डूंगरपुर, 21 सितंबर। डूंगरपुर जिले की दो प्रमुख नगर निकायों में सोमवार को सभापति और अध्यक्ष पद के चुनाव के नतीजे सामने आ गए। डूंगरपुर नगर परिषद में भाजपा की सुशीला गुप्ता सभापति निर्वाचित हुईं, जबकि सागवाड़ा नगर पालिका में भाजपा की आशा पाटीदार अध्यक्ष बनीं। डूंगरपुर में सुशीला गुप्ता को 25 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के भरत नागदा को 12 वोट मिले। BAP के तीन पार्षद मतदान के लिए नहीं पहुंचे। इसके साथ ही डूंगरपुर नगर परिषद में भाजपा ने लगातार आठवीं बार बोर्ड बनाने में सफलता हासिल की। सागवाड़ा में आशा पाटीदार को 23 और कांग्रेस की भूमिका पंचाल को 8 वोट मिले, जबकि BAP के चार पार्षदों ने मतदान नहीं किया। डूंगरपुर नगर परिषद में सभापति पद के चुनाव को लेकर सुबह से ही राजनीतिक हलचल बनी हुई थी। 40 सदस्यीय परिषद में भाजपा के 24 पार्षद थे और भाजपा से बागी होकर निर्दलीय चुनाव जीते सुनील जैन ने भी भाजपा को समर्थन दिया था। इस तरह भाजपा के पक्ष में 25 वोट का आंकड़ा बन रहा था। कांग्रेस के पास 12 पार्षद थे, जबकि BAP के तीन पार्षदों के रुख को लेकर मतदान तक स्थिति स्पष्ट नहीं थी। चुनाव से पहले भाजपा के पार्षदों की बाड़ेबंदी की गई थी और मतदान के लिए उन्हें सीधे नगर परिषद लाया गया। मतदान के दिन भाजपा के 24 पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद सुनील जैन सबसे पहले मतदान केंद्र पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था के बीच पार्षदों को मतदान केंद्र में प्रवेश दिया गया। इसके बाद कांग्रेस के 12 पार्षद भी अपने प्रत्याशी भरत नागदा के साथ मतदान करने पहुंचे। प्रशासन की ओर से मतदान की प्रक्रिया के लिए दोपहर 2 बजे तक का समय निर्धारित था। BAP के तीन पार्षद मतदान के लिए नहीं पहुंचे और निर्धारित समय के बाद परिणाम घोषित किया गया। मतगणना के बाद भाजपा की सुशीला गुप्ता को 25 और कांग्रेस के भरत नागदा को 12 वोट मिले। इस तरह सुशीला गुप्ता ने 13 वोट के अंतर से जीत दर्ज की। परिणाम घोषित होते ही भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जश्न मनाया। सुशीला गुप्ता के सभापति बनने के साथ ही डूंगरपुर नगर परिषद में भाजपा के लगातार आठवें बोर्ड का गठन हुआ है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार यह डूंगरपुर निकाय के इतिहास में तीसरी बार है जब सभापति पद पर किसी महिला को जिम्मेदारी मिली है। सुशीला गुप्ता की जीत के साथ डूंगरपुर नगर परिषद की राजनीति में एक खास पारिवारिक अध्याय भी जुड़ गया है। उनके पति केके गुप्ता पूर्व में 2015 से 2020 तक नगर परिषद के सभापति रह चुके हैं। अब उनकी पत्नी के सभापति बनने से एक ही परिवार से पति के बाद पत्नी के नगर परिषद की सर्वोच्च राजनीतिक कुर्सी तक पहुंचने का संयोग बना है। केके गुप्ता पूर्व में उपसभापति भी रह चुके हैं और वर्तमान में स्वच्छता से जुड़े दायित्व में ब्रांड एंबेसडर के रूप में भी पहचाने जाते हैं। जीत के बाद सुशीला गुप्ता अपने पति केके गुप्ता के साथ नजर आईं। दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाई। सुशीला गुप्ता ने पति के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने लाभ गणेशजी मंदिर पहुंचकर दर्शन किए। जीत के बाद उन्होंने शहर के विकास को लेकर कहा कि महिलाओं और युवाओं से किए गए वादों पर काम किया जाएगा। उन्होंने रोजगार के अवसर बढ़ाने और डूंगरपुर में पर्यटन को बढ़ावा देने से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही। उधर, सागवाड़ा नगर पालिका में भी भाजपा ने अध्यक्ष पद अपने नाम किया। यहां भाजपा की आशा पाटीदार और कांग्रेस की भूमिका पंचाल के बीच मुकाबला था। 35 सदस्यीय सागवाड़ा नगर पालिका में भाजपा के 23, कांग्रेस के 8 और BAP के 4 पार्षद निर्वाचित हुए थे। यानी भाजपा के पास अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले ही स्पष्ट बहुमत था। वार्ड चुनाव के परिणामों में भी भाजपा ने 35 में से 23 वार्ड जीते थे, जबकि कांग्रेस को 8 और BAP को 4 वार्ड मिले थे। सोमवार को हुए अध्यक्ष पद के मतदान में आशा पाटीदार को 23 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की भूमिका पंचाल को 8 वोट मिले। BAP के चार पार्षद मतदान के लिए नहीं पहुंचे। परिणाम घोषित होते ही आशा पाटीदार की जीत तय हो गई। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। आशा पाटीदार खुली गाड़ी में सवार होकर लोगों के बीच पहुंचीं और रास्ते में मौजूद लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। जीत के बाद आशा पाटीदार ने अपने पिता से मुलाकात की। उन्होंने पिता के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और गले लगकर उनसे मिलीं। इस दौरान वह भावुक भी नजर आईं। परिवार और समर्थकों के बीच जीत का यह दृश्य सागवाड़ा में चर्चा का केंद्र रहा। अध्यक्ष बनने के बाद आशा पाटीदार ने जनता का आभार जताते हुए कहा कि उनका लक्ष्य सागवाड़ा के सभी 35 वार्डों का विकास करना है। उन्होंने कहा कि चुनाव में भले ही पार्टी सभी वार्डों में जीत हासिल नहीं कर सकी, लेकिन अब नगर के हर हिस्से में काम किया जाएगा। उन्होंने बिजली, पानी जैसी बुनियादी समस्याओं से काम शुरू करने और शहर के विकास से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही। डूंगरपुर और सागवाड़ा के परिणामों में एक समान तस्वीर यह रही कि दोनों निकायों में भाजपा के पास पहले से स्पष्ट संख्या बल था और मतदान के बाद पार्टी प्रत्याशियों ने अध्यक्ष पद हासिल किया। हालांकि दोनों जगह BAP के पार्षदों ने मतदान नहीं किया, जिससे अंतिम परिणाम भाजपा और कांग्रेस के उपलब्ध वोटों के आधार पर सामने आया। डूंगरपुर में मुकाबला 25-12 रहा, जबकि सागवाड़ा में 23-8 का परिणाम आया। दोनों निकायों में अब अगली प्रक्रिया उपसभापति और उपाध्यक्ष पद के चुनाव की होगी। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. 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