अजमेर। राजस्थान खो-खो संघ व दयानंद महाविद्यालय अजमेर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राजस्थान खो-खो लीग का खिताब इस बार अजमेर रॉयल्स टीम ने जीतकर अपने नाम किया। लीग का समापन समारोह रंगारंग कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ, जिसमें राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्य कर्नल केसरी सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अध्यक्षता दयानंद महाविद्यालय अजमेर के प्राचार्य डॉ. लक्ष्मीकांत शर्मा ने की।समारोह के विशिष्ट अतिथियों में राजस्थान खो-खो संघ के अध्यक्ष शिवराज सिंह पलाड़ा, संघ के चेयरमैन राजेश भार्गव, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष चंद्रभान गुर्जर, जिला खो-खो संघ अध्यक्ष रामपाल चौधरी, मायाकांत शर्मा, केसर सिंह, दीपक खींची, अर्जुन रेगर सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।समारोह में विजेता अजमेर रॉयल्स को ट्रॉफी व गोल्ड मेडल, और उपविजेता टीम को सिल्वर मेडल व पारितोषिक प्रदान किए गए। साथ ही सभी खिलाड़ियों को मस्कट ‘सुल्तान’ द्वारा दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया गया। ‘सुल्तान’ लीग का मुख्य आकर्षण रहा और अतिथियों ने भी इसके अनोखे प्रस्तुतीकरण की सराहना की।प्रत्येक टीम से बेस्ट अटेकर और बेस्ट डिफेंडर को भी विशेष सम्मान दिया गया।अजमेर रॉयल्स: बेस्ट डिफेंडर – मनीष कुमार, बेस्ट अटेकर – दीपांशु मीणाटोंक योद्धा: डिफेंडर – नज़ीर खान, अटेकर – हरिश मोहम्मदरणथंभौर टाइगर्स: डिफेंडर – तेजराम मीणा, अटेकर – विक्रमजोधपुर वॉरियर्स: डिफेंडर – नीरज, अटेकर – संजयनागौर बुल्स: डिफेंडर – सतपाल, अटेकर – प्रशांतशेखावाटी सोल्जर्स: डिफेंडर – अभिषेक, अटेकर – प्रशांत शर्माकार्यक्रम का आयोजन जोश, उमंग और पारंपरिक खेल के सम्मान के साथ संपन्न हुआ।आयोजको ने इसे हर वर्ष बड़े स्तर पर आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation भीलवाड़ा: प्रसूता की मौत पर परिजनों का हंगामा, इलाज में लापरवाही का आरोप, अस्पताल प्रबंधन पर उठे सवाल जैसलमेर स्टेशन पर विश्वस्तरीय स्टेशन पुनर्विकास कार्य अंतिम चरण में, 90 प्रतिशत कार्य हुआ पूर्ण, स्थानीय कला और आधुनिकता के समावेश से 140 करोड़ रूपये की लागत से हो रहा है कायाकल्प