।आयुर्वेदाचार्य प्रो. श्री राम शर्मा ने बीएएमएस एवं बीएचएमएस पाठ्यक्रमों के वर्तमान परिदृश्य, रोजगार एवं करियर की संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी रुचि, क्षमता एवं भविष्य की योजना के अनुरूप चिकित्सा क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन कर निर्णय लेने का आह्वान किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता विप्र फाउंडेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य एवं शिक्षा, रोजगार एवं प्रतियोगी परीक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. एच. आर. दवे ने की। उन्होंने कहा कि नीट में सफलता प्राप्त करने के बाद उचित कॉलेज एवं पाठ्यक्रम का चयन विद्यार्थी के भविष्य और करियर की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय है। इसी उद्देश्य से शिक्षा प्रकोष्ठ द्वारा गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी सर्व समाज के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क संगोष्ठी आयोजित कर विशेषज्ञों के माध्यम से प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराई गई है।संगोष्ठी का संचालन प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव गणेश नागदा ने किया। उन्होंने विप्र फाउंडेशन के उद्देश्यों एवं शिक्षा प्रकोष्ठ की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर विज्ञान विशारद एवं शिक्षाविद् सत्य प्रकाश त्रिवेदी, फाउंडेशन के पदाधिकारी राजेश पालीवाल, नीरज नागदा एवं मुकेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर एवं जिज्ञासा समाधान सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने काउंसलिंग, चॉइस फिलिंग, कॉलेज चयन, फीस, बॉन्ड एवं विभिन्न मेडिकल पाठ्यक्रमों से संबंधित प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने सभी प्रश्नों का विस्तार पूर्वक समाधान करते हुए विद्यार्थियों को सही निर्णय लेने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। अंत में दीपिका मेनारिया ने आभार व्यक्त किया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation ग्रामीण वोटरों को दो दिन पहले LPG की राहत, 45 दिन का इंतजार खत्म भगवान को हमारा उपवास नहीं, सेवा के लिए हमारे हाथ चाहिए : प्रशांत अग्रवाल