24 News Update डूंगरपुर। चोरी के आरोप में हिरासत में लिए गए युवक दिलीप अहारी की मौत के बाद पिछले तीन दिनों से कलेक्ट्रेट पर जारी आदिवासी समाज का पड़ाव प्रशासन से सहमति बनने के बाद बुधवार देर रात खत्म हो गया। मांगों पर सहमति बनने के बाद उदयपुर मेडिकल बोर्ड की देखरेख में पोस्टमार्टम शुरू किया गया। अब मृतक का अंतिम संस्कार कल उसके पैतृक गांव कलारिया में किया जाएगा।25 सितंबर को दोवड़ा थाना पुलिस ने चोरी के आरोप में दिलीप अहारी को हिरासत में लिया था। पूछताछ के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई। पहले स्थानीय अस्पताल और फिर उदयपुर रेफर किया गया, जहां 30 सितंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों की मारपीट के चलते दिलीप की तबीयत बिगड़ी और समय पर इलाज न मिलने से उसकी जान गई।पुलिसकर्मियों पर कार्रवाईमामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मनीष कुमार ने दोवड़ा थाना के सीआई तेजकरण चारण, एएसआई वल्लभ राम पाटीदार, हैड कॉन्स्टेबल सुरेश कुमार, कॉन्स्टेबल पुष्पेंद्र सिंह और माधव सिंह को निलंबित कर दिया। लेकिन आदिवासी समाज और परिजनों की मांग थी कि इन पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए।तीन दिन तक कलेक्ट्रेट पर पड़ावयुवक की मौत के बाद परिजन और आदिवासी समाज के लोग कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। प्रतिनिधि मंडल ने प्रशासन के साथ लगातार तीन दौर की वार्ता की। आसपुर विधायक उमेश मीणा, अनुतोष रोत, कांति भाई समेत 10 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने परिजनों की ओर से प्रशासन से वार्ता की। तीसरे दौर की वार्ता में एडीएम दिनेशचंद्र धाकड़, एएसपी अशोक कुमार, प्रभारी मंत्री बाबूलाल खराड़ी, सांसद मन्नालाल, सांसद राजकुमार रोत, विधायक अनिल कटारा, कलेक्टर अंकित कुमार और एसपी मनीष कुमार मौजूद रहे। 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने पर सहमति जताई। हालांकि यह अपुष्ट खबर है इसमें संशोधन हो सकता है। मृतक के परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने का आश्वासन दिया गया। परिजनों की मांग थी कि 1 करोड़ रुपये मुआवजा और स्थायी सरकारी नौकरी दी जाए, लेकिन वार्ता में बीच का रास्ता निकला। पांच निलंबित पुलिसकर्मियों पर आगे की कानूनी कार्रवाई पर भी सहमति बनी है।मेडिकल बोर्ड से हुआ पोस्टमार्टमसमझौते के बाद उदयपुर में मेडिकल बोर्ड की देखरेख में पोस्टमार्टम शुरू किया जा रहा है। इसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाना है। अब दिलीप अहारी का अंतिम संस्कार कल उसके गांव कलारिया में किया जाएगा।अब भी उठते सवालहिरासत में रहते हुए दिलीप अहारी की तबीयत कैसे बिगड़ी? क्या पूछताछ के दौरान उसके साथ मारपीट हुई? क्या निलंबित पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज होगा या मामला विभागीय कार्रवाई तक सीमित रह जाएगा?क्या प्रशासन का मुआवजा और नौकरी का आश्वासन आदिवासी समाज के गुस्से को शांत कर पाएगा? सीसीटीवी फुटेज कौन चेक करेगा? Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation पुलिस हिरासत में मौत पर बवाल बढ़ता देख 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड, मुआवजे में 1 करोड़ की डिमांड, प्रशासन 25 लाख तक पहुंचा तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से युवक की मौत