24 न्यूज़ अपडेट उदयपुर। जिला कलक्टर अरविन्द पोसवाल ने कहा है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया आने के बाद हर व्यक्ति में पढ़ने की आदत में कमी आई है। अब हर जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होने के कारण विद्यार्थी किताबें पढ़ने में रूचि नहीं दिखाते, जबकि पुस्तकें पढ़ना अधिक उपयोगी है। पुस्तक मेले और प्रदर्शनी जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करने में सहायक हैं।जिला कलक्टर श्री पोसवाल शुक्रवार को सूचना केंद्र सभागार में नेशनल बुक ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय उदयपुर पुस्तक प्रदर्शनी के शुभारंभ समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर सर्च कर पढ़े गए कंटेंट से पुस्तक में पढ़ा हुआ कंटेंट अधिक विश्वसनीय होने के साथ ही ज्यादा समय तक याद भी रहता है। उन्होंने एनबीटी की पुस्तक प्रदर्शनी को बहुपयोगी बताते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से काफी उपयोगी पुस्तकें उपलब्ध हैं। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। कड़ी मेहनत और ईमानदारी से प्रयास करें, सफलता अवश्य मिलेगी।मूल्य आधारित शिक्षा में एनबीटी का बड़ा योगदान :कलक्टर पोसवाल ने कहा कि मूल्य आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने में नेशनल बुक ट्रस्ट का बड़ा योगदान है। ट्रस्ट की ओर से कला, विज्ञान, साहित्य, संस्कृति, व्यक्तित्व सहित सभी विषयों पर पुस्तकों का प्रशासन और प्रदर्शन किया जाता रहा है। इससे आमजन विशेषज्ञ विद्यार्थियों व शोधार्थियों को पढ़ने के लिए विश्वसनीय सामग्री उपलब्ध हो पाती है।स्कूल-लाईब्रेरीज को जोड़ा जाए :कलक्टर पोसवाल ने प्रदर्शनी में रखी पुस्तकों का अवलोकन किया। विभिन्न विषयों पर उपलब्ध पुस्तकों और विषय वस्तु को देखकर कलक्टर अभिभूत हो उठे। उन्होंने निजी व राजकीय विद्यालयों और लाइब्रेरीज को जोड़ते हुए बच्चों को प्रदर्शनी की विजिट कराने का सुझाव दिया, ताकि बच्चों का किताबों के प्रति रूझान बढे।विशिष्ट अतिथि संयुक्त निदेशक (जनसंपर्क) डॉ. कमलेश शर्मा ने पुस्तक प्रदर्शनी को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए उपयोगी बताया तथा सूचना केंद्र पुस्तकालय और वाचनालय में उपलब्ध सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी।प्रारंभ में कलक्टर ने मां सरस्वती की तस्वीर के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर पुस्तक प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। प्रभारी अधिकारी राजेश कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए अवगत कराया कि नेशनल बुक ट्रस्ट 60 भाषाओं में पुस्तकों का प्रकाशन करता है। उदयपुर में पुस्तक प्रदर्शनी व बाल गतिविधियां 20 से 26 सितम्बर तक आयोजित की जा रही हैं।कार्यक्रम का संचालन एनबीटी की यंग प्रोफेशनल शुभलक्ष्मी गौतम ने किया। इस दौरान सहायक जनसंपर्क अधिकारी विनय सोमपुरा, जयेश पंड्या, प्रस्तर शिल्पकार हेमन्त जोशी, विनय दवे, ऋतु चांदवानी, नीलोफर मुनीर, एनबीटी के विपणन कार्यकारी कुलदीप, विक्रय प्रतिनिधि अरूणकुमार, बिजनेस एनालिसिस अमित कुमार आदि भी उपस्थित रहे।स्कूली बच्चों ने देखी प्रदर्शनी, स्पर्धाओं में उत्साह :पुस्तक प्रदर्शनी के दौरान प्रतिदिन बाल गतिविधियां भी आयोजित की जा रही है। इसमें विभिन्न विद्यालयों के बच्चों को प्रदर्शनी का अवलोकन कराया जा रहा है। कहानी वाचन, चित्रकला तथा लेखक से भेंट कार्यक्रमों के जरिए बच्चों की सृजनशीलता को मंच भी मिल रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को पायोनियर स्कूल और विद्याभवन स्कूल के बच्चों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। एक्जीक्यूटिव असिस्टेंट दीपासिंह व मणि भूषण के निर्देशन में सुबह कहानी वाचन सत्र हुआ। इसमें कहानीकार कोमल जैन ने कहानी कहने की विधा के बारे में बताया। इसके पश्चात चित्रकला प्रतियोगिता हुई। इसमें बच्चों ने किताबें बोलती हैं, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पर्यावरण संरक्षण तथा कहानी सुनकर कर उसे चित्र में उकेरने जैसे विषयों पर अपनी सृजन क्षमता का परिचय दिया। 5 विजेता विद्यार्थियों को जिला कलक्टर अरविन्द पोसवाल ने पुस्तकें भेंट कर सम्मानित किया। लेखक से भेंट कार्यक्रम में साहित्यकार गोपाल राजगोपाल ने बच्चों व युवाओं से मुलाकात कर साहित्य से जुड़ी उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation ताज कार बाजार से 12 घरेलू सिलेंडर समेत अन्य उपकरण किये जब्त उदयपुर में आपसी झगड़े को साम्प्रदायिक नफरत में बदलना, वाहनों, दुकानों में तोडफ़ोड़, प्रशासनिक विफलता, भाजपा की साम्प्रदायिक राजनीति, आम जनता को प्रेम, भाईचारा और सदभाव से दूर रहीं है।: सिंघवी