24 News Update जयपुर। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं की स्थिति को लेकर सरकार की ओर से विधानसभा में पेश आंकड़ों ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार ने माना है कि प्रदेश में 611 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास अपना भवन नहीं है। वहीं अपने भवन वाले स्कूलों में से 2047 में शौचालय और 1049 में पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं है।नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की ओर से 21 अगस्त को विधानसभा में पूछे गए अतारांकित सवाल के जवाब में सरकार ने ये आंकड़े दिए। समग्र शिक्षा के तहत वर्ष 2025-26 के यू-डायस आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 6448 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास स्वयं का भवन है। इनमें से ही बड़ी संख्या में स्कूल बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। 450 करोड़ से जर्जर और बिना भवन वाले स्कूलों में निर्माणसरकार ने बताया कि बजट घोषणा के अनुसार विद्यालयों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा जर्जर स्कूलों और ऐसे विद्यालय जहां भवन उपलब्ध नहीं है, वहां करीब 450 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण कार्य कराए जाएंगे। बांसवाड़ा में सबसे ज्यादा स्कूल शौचालय विहीनसरकारी आंकड़ों के अनुसार बांसवाड़ा में सबसे ज्यादा 188 स्कूलों में शौचालय की सुविधा नहीं है। इसके बाद डूंगरपुर में 124, उदयपुर में 98, बीकानेर में 89, झालावाड़ में 81, जैसलमेर में 79, जयपुर में 73, बाड़मेर में 68 और बारां में 66 स्कूल शौचालय सुविधा से वंचित हैं। चित्तौड़गढ़ में 42, प्रतापगढ़ में 63, राजसमंद में 16, सलूंबर में 34 और सवाई माधोपुर में 44 स्कूलों में भी शौचालय नहीं है। उदयपुर के 70 स्कूलों में पेयजल सुविधा नहींपेयजल सुविधा के मामले में भी कई जिलों के स्कूलों की स्थिति चिंताजनक है। दौसा में 99, अलवर में 65, करौली में 60, बांसवाड़ा में 58, जयपुर में 53 और डूंगरपुर में 32 स्कूलों में पेयजल सुविधा उपलब्ध नहीं है। उदयपुर के 70 स्कूल भी ऐसे हैं जहां विद्यार्थियों के लिए पेयजल की सुविधा नहीं है। शिक्षा मंत्री बोले- आधारभूत ढांचे पर 12,335 करोड़ की कार्ययोजनाशिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा है कि सरकार सरकारी विद्यालयों को बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले दो बजटों में विद्यालयी आधारभूत ढांचे के लिए 12,335 करोड़ रुपए की कार्ययोजना सहित कई प्रावधान किए गए हैं। मंत्री के अनुसार विद्यालय भवन, मरम्मत, नए कक्षा-कक्ष, प्रयोगशालाओं, स्मार्ट कक्षाओं और अन्य सुविधाओं के विस्तार पर काम किया जा रहा है। स्मार्ट कक्षा, सूचना एवं संचार तकनीक तथा विज्ञान प्रयोगशालाओं के लिए 697 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा डीएमएफटी, एसडीआरएफ और मुख्यमंत्री जनसहभागिता के माध्यम से 20 हजार से अधिक विद्यालयों में सुदृढ़ीकरण कार्य प्रगति पर होने की बात सरकार ने कही है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation बगरू में CJP टीम पर हमला: आशुतोष रांका समेत 5 गंभीर घायल, गाड़ियों में तोड़फोड़; भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने