24 News update नई दिल्ली। UPI को लेकर चल रही फीस की बहस ने करोड़ों डिजिटल भुगतानकर्ताओं के बीच एक बड़ा भ्रम पैदा कर दिया है—क्या ₹2,000 से ज्यादा का UPI भुगतान अब महंगा होने वाला है? फिलहाल तस्वीर इतनी सीधी नहीं है। ₹2,000 को UPI की नई भुगतान सीमा मानना सही नहीं होगा। असल चर्चा इस राशि को शुल्क-मुक्त भुगतान से जोड़कर देखे जाने और भविष्य में बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर संभावित MDR को लेकर है।वित्त मंत्रालय की ओर से जारी व्यवस्था का मूल संदेश यह है कि ₹2,000 तक के UPI भुगतान पर ग्राहक से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क नहीं लगाया जा सकता। RuPay डेबिट कार्ड से जुड़े पात्र भुगतान भी इस व्यवस्था के दायरे में हैं। यानी रोजमर्रा में चाय, किराना, कैब, रेस्टोरेंट, छोटे बिल या सामान्य खरीदारी के लिए UPI इस्तेमाल करने वाले ग्राहक के लिए फिलहाल कोई नया चार्ज सामने नहीं आया है।सबसे अहम बात यह है कि ₹2,000 UPI की अधिकतम सीमा नहीं है। कोई व्यक्ति इससे कहीं ज्यादा राशि UPI के जरिये भेज सकता है। इसलिए ₹2,500, ₹5,000 या ₹10,000 का भुगतान अपने आप बंद नहीं होगा और न ही केवल रकम ₹2,000 से ऊपर होने के कारण तत्काल कोई नया शुल्क कटने लगेगा। विवाद की जड़ बड़े कारोबारी भुगतानफीस की चर्चा असल में उस हिस्से को लेकर है जहां UPI का इस्तेमाल दुकानदारों और कारोबारियों को भुगतान करने में होता है। बैंकिंग भाषा में इसे P2M यानी Person-to-Merchant transaction कहा जाता है। इसके विपरीत किसी दोस्त, रिश्तेदार या दूसरे व्यक्ति को पैसा भेजना P2P यानी Person-to-Person transaction है।यहीं MDR यानी Merchant Discount Rate का सवाल सामने आता है। MDR वह शुल्क है जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने की व्यवस्था के बदले मर्चेंट से लिया जा सकता है। कार्ड भुगतान में यह व्यवस्था पहले से मौजूद है। UPI पर MDR लागू करने की स्थिति में भी इसका प्राथमिक संबंध मर्चेंट की भुगतान लागत से होगा, न कि इस बात से कि ग्राहक के खाते से हर बार अलग से कोई शुल्क काटा जाए। 4% बड़े ट्रांजैक्शन, लेकिन रकम में 66% हिस्सेदारीबहस को समझने के लिए ट्रांजैक्शन की संख्या और उसकी कुल रकम के बीच अंतर देखना जरूरी है। वित्त वर्ष 2025-26 के दिए गए आंकड़ों के मुताबिक दुकानदारों को किए गए UPI भुगतानों में ₹2,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन करीब 4% थे। लेकिन रकम के लिहाज से यही बड़े भुगतान लगभग ₹131 लाख करोड़, यानी कुल मर्चेंट UPI भुगतान मूल्य का करीब 66% रहे। सीधे उदाहरण से समझें तो किसी दुकान पर 100 UPI भुगतान हुए। इनमें 96 भुगतान ₹2,000 या उससे कम के हो सकते हैं, जबकि सिर्फ 4 भुगतान ₹2,000 से ज्यादा के हों। संख्या में बड़े भुगतान मामूली दिखेंगे, लेकिन कार, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, महंगे उपकरण या बड़ी खरीदारी जैसे सौदों के कारण इन 4 भुगतानों में कुल रकम का बड़ा हिस्सा आ सकता है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation DFC ने रचा नया रिकॉर्ड: एक दिन में 927 मालगाड़ियों का इंटरचेंज, किशनगढ़ बालावास पर भी टूटा पुराना आंकड़ा