चित्तौड़गढ़, 21 सितंबर। चित्तौड़गढ़ नगर परिषद में सभापति पद के लिए सोमवार को हुए चुनाव में भाजपा ने बाजी मार ली। भाजपा प्रत्याशी अनिल ईनाणी ने कांग्रेस के नगेंद्र सिंह राठौड़ को 12 वोटों के अंतर से हराते हुए सभापति पद पर जीत दर्ज की। ईनाणी को कुल 36 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी नगेंद्र सिंह राठौड़ के खाते में 24 वोट आए। सुबह 10 बजे शुरू हुई मतदान प्रक्रिया के बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किया गया। चुनाव परिणाम सामने आते ही भाजपा समर्थकों में उत्साह का माहौल बन गया और नगर परिषद के बाहर ईनाणी के समर्थकों ने उनका स्वागत किया। सभापति चुनाव को लेकर सुबह से ही चित्तौड़गढ़ नगर परिषद परिसर में राजनीतिक हलचल तेज रही। भाजपा और कांग्रेस दोनों खेमों की ओर से अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए पूरी रणनीति के साथ मतदान स्थल पर पहुंचाया गया। भाजपा के पार्षद एक साथ बस में नगर परिषद पहुंचे। परिसर में प्रवेश से पहले पार्षदों की जांच की गई और सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें मतदान के लिए अंदर भेजा गया। मतदान के बाद पार्षदों को एक-एक कर बाहर निकाला गया और उन्हें वापस बसों में बैठाया गया। कांग्रेस की ओर से भी पार्षद अलग-अलग समूहों में मतदान के लिए पहुंचे।चित्तौड़गढ़ नगर परिषद में हुए हालिया निकाय चुनाव के परिणामों में भाजपा को 33 वार्डों में जीत मिली थी, जबकि कांग्रेस के 23 पार्षद निर्वाचित हुए और चार वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे। ऐसे में भाजपा के पास सभापति चुनाव के लिए शुरुआत से ही संख्या बल मजबूत था। हालांकि सभापति चुनाव में अनिल ईनाणी को 36 वोट मिलने से यह भी स्पष्ट हुआ कि उन्हें भाजपा के घोषित संख्या बल से अतिरिक्त समर्थन मिला। दूसरी तरफ कांग्रेस प्रत्याशी नगेंद्र सिंह राठौड़ को 24 वोट मिले, जो कांग्रेस के 23 पार्षदों से एक अधिक है। इन आंकड़ों से दोनों खेमों में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका भी महत्वपूर्ण दिखाई देती है। मतदान के दौरान वार्ड नंबर 18 से निर्दलीय पार्षद मुकेश भाजपा पार्षदों के साथ नगर परिषद पहुंचे। वहीं वार्ड नंबर 59 से निर्दलीय पार्षद प्रमोद राजपुरोहित अलग से नगर परिषद पहुंचे। प्रमोद राजपुरोहित के साथ पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष किशन शर्मा, पूर्व मंडल उपाध्यक्ष रामचंद्र मेवाड़ा और नवीन गुर्जर भी मौजूद रहे। निर्दलीय पार्षदों की मौजूदगी को लेकर सुबह से ही राजनीतिक हलकों में चर्चाएं चलती रहीं, लेकिन परिणाम सामने आने के बाद ही मतदान का वास्तविक गणित साफ हुआ।कांग्रेस खेमे में भी मतदान से पहले गतिविधियां तेज रहीं। पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत अपने गुट के निर्दलीय सहित 19 पार्षदों के साथ नगर परिषद पहुंचे। उनके साथ वार्ड नंबर 41 से निर्दलीय पार्षद इरशाद भी मौजूद रहे। इससे पहले कांग्रेस के संदीप शर्मा गुट के पांच पार्षद नगर परिषद पहुंचे थे। कांग्रेस प्रत्याशी नगेंद्र सिंह राठौड़ भी पार्टी नेताओं और समर्थकों के साथ मतदान स्थल पर पहुंचे। कांग्रेस ने सभापति पद के चुनाव में भाजपा के सामने चुनौती पेश करने की कोशिश की, लेकिन परिणाम में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में 36 वोट आए और कांग्रेस प्रत्याशी 24 वोट पर रुक गए।चुनाव को देखते हुए नगर परिषद परिसर और आसपास सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव ने नगर परिषद पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। उनके साथ पुलिस जाब्ता और क्यूआरटी की टीम मौजूद रही। डीएसपी बृजेश सिंह, कोतवाली थाना अधिकारी रजनीश कुमार, सदर थानाधिकारी प्रेम सिंह और गंगरार थानाधिकारी तुलसीराम प्रजापत सहित पुलिस अधिकारी और जवान मौके पर तैनात रहे। प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए संबंधित नगर निकाय और निर्वाचन स्थल पर कार्यपालक मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए थे।मतदान के दौरान वार्ड नंबर 11 से भाजपा के निर्वाचित पार्षद भोलाराम प्रजापत के नगर परिषद से बाहर निकलते ही समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी की। समर्थकों ने उनका स्वागत किया और उन्हें उपसभापति बनाए जाने की मांग को लेकर नारे लगाए। इससे सभापति चुनाव के साथ ही उपसभापति पद को लेकर भाजपा के भीतर चल रही राजनीतिक चर्चाओं का भी अंदाजा लगा। अब सभापति का चुनाव भाजपा के पक्ष में जाने के बाद उपसभापति पद के लिए दावेदारों और पार्टी के अंदरूनी समीकरणों पर नजर रहेगी।परिणाम घोषित होने के बाद भाजपा के नवनिर्वाचित सभापति अनिल ईनाणी नगर परिषद से बाहर आए तो उनके समर्थकों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। ईनाणी ने अपने माता-पिता के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनके माता-पिता भावुक दिखाई दिए और समर्थकों ने सांवलिया सेठ के जयकारे लगाए। ईनाणी के दिव्यांग समर्थक बाबूलाल कीर भी मौके पर पहुंचे और उनका फूल-मालाओं से स्वागत किया। चुनाव प्रचार के दौरान बाबूलाल लगातार ईनाणी के साथ रहे थे।जीत के बाद अनिल ईनाणी ने कहा कि अब उनका पूरा ध्यान चित्तौड़गढ़ शहर के विकास पर रहेगा। उन्होंने सांसद, विधायक और मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि शहर के विकास के लिए जो भी आवश्यकता होगी, उस पर काम किया जाएगा। उन्होंने सड़क निर्माण से जुड़े कार्यों का भी जिक्र किया और कहा कि कई सड़कों के टेंडर पहले हो चुके हैं, लेकिन कुछ कारणों से डामर समय पर उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण काम प्रभावित हुआ। अब इन कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।सभापति चुनाव के परिणाम के साथ ही चित्तौड़गढ़ नगर परिषद में भाजपा के नए बोर्ड का नेतृत्व तय हो गया है। 60 सदस्यीय परिषद में वार्ड चुनाव के दौरान भाजपा को स्पष्ट संख्या बल मिला था और अब सभापति पद पर भी भाजपा प्रत्याशी की जीत हो गई है। चुनाव में अनिल ईनाणी को 36 और नगेंद्र सिंह राठौड़ को 24 वोट मिलना यह बताता है कि अंतिम मतदान में भाजपा प्रत्याशी को अपने मूल संख्या बल से अतिरिक्त समर्थन हासिल हुआ। दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी को भी पार्टी के घोषित संख्या बल से एक वोट अधिक मिला। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation श्री सांवलियाजी धाम में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, जलझूलनी एकादशी पर 21 से 23 सितम्बर तक भव्य मेला