24 News Update जयपुर। राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार को स्कूलों का निरीक्षण करने पहुंचे सीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट का मुद्दा सदन में गूंजा। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कार्यकर्ताओं की पिटाई को लेकर सरकार को घेरते हुए सवाल उठाया कि शिक्षा व्यवस्था की स्थिति देखने स्कूल पहुंचे लोगों के साथ मारपीट क्यों की गई और सरकार इस मामले पर चुप क्यों है?जूली ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कहा कि प्रदेश में शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था की स्थिति खराब है। ऐसे में स्कूलों का निरीक्षण करने पहुंचे सीजेपी कार्यकर्ताओं को पीटा जा रहा है। सरकार को इस पूरे मामले पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दे उठाना विपक्ष का अधिकार है और सरकार को इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।सीजेपी कार्यकर्ताओं की पिटाई के साथ जूली ने गुरुवार को कांग्रेस विधायकों को विधानसभा के गेट पर रोके जाने का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में आने वाले विधायकों को पहले कभी इस तरह गेट पर नहीं रोका गया। जब भाजपा विपक्ष में थी, तब भी विधायक प्रदर्शन करते हुए इसी रास्ते से विधानसभा में आते रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस विधायकों को गुरुवार को क्यों रोका गया, इसकी जांच होनी चाहिए।जूली ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायकों को विधानसभा में आने से रोका गया और बाद में उनके खिलाफ अनर्गल बातें की गईं कि वे विधानसभा में आना ही नहीं चाहते थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों पर सदन में चर्चा करना चाहती है। स्पीकर ने प्रश्नकाल में चर्चा की अनुमति नहीं दीस्पीकर वासुदेव देवनानी ने प्रश्नकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद कांग्रेस विधायक वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस विधायकों ने ‘भगोड़ी सरकार’ के पोस्टर लहराए। जवाब में भाजपा विधायकों ने राहुल गांधी को ‘भगोड़ा’ और ‘चोर’ बताते हुए नारेबाजी की।हंगामा बढ़ने पर सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। प्रश्नकाल में महज 5 मिनट और शून्यकाल में 18 मिनट ही कामकाज हो सका। हंगामे के बीच यूसीसी बिल सदन में रखालगातार हंगामे के बीच संसदीय कार्य एवं कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) बिल पेश किया। बिल सदन में रखे जाने के दौरान भी कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते रहे। बिल पर बाद में चर्चा कर उसे पारित करवाने की प्रक्रिया होगी। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया। दोपहर 1 बजकर 21 मिनट पर कांग्रेस विधायक सदन से बाहर चले गए। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि विपक्ष को जनता के मुद्दे उठाने की अनुमति नहीं मिल रही है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार अपना विधायी काम पूरा करना चाहती है, लेकिन जनता की समस्याओं पर चर्चा कब होगी? स्पीकर बोले- गेट विधायकों के लिए खुला थाकांग्रेस विधायकों को विधानसभा गेट पर रोके जाने के आरोपों पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधानसभा का गेट गुरुवार को भी खुला था और आज भी खुला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रुप में विधानसभा के गेट से आने की अनुमति न पहले थी और न आगे होगी। देवनानी के अनुसार एमएलए फ्लैट्स कैंपस में रहने वालों के लिए यह गेट खुला रहता है। गुरुवार को कांग्रेस विधायकों के साथ बाहर के दो लोग भी आ गए थे, जिन्हें सुरक्षाकर्मियों ने पहचानकर बाहर कर दिया। उन्होंने कहा कि मार्शल ने उन्हें जानकारी दी थी कि विधानसभा गेट पर दो-तीन लोग चढ़े थे। स्पीकर ने इसे नियमों के लिहाज से अवांछनीय बताते हुए भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं बनने की अपील की। कांग्रेस के बहिष्कार पर जोगाराम पटेल का पलटवारकांग्रेस के सदन बहिष्कार पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में आपसी खींचतान चल रही है और इसी के कारण जानबूझकर सदन में हंगामा किया गया। पटेल ने कहा कि कांग्रेस को इस बात की चिंता है कि कहीं नेता प्रतिपक्ष को मुद्दे उठाने का राजनीतिक क्रेडिट न मिल जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सदन से भागने का काम किया है और प्रश्नकाल से लेकर अन्य मुद्दों पर चर्चा में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान की जनता कांग्रेस के रवैये को देख रही है। 66 मिनट में खत्म हुआ दूसरे दिन का कामकाजलगातार हंगामे और कांग्रेस के बहिष्कार के बीच विधानसभा की कार्यवाही कुल 66 मिनट चली। अनुपूरक अनुदान की मांगें और तीन विधेयक पारित करवाने के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। दूसरे दिन प्रश्नकाल में केवल 5 मिनट और शून्यकाल में 18 मिनट कार्यवाही हुई, जबकि तीसरी बार सदन शुरू होने के बाद करीब 43 मिनट कामकाज चला। इस दौरान विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार ने अपना विधायी कामकाज पूरा किया। इससे पहले कांग्रेस ने विधानसभा परिसर के बाहर भी प्रदर्शन किया था। कांग्रेस ने स्कूलों में मीडिया की एंट्री पर रोक सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने स्कूलों में आरएसएस की शाखाएं लगाए जाने का आरोप भी लगाया। शुक्रवार की कार्यवाही में द्रव्यवती नदी पर एलिवेटेड रोड और खाद-बीज संकट से जुड़े सवाल भी प्रस्तावित थे। कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने द्रव्यवती नदी पर एलिवेटेड रोड से संबंधित सवाल लगाया था, जबकि प्रमोद जैन भाया ने खाद-बीज संकट को लेकर सवाल लगाया था। हालांकि हंगामे के कारण प्रश्नकाल और शून्यकाल का बड़ा हिस्सा प्रभावित रहा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. 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