24 News Update उदयपुर। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के सहायक महानिदेशक (कृषि प्रसार) डॉ. रंजय कुमार सिंह ने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके) सरकार और किसानों के बीच मजबूत कड़ी के रूप में कार्य कर रहे हैं तथा वर्ष 2047 के विकसित भारत लक्ष्य की दिशा में उन्हें अनुसंधान और वाणिज्य—दोनों आयामों में अपनी उपस्थिति को और सशक्त करना होगा। वे यहां प्रसार शिक्षा निदेशालय के प्रज्ञा सभागार में राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के 67 केवीके की तीन दिवसीय समीक्षा कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।आईसीएआर–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोधपुर (अटारी जोन–2) द्वारा आयोजित कार्यशाला में देशभर से 150 से अधिक कृषि वैज्ञानिक, अध्यक्ष और वरिष्ठ वैज्ञानिक शामिल हुए। डॉ. सिंह ने फल, फूल, दुग्ध और मत्स्य जैसे स्थानीय संसाधनों पर आधारित वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने को किसानों की आय वृद्धि का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने दस्तावेजीकरण की चुनौती पर जोर देते हुए कहा कि केवीके को अपने कार्यों को प्रमाणिक रूप से दर्ज करना चाहिए ताकि नीतिगत निर्णय वैज्ञानिक आधार पर लिए जा सकें। उन्होंने यह भी पूछा कि पिछले पाँच वर्षों में प्रत्येक केवीके ने कौन सी ऐसी उपलब्धि दर्ज की है, जो देशभर के अन्य केन्द्रों के लिए प्रेरक मॉडल बन सके।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एमपीयूएटी कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह ने कहा कि बीज किस्म बदलने की पाँच वर्षीय अपेक्षाएँ व्यावहारिक नहीं हैं, क्योंकि एक नई किस्म विकसित होने में प्रायः दशक लग जाता है। उन्होंने आउटपुट और आउटकम आधारित कार्यप्रणाली को सफलता की कुंजी बताया तथा कृषि क्षेत्र में युवाओं की बढ़ती भागीदारी को सकारात्मक संकेत कहा। उन्होंने कृषि ड्रोन, प्राकृतिक खेती, फसल अवशेष प्रबंधन तथा राष्ट्रीय व क्षेत्रीय अभियानों में केवीके की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए सुझाव दिया कि अटारी स्तर पर सर्वश्रेष्ठ केवीके और श्रेष्ठ प्रकाशनों को पुरस्कार दिए जाने चाहिए, जिससे नवाचार को प्रोत्साहन मिले।तकनीकी सत्रों पर आधारित प्रतिवेदन डॉ. पी.पी. रोहिल्ला, डॉ. बी.एल. जांगिड़, डॉ. एस.सी. यादव, डॉ. मीना सिवाच, डॉ. सी.एम. यादव, डॉ. गंगा देवी, डॉ. एम.एल. चांदावल, डॉ. संदीप और डॉ. पंकज कुमार सारस्वत ने प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में डॉ. एम.एम. अधिकारी, डॉ. आर.एल. सोनी, डॉ. जे.पी. मिश्रा तथा डॉ. राजीव बैराठी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। यह जानकारी डॉ जीएल मीना जनसंपर्क अधिकारी ने दी। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation अंता उपचुनाव में जीत उदयपुर देहात कांग्रेस ने कहा-जनता ने पर्ची सरकार को सख्त संदेश दिया महापुरुषों का जीवन व्यक्ति के जीवन निर्माण के लिए महत्वपूर्ण : आचार्य महाश्रमण