24 न्यूज अपडेट. उदयपुर। प्रकाश सवाईलाल जैन की ओर से दी गई रिपोर्ट में सार्वजनिक निर्माण विभाग नगर खण्ड उदयपुर के अधिकारियों व ठेकेदार के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही किये जाने की मांग की गई है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की पांच धाराएं लगाई गईं हैं जिनमें धारा 316(5), 318(4), 125, 125(ए), 61(2)(बी) शामिल हैं। निवेदन किया गया कि जिला न्यायालय परिसर, उदयपुर में नीम के चौक में प्रथम तल पर न्यायालय एसीजेएम प्रथम साउथ उदयपुर स्थित है। दोपहर करीब 1 बजकर 40 मिनट पर न्यायालय के पीठासीन अधिकारी देवेन्द्र पुरी न्यायालय के लंच टाईम होने से उनके अवकाशागार में भोजन कर रहे थे। तभी अचानक पीठासीन अधिकारी के अवकाशागार के चेम्बर की छत का प्लास्तर लोहे की फ्रेम के साथ पूरे चेम्बर की छत पीठासीन अधिकारी के सिर पर गिर गई जिससे पीठासीन अधिकारी को सिर में अंदरूनी गभीर चोटें आई हैं। उपरोक्त के क्रम में कहा गया कि पूर्व में वर्ष अगस्त 2022 चेम्बर के छत का प्लास्तर गिर जाने से सार्वजनिक निर्माण विभाग नंगर खण्ड, उदयपुर द्वारा चेम्बर के रिपेयरिंग हेतु 743 लाख की आवश्यकता बताई गई जिस सम्बन्ध में इस कार्यालय के पत्र क्रमाक स्था/2022/161 दिनाक 2308 2022 द्वारा बजट उच्च न्यायालय से आवटन करने हेतु जिला एवं सेशन न्यायाधीश महोदय, उदयपुर से निवेदन किया गया। इस पर जिला एवं सेशन न्यायाधीश उदयपुर द्वारा उनके पत्र क्रमांक स्था/प्रशा/2022/5709 दिनाक 3108 2022 द्वारा राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर से उक्त बजट के आवंटन के लिए निवेदन किया गया, जिस पर उच्च न्यायालय जोधपुर द्वारा उनके पत्र द्वारा उक्त न्यायालय के चेम्बर की मेन्टीनेन्स के लिए 7.43 लाख रूपये आवंटित किये गए। इस पर सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा इस न्यायालय व चेम्बर की रिपेयरिंग का कार्य करवाया गया। सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा मागे गये पूरा बजट उच्च न्यायालय द्वारा सार्वजनिक निर्माण विभाग को आवटित किये जाने के बावजूद सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण कार्य करते हुये राजकोष राशि का गबन करते हुये गुणवत्तायुक्त निर्माण कार्य नहीं किया गया। इस कार्यालय द्वारा पूर्व में भी न्यायालय में किये गये कार्य की गणुवत्ता के सम्बन्ध में सार्वजनिक निर्माण विभाग को पत्र जारी कर भौतिक निरीक्षण कर उचित कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया था। अत सार्वजनिक निर्माण विभाग के तत्कालीन अधिशासी अभियता, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता व ठेकेदार के विरूद्ध राजकोष राशि का गबन करने, दुरुपयोग करने व पीठासीन अधिकारी को सिर व अन्य जगह में आई अंदरूनी गंभीर चोटों को कारित करने पर नियमानुसार कानूनी कार्यवाही करें। रीडर न्यायालय हाजा न्यायालय अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एव न्यायिक मजिस्ट्रेट सं.1 (दक्षिण) उदयपुर की ओर से यह रिपोर्ट दी गई। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation आयुर्वेद महाविद्यालय में मनोविज्ञाननियम विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का हुआ शुभारंभ विज्ञान समिति के मीडिया प्रभारी प्रोफेसर विमल शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता