24 News Upadte उदयपुर। पत्नी के निधन के बाद जीवन में सहारे की तलाश कर रहे 64 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक को नाता विवाह महंगा पड़ गया। उदयपुर के सुखेर क्षेत्र निवासी रामलाल सुथार ने घर के सामने रहने वाली महिला और उसके सहयोगियों पर शादी का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठने, करीब 25 तोला सोने के आभूषण हड़पने तथा संपत्ति अपने नाम कराने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। मामले में न्यायालय के आदेश पर सुखेर थाना पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।सुखेर थाना पुलिस में दर्ज एफआईआर के अनुसार हवा मगरी, सुखेर निवासी रामलाल सुथार पुत्र देवा जी सुथार (64) की पत्नी का निधन 24 अप्रैल 2021 को हो गया था। इसके बाद वे परिवार के साथ रह रहे थे। रामलाल ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके घर के सामने रहने वाली बाउडी देवी पत्नी स्वर्गीय सुखदेव जी ने उनसे संपर्क बढ़ाया और बताया कि वह जिस मकान में किराए से रहती है, वह बिक रहा है। इस दौरान उसने सहानुभूति दिखाते हुए उनसे नजदीकियां बढ़ाईं। शिकायत के अनुसार बाद में जगदीश जांगिड़ पुत्र खांगाराम, उसकी पत्नी शान्ता उर्फ शान्ति देवी, तथा अन्य लोगों ने भी रामलाल और उनके परिवार से संपर्क कर विवाह का प्रस्ताव रखा। आरोप है कि लगातार समझाइश और दबाव के बाद परिवार की सहमति से 15 नवंबर 2021 को रामलाल और बाउडी देवी के बीच समाज में प्रचलित नाता विवाह संपन्न हुआ। विवाह के दौरान नहीं आए परिजन, तब भी नहीं हुआ शकरामलाल का आरोप है कि विवाह के समय बाउडी देवी की ओर से केवल जगदीश जांगिड़ और शान्ता देवी मौजूद थे, जबकि उसके परिवार के अन्य सदस्य नहीं आए। पूछने पर बीमारी का बहाना बनाया गया। उन्होंने बताया कि विवाह के बाद कई बार उन्होंने संबंध को कानूनी रूप से पंजीकृत कराने की बात कही, लेकिन हर बार इसे टाल दिया गया। विवाह के नाम पर दो लाख रुपये लेने का आरोपशिकायत में आरोप लगाया गया है कि विवाह कराने के नाम पर जगदीश जांगिड़ ने अलग-अलग किस्तों में करीब दो लाख रुपये ले लिए। शुरुआती कुछ महीने सामान्य गुजरने के बाद बाउडी देवी का व्यवहार बदल गया और वह छोटी-छोटी बातों पर विवाद करने लगी।रामलाल के अनुसार बाउडी देवी अक्सर झगड़ा कर अपने पीहर या बेटी के घर चली जाती थी और विभिन्न जरूरतों का हवाला देकर पैसे मांगती रहती थी। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में वह उनसे अलग-अलग मौकों पर करीब 5 से 7 लाख रुपये ले चुकी है। बेटी के नाम संपत्ति कराने का बनाया दबावशिकायतकर्ता का आरोप है कि बाउडी देवी लगातार अपनी बेटी के नाम पर प्लॉट और मकान खरीदने का दबाव बनाती रही। कई बार टालने के बाद जब उन्होंने साफ इनकार कर दिया तो अगस्त 2024 में वह घर छोड़कर अपने पीहर नागौर चली गई।रामलाल ने बताया कि उसके जाने के बाद घर की जांच करने पर करीब 25 तोला सोने के आभूषण और चांदी के जेवरात गायब मिले। शिकायत में जिन आभूषणों का उल्लेख किया गया है उनमें सवा दो तोले का मंगलसूत्र, चार तोले के झुमके, सोने की चैन, सोने की लोंग, पांच तोले का कंगन सेट, दो तोले की तीन अंगूठियां, पांच तोले की टूसी, पांच तोले का भुजबंद तथा चांदी की पायजेब शामिल हैं। जेवर लौटाने के बजाय रख लिए अपने पासरामलाल का आरोप है कि जब उन्होंने फोन कर जेवरों के बारे में पूछा तो बाउडी देवी ने कहा कि वह जेवर अपने साथ ले गई है और वापस आने पर लौटा देगी। लेकिन बाद में उसने वापस आने से इनकार कर दिया। शिकायत में दावा किया गया है कि बाउडी देवी ने कहा कि जब तक उसकी बेटी के नाम पर प्लॉट और मकान नहीं खरीदा जाएगा, वह वापस नहीं आएगी। रामलाल ने आरोप लगाया है कि महिला ने यह भी कहा कि उसने विवाह केवल पैसों के लिए किया था और जेवर भी अपने पास ही रखेगी। जेठाराम पर धमकाने का आरोपएफआईआर में जेठाराम पुत्र दुलाराम निवासी डीडवाना, नागौर पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार जेठाराम फोन कर मकान बाउडी देवी और उसकी बेटी के नाम करने का दबाव बनाता था तथा ऐसा नहीं करने पर परिणाम भुगतने की धमकी देता था। गिरोह बनाकर लोगों को फंसाने का आरोपरामलाल सुथार ने अपने इस्तगासे में आरोप लगाया है कि आरोपीगण संगठित तरीके से भोले-भाले लोगों को विवाह के नाम पर फंसाते हैं और बाद में उनसे पैसे ऐंठते हैं। उन्होंने दावा किया कि आरोपित लोग झूठे मुकदमों में फंसाने और महिला कानूनों का भय दिखाकर मोटी रकम वसूलने का काम करते हैं। शिकायतकर्ता ने स्वयं को वरिष्ठ नागरिक बताते हुए कहा है कि इस पूरे घटनाक्रम से उन्हें आर्थिक, मानसिक और सामाजिक क्षति हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपितों की ओर से लगातार दबाव और धमकियों के कारण उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित हुई है तथा उन्हें और उनके परिवार को जान-माल का खतरा महसूस हो रहा है। पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोपरामलाल ने अपने इस्तगासे में यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने पहले सुखेर थाने में शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। बाद में उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी शिकायत की। उनका आरोप है कि पुलिस के समक्ष बाउडी देवी ने जेवर अपने पास होने की बात स्वीकार की थी, इसके बावजूद प्रकरण दर्ज नहीं किया गया। आखिरकार उन्होंने विशिष्ट अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (पीसीपीएनडीटी) उदयपुर की अदालत में इस्तगासा प्रस्तुत किया, जिसके बाद न्यायालय के निर्देश पर मामला दर्ज करने की कार्रवाई हुई। इन पांच लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला सुखेर थाना पुलिस ने निम्न आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है— बाउडी देवी पत्नी स्वर्गीय सुखदेव जी, हाल निवासी विटी इंटरनेशनल स्कूल के पास, सुखेर। मंजू जांगिड़ पत्नी रामकुमार जांगिड़, हाल निवासी विटी इंटरनेशनल स्कूल के पास, सुखेर। जगदीश जांगिड़ पुत्र खांगाराम, निवासी विटी इंटरनेशनल स्कूल के पास, सुखेर। शान्ता उर्फ शान्ति देवी पत्नी जगदीश जांगिड़, निवासी विटी इंटरनेशनल स्कूल के पास, सुखेर। जेठाराम पुत्र दुलाराम, निवासी डीडवाना, जिला नागौर। एएसआई हरीशचंद्र सनाढ्य कर रहे जांचसुखेर थाना पुलिस ने 1 जून 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 420, 406 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया। प्रकरण की जांच सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) हरीशचंद्र सनाढ्य को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. 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