24 न्यूज अपडेट, भीलवाड़ा। भीलवाड़ा के सुभाषनगर थाना क्षेत्र स्थित केशव पोरवाल हॉस्पिटल में सोमवार रात डिलीवरी के दौरान एक प्रसूता की मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल में परिजनों ने जमकर हंगामा किया और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। मृतका की पहचान बनवारी कोटियाणा की पत्नी सीमा (26) निवासी भीलवाड़ा के रूप में हुई है।14 यूनिट ब्लड मंगाया, फिर भी नहीं बच सकी जानसीमा के जेठ राजेश कोटियाणा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सोमवार दोपहर को डिलीवरी के लिए सीमा को अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने कहा था कि शाम 5 से 5:30 बजे के बीच नॉर्मल डिलीवरी हो जाएगी। इसी आधार पर उसे भर्ती कर लिया गया। कुछ ही देर में ब्लड की आवश्यकता बताई गई और परिजनों ने तुरंत 14 यूनिट ब्लड की व्यवस्था कर दी।राजेश के अनुसार, कुछ समय बाद अस्पताल की एक नर्स ने कहा कि स्थिति गंभीर है और या तो बच्चा बचेगा या माँ। परिवार ने माँ को बचाने की प्राथमिकता दी। लेकिन, उन्हें शक है कि तब तक सीमा की मौत हो चुकी थी। अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें गुमराह किया और सही जानकारी नहीं दी गई।डॉक्टर नहीं थे मौजूद, CPR चलती रहीपरिजनों का कहना है कि जब वे सीमा की हालत जानने की कोशिश कर रहे थे, तब उन्हें कमरे के अंदर नहीं जाने दिया गया। ड्यूटी पर कोई डॉक्टर नहीं था, सिर्फ नर्स CPR देती रही। जब देर रात उनकी पत्नी अंदर पहुंची, तो सीमा में कोई हलचल नहीं थी। कुछ देर बाद अस्पताल प्रबंधन ने मौत की पुष्टि की।समय पर इलाज नहीं मिला, पुलिस को बुलाया गयाराजेश कोटियाणा का कहना है कि अगर समय रहते इलाज मिल जाता तो सीमा की जान बचाई जा सकती थी। लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने गंभीर लापरवाही बरती और परिजनों को लगातार भ्रमित करता रहा। जब उन्होंने सवाल किए तो अस्पताल ने पुलिस बुला ली।रात को पुलिस ने बॉडी को अपने कब्जे में ले लिया, लेकिन यह नहीं बताया गया कि शव कहां रखा गया है। परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति उनसे बात करने तक को तैयार नहीं हुआ। सुभाषनगर थाना प्रभारी शिवराज ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। वहां पहले से बड़ी संख्या में परिजन मौजूद थे, जो काफी आक्रोशित थे। उन्हें समझाकर शांत कराया गया। प्रसूता के शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया है। थाना प्रभारी ने कहा कि परिजनों की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना को लेकर अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई भी अधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। परिजन अस्पताल के रवैये से बेहद आहत हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation देशभर में फैला 524 करोड़ का जीएसटी फर्जीवाड़ा: जोधपुर से संचालित गैंग ने बनाए 240 फर्जी फर्म, 22 राज्यों में किया कारोबार; ई-मित्र संचालक सहित 7 गिरफ्तार अजमेर रॉयल्स बनी राजस्थान खो-खो लीग की चैंपियन, मस्कट ‘सुल्तान’ रहा आकर्षण का केंद्र