24 News Update जयपुर। सरकारी स्कूल की बदहाली का जायजा लेने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनकी टीम पर शुक्रवार को जयपुर के बगरू क्षेत्र स्थित रामपुरा कंवरपुरा गांव में हमला हो गया। मारपीट, पथराव और विरोध के बीच CJP कार्यकर्ताओं को गांव से बाहर निकाल दिया गया। घटना में रांका सहित 5 लोग गंभीर घायल हुए हैं, जबकि 6-7 अन्य लोगों को भी चोटें आई हैं। घायलों को इलाज के लिए SMS हॉस्पिटल लाया गया।CJP के अनुसार रांका सुबह करीब 10 बजे राजकीय प्राथमिक स्कूल रामपुरा कंवरपुरा का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसी दौरान ग्रामीणों के साथ विवाद हुआ और देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई। CJP ने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया और उनकी गाड़ियों पर पथराव किया गया। महिला समर्थकों पर भी गांव की महिलाओं द्वारा मिट्टी फेंकने का आरोप लगाया गया है। रांका ने आरोप लगाया कि हमले में गाड़ियों के शीशे और मोबाइल तोड़े गए, एक महिला के साथ मारपीट हुई और उसकी शर्ट फाड़ दी गई। टीम के एक सदस्य के हाथ में फ्रैक्चर होने का भी दावा किया गया है। रांका का आरोप- भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया हमलाहमले के बाद आशुतोष रांका ने सीधे भाजपा कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे देश ने भाजपा की ‘गुंडागर्दी’ लाइव देखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के कहने पर हुआ। रांका ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए हमलावरों की गिरफ्तारी और स्कूल निरीक्षण पर रोक लगाने संबंधी आदेश वापस लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो CJP पूरे राजस्थान में आंदोलन करेगा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग की जाएगी। सुबह से ही गांव में शुरू हो गया था विरोधCJP कार्यकर्ताओं के अनुसार घटना से पहले ही सुबह करीब 8 बजे कुछ कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की हुई थी। ग्रामीणों ने उन्हें गांव से बाहर निकाल दिया। इसके बाद ग्रामीण CJP के विरोध में स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने गांव के मुख्य रास्ते पर ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर रास्ता घेर दिया और आने-जाने वाले वाहनों की जांच भी शुरू कर दी। तनाव बढ़ने के बाद CJP ने स्कूल का निरीक्षण कार्यक्रम समाप्त कर दिया। CJP कार्यकर्ताओं के घायल होने के बाद वाटिका रोड स्थित एक अन्य सरकारी स्कूल के निरीक्षण का कार्यक्रम भी स्थगित कर दिया गया। CJP की रेखा शर्मा ने बताया कि वहां भी विरोध की सूचना मिली थी और घायल कार्यकर्ताओं के इलाज को देखते हुए दौरा रद्द किया गया। जर्जर स्कूल की बिल्डिंग बंद, टीनशेड के नीचे पढ़ रहे बच्चेविवाद की जड़ रामपुरा कंवरपुरा का सरकारी स्कूल है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार स्कूल भवन जर्जर होने के कारण बच्चों के लिए बंद किया गया है। भवन की छत को लोहे के एंगल से सहारा दिया गया है और बच्चों को करीब 50 मीटर दूर एक बाड़े में टीनशेड के नीचे पढ़ाया जा रहा है। बच्चों के पढ़ने की जगह के पास पशुओं का चारा रखा होने और दीवारों की ईंटें गिरने की बात भी सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में करीब 20-25 बच्चे पढ़ते हैं और स्कूल की मरम्मत के लिए सरकार की ओर से 12.50 लाख रुपए स्वीकृत किए जा चुके हैं। ग्रामीण महिला अनु शर्मा ने आरोप लगाया कि CJP कार्यकर्ता स्कूल को गिराने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्कूल गिरने के बाद बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी और ग्रामीण किसी को ऐसा नहीं करने देंगे। स्थानीय ग्रामीण मन्नालाल ने बताया कि करीब ढाई साल से स्कूल वैकल्पिक जगह पर चल रहा है। उनके अनुसार मौजूदा भवन में पट्टियां टूट चुकी हैं और कभी भी गिर सकती हैं। उन्होंने बताया कि जहां स्कूल चल रहा है, वह बाड़ा पहले तबेले के रूप में इस्तेमाल होता था। ग्रामीण बोले- 200 से 250 लोग सरिए-आरी लेकर आए थेग्रामीण जुगल किशोर शर्मा ने CJP के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ग्रामीणों ने किसी को चोट नहीं पहुंचाई। उन्होंने दावा किया कि CJP की ओर से करीब 200-250 लोग सरिए और आरी लेकर पहुंचे थे। उन्होंने गाड़ियों को खुद तोड़ने का आरोप भी लगाया। ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से कहा गया कि वे स्कूल को अपने स्तर पर ठीक करवाएंगे और किसी बाहरी व्यक्ति को यहां आकर माहौल खराब करने की अनुमति नहीं देंगे। डोटासरा बोले- हमलावर ग्रामीण नहीं, भाजपा कार्यकर्ताघटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि हमला करने वाले ग्रामीण नहीं बल्कि भाजपा कार्यकर्ता थे। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता जनहित से जुड़े हर काम का विरोध कर रहे हैं और अगर किसी को स्कूल जाने से रोका जाता है या हमला किया जाता है तो कांग्रेस उसके साथ खड़ी रहेगी। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने आने से रोकने के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। उनके मुताबिक स्कूल परिसर में प्रवेश के साथ वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी पर रोक पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े करती है। समाजवादी पार्टी सांसद अखिलेश यादव ने भी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP कार्यकर्ताओं पर हुए हमले और वाहनों में तोड़फोड़ की निंदा की। दिलावर बोले- शिक्षा में व्यवधान कौन बर्दाश्त करेगा?शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने CJP कार्यकर्ताओं के विरोध को लेकर कहा कि जंतर-मंतर पर CJP कार्यकर्ताओं ने जिस तरह का माहौल बनाया था, वह सभी ने देखा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में बच्चों की शिक्षा में व्यवधान कौन बर्दाश्त करेगा, इसलिए ग्रामीणों ने विरोध किया। दिलावर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और CJP को राजस्थान में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहा काम रास नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार राजस्थान के बच्चों को शिक्षित और संस्कारवान बनाना चाहती है और शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश आगे बढ़ रहा है। दिलावर ने CJP के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ‘कॉकरोच मुंह छिपाकर भाग गए।’ अभिजीत दीपके की 48 घंटे की चेतावनीCJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि अगले 48 घंटे में स्कूल की मरम्मत शुरू नहीं हुई और हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे जयपुर आएंगे और स्कूल के सामने धरने पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि स्कूल ठीक होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। विधानसभा में भी गूंजा मामलारामपुरा कंवरपुरा में CJP कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट का मामला शुक्रवार को राजस्थान विधानसभा तक पहुंच गया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही स्कूल निरीक्षण करने गए CJP कार्यकर्ताओं की पिटाई का मुद्दा उठाया और सरकार से जवाब मांगा। जूली ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था की स्थिति खराब है और जब लोग स्कूलों की स्थिति देखने जाते हैं तो उनके साथ मारपीट की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार इस मामले पर चुप क्यों है। CJP के खिलाफ प्रदर्शन में भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल होने का दावाघटना के बाद सामने आए घटनाक्रम में CJP के विरोध में प्रदर्शन करने वालों में भाजपा से जुड़े स्थानीय लोगों के शामिल होने का भी दावा किया गया। लालचंद शर्मा नाम के स्थानीय व्यक्ति की मौजूदगी का उल्लेख सामने आया है और उनकी सोशल मीडिया प्रोफाइल के आधार पर उन्हें भाजपा कार्यकर्ता बताया गया है। हालांकि घटना में किस व्यक्ति की क्या भूमिका रही, यह जांच का विषय है। दो महीने पहले भी अभिजीत दीपके पर हुआ था हमलाCJP के फाउंडर अभिजीत दीपके पर 15 जून 2026 को जयपुर में प्रदर्शन के दौरान हमला हुआ था। उस समय कुछ युवकों द्वारा दीपके को थप्पड़ मारने की घटना सामने आई थी। इसके बाद CJP कार्यकर्ताओं ने संबंधित युवकों को पकड़कर उनके साथ मारपीट की थी। रामपुरा कंवरपुरा की घटना ने अब स्कूलों की बदहाली, निरीक्षण की अनुमति, राजनीतिक विरोध और कानून-व्यवस्था को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक तरफ CJP हमले और स्कूल की स्थिति को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है, वहीं ग्रामीण और सरकार का पक्ष है कि बाहरी लोगों के स्कूल में पहुंचने और शिक्षा व्यवस्था में हस्तक्षेप के खिलाफ स्थानीय स्तर पर विरोध हुआ। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook 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