24 न्यूज़ अपडेट उदयपुर, 10 अगस्त। प्रदेश के मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत ने कहा कि प्रदेशवासियों को स्वच्छ और संवेदनशील प्रशासन देना मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा एवं राज्य सरकार का मुख्य ध्येय है। अधिकारी इस बात पर विशेष ध्यान देवें कि आमजन की परिवेदनाओं पर त्वरित कार्यवाही होनी चाहिए तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण राहत भी मिलनी चाहिए। इसमें किसी प्रकार की कौताही नहीं बरती जानी चाहिए।श्री पंत शनिवार को जिला परिषद सभागार में संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्य सचिव ने संभाग के उदयपुर, भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़ और सलूम्बर जिलों के कलक्टर-एसपी के साथ ही संभाग स्तरीय विभागीय अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं व कार्यों की प्रगति रिपोर्ट तथा कानून व्यवस्था के बारे में जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार की महत्वपूर्ण और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। समय से पहले पहुंचे मुख्य सचिव:मुख्य सचिव समय की पाबंदी को लेकर काफी संवेदनशील हैं। समीक्षा बैठक का समय 10 बजे निर्धारित था। मुख्य सचिव इससे 10 मिनट पहले ही बैठक स्थल पर पहुंच गए। संभागीय आयुक्त श्री राजेंद्र भट्ट, आईजी अजयपाल लांबा, मुख्य वन संरक्षक एसआर मूर्थी, जिला कलक्टर अरविन्द पोसवाल आदि ने उनका अभिवादन किया। मुख्य सचिव श्री पंत ने सर्वप्रथम सभी अधिकारियों से औपचारिक परिचय प्राप्त किया। गुड गवर्नेंस के दिए टिप्स:बैठक में मुख्य एजेण्डा पर चर्चा से पूर्व मुख्य सचिव ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए गुड गवर्नेंस के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि आज हम सभी उस पोजिशन में हैं, जहां से आमजन की समस्याओं के निस्तारण कर सकते हैं, अपने क्षेत्र, प्रदेश और देश के विकास में योगदान दे सकते हैं। आपकी भूमिका राज्य सरकार की इमेज बिल्डिंग करती है। अपनी भूमिका को कम नहीं आंकें। आप राज्य सरकार के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानव संसाधन है। आप सभी ने कठिन हालातों में भी बेहतर काम करके दिखाया है। हर विभाग ने अपनी भूमिका को बहुत अच्छे ढंग से निभाया है। उन्होंने कहा कि हमें और अधिक संवेदनशील होकर काम करना होगा। सरकार की मंशा के अनुरूप लोगों को त्वरित राहत उपलब्ध कराकर गुड गवर्नेंस के संकल्प को साकार करना होगा। आम आदमी के जीवन को सरल बनाएं:मुख्य सचिव ने कहा कि आम आदमी के जीवन को सरल और आसान बनाना मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और राज्य सरकार की मंशा है। आम व्यक्ति छोटे-मोटे कामों के लिए उलझा रहे यह उचित नहीं है। उन्होंने ई-फाइलिंग और डिस्पोजल टाइमिंग पर जोर देते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग करते हुए काम को सहज, सरल और सुलभ बनाया जा सकता है, ताकि लोगों को समय पर राहत मिल सके। वर्षा के मौसम में सतर्कता बरतें:मुख्य सचिव ने प्रदेश में वर्षा के दौरान बनने वाले हालातों की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि हमारी थोड़ी सी सतर्कता कई लोगों का जीवन बचा सकती है। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्र में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने, नालों-जलाशयों पर चेतावनी बोर्ड सुनिश्चित कराने, नदी-नालों की सफाई करवाने, खुले नालों को ढंकवाने आदि के निर्देश दिए। राजस्व प्रकरणों की बिन्दुवार समीक्षा:मुख्य सचिव ने सर्वप्रथम राजस्व से जुड़े विभिन्न प्रकरणों की बिन्दुवार समीक्षा की। इसमें भू-रूपांतरण, नामांतरण, राजकीय भूमि को लेकर चल रहे न्यायिक प्रकरणों, योजनाओं और मुख्यमंत्री बजट घोषणाओं को लेकर अपेक्षित भूमि आवंटन प्रकरणों, भूमि अवाप्ति और मुआवजा वितरण से जुड़े प्रकरणों आदि की जिले और संभागवार समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक विषय में लंबित प्रकरणों को लेकर संबंधित जिला कलक्टर्स से फीडबैक लेते हुए प्रकरणों के समय पर निस्तारण को लेकर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी फाइल अनावश्यक पेण्डिंग नहीं रहनी चाहिए। सरकार प्रदेशवासियों को स्वच्छ प्रशासन देना चाहती है। इसमें दूदू जैसे घटनाक्रमों के लिए कोई जगह नहीं है। जो काम रूटिन में हो सकते हैं, वह किसी भी स्थिति में लंबित नहीं रहें। सचिवालय स्तर के इशु हो तो उन्हें तत्काल संबंधित उच्चाधिकारी के ध्यान में लाकर निस्तारित कराने के प्रयास किए जाएं। आईगॉट मिशन कर्मयोगी में हो शत प्रतिशत पंजीयन:बैठक में मुख्य सचिव श्री पंत ने प्रशासन सहित सभी विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों के क्षमतावर्द्धन को लेकर लांच किए गए आईगॉट मिशन कर्मयोगी की प्रगति की भी समीक्षा की। उदयपुर संभाग में प्रशासनिक स्तर पर 78 प्रतिशत कार्मिकों का मिशन कर्मयोगी में पंजीयन हुआ है। वहीं 2152 लोगों ने विभिन्न प्रशिक्षण भी प्राप्त कर लिए हैं। इस पर श्री पंत ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह केंद्र सरकार का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। नीति आयोग की गत 27 जुलाई को ही हुई बैठक में भी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस पर फोकस किया था। उन्होंने मिशन कर्मयोगी में प्रशासन सहित सभी विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों का शत प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करते हुए अपेक्षित प्रशिक्षण प्राप्त करने के निर्देश दिए। पीएम सूर्यघर योजना में राजस्थान रहे टॉप पर:मुख्य सचिव श्री पंत ने पीएम सूर्यघर मुत्त््त बिजली योजना की समीक्षा की। इसमें अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में राजस्थान अव्वल है, ऐसे में पीएम सूर्यघर योजना में भी राजस्थान पूरे देश में टॉप पर रहना चाहिए। मुख्यमंत्री महोदय की भी यही प्राथमिकता है। उन्होंने विद्युत निगम के अधिकारियों को और अधिक गंभीरता से कार्य करने तथा सूर्यघर बिजली योजना में जल्द से जल्द अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सभी जिला कलक्टर्स को भी इसे अपने एजेण्डे में शामिल करते हुए व्यापक मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। मादक पदार्थों की तस्करी व अवैध खनन रोकने पर भी मंथनबैठक में श्री पंत ने संभाग में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने तथा अवैध बजरी खनन पर अंकुश को लेकर की गई कार्यवाहियों की भी समीक्षा की। पुलिस महानिरीक्षक अजयपाल लांबा ने जिले वार की गई कार्यवाही से अवगत कराते हुए चुनौतियों पर भी चर्चा की। साथ ही अवैध बजरी खनन व परिवहन रोकने के लिए सी-विजिल एप की तर्ज पर एप लांच किए जाने सहित कुछ सुझाव भी दिए। श्री पंत ने सुझावों का स्वागत किया। महिलाओं के विरूद्ध अपराधों में 14 फीसदी कमीमहिलाओं के विरूद्ध अपराधों पर चर्चा करते हुए आईजी लांबा ने अवगत कराया कि उदयपुर संभाग में महिलाओं के विरूद्ध होने वाले अपराधों में पिछले वर्ष की तुलना में 14 फीसदी कमी आई है। मुख्य सचिव श्री पंत ने उसकी सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं के विरूद्ध अपराधों को सामाजिक जनजाग्रति और शिक्षा के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने आंगनवाड़ी वर्कर्स, आशा-सहयोगिनी आदि ग्रास रूट लेवल के कार्मिकों की मदद से अवेयरनेस के प्रयासों पर काम करने की आवश्यकता जताई। शांति और सौहार्द से ही विकासमुख्य सचिव ने संभाग के सभी जिलों की कानून व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस से जुड़े सभी अधिकारियों की सक्रियता के चलते राज्य में शांति व्यवस्था बनी हुई है। शांति और सौहार्द से ही विकास संभव है। विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने के लिए शांति और सौहार्द अतिमहत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री की मंशा, औचक निरीक्षण पर हो फोकसमुख्य सचिव ने औचक निरीक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महोदय की भी मंशा है कि अधिकारी अपने क्षेत्राधिकार के कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर कामकाज की समीक्षा करते रहें, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। मुख्य सचिव ने सभी जिला कलक्टर्स और आला अधिकारियों को अपने अधीनस्थ विभागों व कार्यालयों का लगातार आकस्मिक निरीक्षण करने तथा उसकी रिपोर्ट मुख्यालय प्रेषित करने के लिए निर्देशित किया। प्रदेश में लागू होगा सेतु और सफाई का उदयपुर मॉडलबैठक में आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ विपिन माथुर ने रैफरल मरीजों को त्वरित उपचार मुहैया कराने के लिए आरएनटी मेडिकल कॉलेज और संबद्ध चिकित्सालयों में लागू किए गए सेतु प्रोजेक्ट का प्रजेंटेशन दिया। साथ ही महाराणा भूपाल राजकीय अस्पतालों में शौचालयों की सफाई के लिए लागू क्यू आर कोड सिस्टम के उदयपुर मॉडल के बारे में भी जानकारी दी। मुख्य सचिव ने उसकी सराहना करते हुए प्रदेश में लागू कराने की बात कहीं। इस पर जिला कलक्टर अरविन्द पोसवाल ने इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट और प्रस्ताव प्रेषित किए जाने की जानकारी दी। यह भी दिए निर्देश जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यों में लंबित विद्युत कनेक्शन प्राथमिकता से पूर्ण कराए जाएं भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण के प्रकरणों को त्वरित गति से निस्तारित करें बकाया कृषि कनेक्शनों को जल्द पूरा करें बजट घोषणाओं के कार्यों के लिए अपेक्षित भूमि आवंटन कार्यवाही यथाशीघ्र पूर्ण हो सामुदायिक वनाधिकार प्रकरणों का निस्तारण करें पीएम आदि आदर्श ग्राम योजना में हो अपेक्षित प्रगति अमृत 2.0 योजना के कार्यों को कलक्टर रिव्यू करें आयुष्मान कार्ड का शत प्रतिशत वितरण सुनिश्चित हो पौधरोपण व जल संरक्षण पर विशेष ध्यान दें जिला कलक्टर-पुलिस अधीक्षक में मजबूत समन्वय रहे नेशनल हाइवे पर सड़क दुर्घटनाओं में अंकुश लगाने के लिए हो प्रभावी प्रयासबैठक में यह हुए शामिलसंभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में देवस्थान विभाग के आयुक्त वासुदेव मालावत, टीएडी आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, निदेशक खान एवं भू विज्ञान भगवतीप्रसाद कलाल, आबकारी आयुक्त अंशदीप, युडीए आयुक्त राहुल जैन, नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश, उदयपुर कलक्टर अरविन्द पोसवाल, चित्तौड़ कलक्टर आलोक रंजन, भीलवाड़ा कलक्टर नमित मेहता, राजसमंद कलक्टर डॉ भंवरलाल, सलूम्बर कलक्टर जसमीतंिसह संधू, उदयपुर एसपी योगेश गोयल, राजसमंद एसपी मनीष मिश्रा, चित्तौड़ एसपी सुधीर जोशी, भीलवाड़ा एसपी दुष्यंत राजन, सलूम्बर एसपी अरशद अली सहित विभिन्न विभागों के संभाग स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... 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