24 न्यूज अपडेट. राजसमंद। राजसमंद जिले के नाथद्वारा में बनास नदी में गणपति प्रतिमा को विसर्जित किया गया था। इस प्रतिमा को जेसीबी लगा कर नदी से निकाल दिया व तोड़ते हुए मूर्ति में से लोहा निकालने का काम चल रहा था। मामला सामने आने पर विधायक विश्वराज सिंह मेवाड ने तुरंत उपखण्ड अधिकारी को आदेश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। इस पर संबंधित दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी हुई। नाथद्वारा उपखंड अधिकारी रक्षा पारीक से विधायक ने फोन पर बात की और उन्हें निर्देश दिए कि त्वरित जांच कर जो भी दोषी कर्मचारी है, उनके खिलाफ त्वरित एवं सख्त कार्रवाई की जाए। इस मामले में बाद में उपखंड अधिकारी ने दोषी कार्मिकों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू की। विधायक मेवाड़ ने कहा है कि इस घटना से आमजन की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है और ऐसी घटना कतई स्वीकार नहीं है।
इस बारे में मित्र मंडली की ओर से गणपति महोत्सव में मिट्टी की मूर्ति को बनास नदी में विसर्जित करने के बाद पुनः नगर पालिका के कार्मिकों द्वारा जेसीबी द्वारा बाहर निकालने पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने पर ज्ञापन सौंपा गया। इसमें बताया गया कि नियमानुसार मिट्टी की मूर्ति की स्थापना की गई। मंगलवार को नियमानुसार गणगौर घाट पर विसर्जित किया गया। बुधवार को पुनः नपा कर्मियों द्वारा बिना किसी आदेश के मिट्टी की मूर्ति को जेसीबी से बाहर निकाल कर धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचाने का कार्य किया गया। ज्ञापन में कार्मिकों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की। युवाओं के ज्ञापन सौंपने के बाद कल आयुक्त नगर पालिका की ओर से राजेश गहलोत ( कार्यवाहक जमादार), सोनू व प्रह्लाद को निलबिंत कर दिया गया। कर्मियों का निलम्बनकाल में मुख्यालय नाथद्वारा नपा कार्यालय रहेगा।
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