उदयपुर। सुहालका भवन में सात दिन से चल रही सद्गुरु कबीर चरितम कथा का रविवार को भक्तिमय माहौल में समापन हुआ। अंतिम दिन कथा सुनने के लिए देशभर से करीब 2000 कबीरपंथी पहुंचे। श्रद्धालुओं की संख्या इतनी अधिक रही कि कथा स्थल का पंडाल भी छोटा पड़ गया। इसके बावजूद आयोजन समिति की ओर से व्यवस्थाएं संभाली गईं और श्रद्धालुओं के लिए अनुशासन व स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया। काशी के कथाकार धर्माधिकारी सुधाकर साहेब ने सात दिनों तक मधुर वाणी और संगीतमय शैली में कबीर चरितम कथा का वाचन किया। समापन अवसर पर आचार्य पंत श्री हुजूर अर्धनाम साहेब के आगमन पर श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया। उनके स्वागत में फूलों से रंगोली सजाई गई और पुष्पवर्षा की गई। पंडाल में प्रवेश के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा गया तथा पुष्पों को भी एकत्र किया गया। रामप्रसाद सुहालका, वालचंद सुहालका, भंवरलाल सुहालका, कैलाश प्रजापत और भगवती लाल चौधरी के परिवार ने हुजूर साहेब का चरण वंदन कर दक्षिणा भेंट की। इसके बाद श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से दर्शन किए। समापन कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण आचार्य पंत श्री हुजूर अर्धनाम साहेब के कर कमलों से हुई आनंदी चौका आरती रही। आरती के दौरान पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया। गुरु भक्ति के गीतों पर महिलाओं ने भजन गाते हुए नृत्य किया। कार्यक्रम में कबीरपंथी पुरुष श्वेत वस्त्रों में नजर आए, जबकि महिलाओं ने पारंपरिक फागणिया पहन रखे थे। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में अनुशासन के साथ स्वच्छता के प्रति भी जागरूकता देखने को मिली। भेरूलाल भोई और उनकी टीम ने महाप्रसादी की व्यवस्था संभाली। भोजन के दौरान श्रद्धालुओं को अन्न की बर्बादी रोकने का संदेश दिया गया। आयोजन में संदेश दिया गया—“इतना ही लो थाली में, झूठा न जाए नाली में।” भोजन के बाद अधिकांश थालियां बिना जूठे भोजन के नजर आईं। आयोजकों के अनुसार धार्मिक आयोजनों में भक्ति के साथ अहंकार, आडंबर और दिखावे से दूर रहकर स्वच्छता तथा अन्न के सम्मान का संदेश भी समाज तक पहुंचना चाहिए। कथा के समापन के बाद श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसादी का आयोजन किया गया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation बुलेट ट्रेन की पहली भारतीय कारबॉडी ने पकड़ी रफ्तार, रेल मंत्री ने निर्माण प्रक्रिया का लिया जायजा समाज की जिम्मेदारी युवाओं को सौंपनी होगी, तभी विकास को मिलेगी नई दिशा : डूंगरलाल