भाजपा के 27 पार्षदों के साथ 3 निर्दलीयों का मिला समर्थन, कांग्रेस के मोहन कुमावत को 15 वोट; कुमावत समाज की मांग के बीच हुआ चुनाव राजसमंद, 21 सितंबर। राजसमंद नगर परिषद के सभापति पद के चुनाव में भाजपा की अनीता पालीवाल ने जीत दर्ज कर नगर परिषद की कमान संभाल ली है। सोमवार को हुए मतदान में अनीता पालीवाल को कुल 30 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी मोहन कुमावत को 15 वोट मिले। इस तरह अनीता पालीवाल ने 15 वोट के अंतर से चुनाव जीता। परिणाम सामने आते ही भाजपा खेमे में जश्न शुरू हो गया। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार राजसमंद नगर परिषद में कुल 45 वार्ड हैं, जिनमें भाजपा के 27, कांग्रेस के 14 और निर्दलीय प्रत्याशियों के चार पार्षद निर्वाचित हुए थे। सभापति चुनाव में भाजपा के पास पहले से ही 27 पार्षदों के साथ बहुमत था। इसके बावजूद मतदान के अंतिम आंकड़ों ने राजनीतिक समीकरण को और स्पष्ट कर दिया। अनीता पालीवाल के पक्ष में भाजपा के 27 पार्षदों के अलावा तीन निर्दलीय पार्षदों ने मतदान किया, जिससे उनका आंकड़ा 30 तक पहुंच गया। दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी मोहन कुमावत को कांग्रेस के 14 पार्षदों के साथ एक निर्दलीय का समर्थन मिला और उन्हें कुल 15 वोट प्राप्त हुए। चुनाव से पहले राजसमंद में सभापति पद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज थीं। कांग्रेस की ओर से शुरुआत में तीन नामांकन दाखिल किए गए थे, लेकिन चुन्नीलाल पंचोली और भूरालाल कुमावत ने नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद कांग्रेस की ओर से मोहन कुमावत ही चुनाव मैदान में रह गए। नाम वापसी के बाद मुकाबला सीधे भाजपा की अनीता पालीवाल और कांग्रेस के मोहन कुमावत के बीच रह गया। नामांकन प्रक्रिया में यह स्थिति 18 सितंबर को नाम वापसी की अंतिम समयसीमा के बाद स्पष्ट हुई थी। सभापति पद के चुनाव के दौरान कुमावत समाज की ओर से समाज से ही सभापति बनाए जाने की मांग भी सामने आई थी। अनीता पालीवाल के भाजपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद शनिवार को समाज के लोगों ने एसपी कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया था। समाज की ओर से भाजपा खेमे के नौ कुमावत समाज के पार्षदों को समाज के सामने लाने की मांग रखे जाने की बात सामने आई। इसके बाद भाजपा के नौ पार्षदों का वीडियो सामने आने के बाद धरना समाप्त होने की जानकारी सामने आई है। यह घटनाक्रम चुनाव से पहले राजसमंद की स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय रहा। मतदान के दिन प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के इंतजाम किए गए। जिला परिषद सभागार के आसपास बैरिकेडिंग की गई और निर्धारित प्रक्रिया के तहत निर्वाचित पार्षदों को मतदान के लिए पहुंचाया गया। सुबह भाजपा के सभी 27 पार्षद मतदान स्थल पर पहुंच गए थे। इसके बाद निर्दलीय पार्षदों ने भी मतदान किया और फिर कांग्रेस के सभी 14 पार्षद मतदान के लिए पहुंचे। दोपहर से पहले ही सभी 45 पार्षदों के मतदान की प्रक्रिया पूरी हो गई थी। मतदान पूरा होने के बाद मतगणना की गई और परिणाम घोषित होते ही अनीता पालीवाल की जीत की औपचारिक घोषणा कर दी गई। चुनाव परिणाम में भाजपा के खाते में 30 और कांग्रेस के खाते में 15 वोट आए। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी की ओर से अनीता पालीवाल को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। शपथ के साथ ही राजसमंद नगर परिषद में नई सभापति के रूप में उनकी औपचारिक जिम्मेदारी शुरू हो गई। राजसमंद के इस चुनाव में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी रहा कि वार्ड चुनाव में भाजपा के पास 27 पार्षदों के साथ स्पष्ट बहुमत पहले से मौजूद था, लेकिन सभापति चुनाव में मिले 30 वोटों ने पार्टी के पक्ष में तीन निर्दलीय पार्षदों के समर्थन को भी सामने ला दिया। वहीं कांग्रेस के 14 पार्षदों का वोट अपने प्रत्याशी के पक्ष में गया और एक निर्दलीय पार्षद का समर्थन मिलने से कांग्रेस का आंकड़ा 15 तक पहुंचा। इस तरह 45 सदस्यीय परिषद में सभापति पद का चुनाव 30 बनाम 15 के स्पष्ट अंतर से भाजपा के पक्ष में रहा। अनीता पालीवाल की जीत के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जश्न मनाया। पार्टी खेमे में इसे नगर परिषद की सत्ता पर भाजपा के नियंत्रण के रूप में देखा गया। राजसमंद में निकाय चुनाव के दौरान भाजपा की ओर से चुनावी प्रबंधन में निकाय चुनाव प्रभारी सुशील कटारा और विधायक दीप्ति माहेश्वरी की भूमिका भी सामने आई थी। राजसमंद के साथ ही जिले की अन्य नगर निकायों में भी सोमवार को अध्यक्ष पद के चुनाव हुए। नाथद्वारा नगर पालिका में भाजपा के परेश सोनी ने कांग्रेस के अजय गुर्जर को 23-17 के अंतर से हराया। नाथद्वारा में कुल 40 पार्षद हैं, जिनमें भाजपा के 20, कांग्रेस के 19 और एक निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुआ था। चुनाव परिणाम में भाजपा प्रत्याशी को अपने दल के मूल 20 वोटों से अधिक समर्थन मिला और वे 23 वोट लेकर अध्यक्ष निर्वाचित हुए। वहीं आमेट नगर पालिका में भाजपा के दिनेश सरनोत, देवगढ़ में कांग्रेस की तारा कुमारी कंसारा और भीम नगर पालिका में कांग्रेस की यशोदा कंवर के अध्यक्ष बनने की जानकारी सामने आई है। इस तरह राजसमंद जिले की पांचों नगर निकायों के अध्यक्ष पद के चुनाव में अलग-अलग निकायों में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबले के अलग परिणाम सामने आए। राजसमंद और नाथद्वारा में भाजपा के प्रत्याशियों ने अध्यक्ष पद हासिल किया, जबकि देवगढ़ और भीम में कांग्रेस के प्रत्याशियों को जीत मिली। राजसमंद नगर परिषद के लिए अब सभापति के रूप में अनीता पालीवाल के सामने परिषद के कामकाज और शहर से जुड़े विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। चुनाव परिणाम ने परिषद में भाजपा की संख्या स्थिति को भी स्पष्ट कर दिया है, जबकि तीन निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिलने से सभापति चुनाव का अंतिम आंकड़ा भाजपा के पक्ष में 30 तक पहुंचा है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like 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