24 न्यूज अपडेट उदयपुर। पूर्व विधायक और भाजपा के वरिष्ठ नेता रणधीरसिंह भीण्डर ने मुख्यमंत्री भजनलाल को पत्र लिख कर डीएलएसी दरों को और अधिक नहीं बढ़ाने का अनुरोध किया हैं। पत्र में उन्होंने लिखा कि राज्य सरकार ने बजट में वित्त विभाग अनुसार 1 अप्रेल 2024 से डी. एल. सी. दरों में 10 प्रतिशत की वृद्धि कर डी. एल. सी. दर लागू कर दी थी, जो वर्तमान में प्रभावी है। जानकारी में आया है कि कार्यालय महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग अजमेर द्वारा दिनांक 22 मई 2024 को जिला कलक्टर को डी. एल. सी. मीटिंग आयोजित कर डी. एल. सी. के क्रम में पत्र लिखा गया जिसमें डी. एल. सी. दर को बढ़ाया जाना सुनिश्चित कर शहर के हर क्षेत्र की दर राउण्ड ऑफ में कर नई दरें लागू किये जाने का आदेश दिया गया है। ऐसे में फिलहाल 10 प्रतिशत के अतिरिक्त 25 से 30 प्रतिशत डी. एल. सी. वृद्धि की सम्भावना है जो उचित नहीं है, चूंकि सम्पूर्ण क्षेत्र की डी. एल. सी. दरें पहले से बढ़ी हुई है, अब और डी. एल. सी. बढ़ाने से आम जनता पर भार बढ़ेगा । यह कि डी. एल. सी. दरें बढ़ने से प्रोपर्टी व्यवसाय बहुत घाटे में है और बढ़ने से लगभग ठप्प सा हो जायेगा पहले से कोरोना जैसी महामारी से आम जनता उभर नहीं पायी है । उपरोक्त स्थिति-परिस्थिति को मद्देनजर रखते हुए डी. एल. सी. दरों में कोई परिवर्तन / फेरबदल करना उचित नहीं होकर अन्याय पूर्ण होगा। फिर भी डी. एल. सी. में बढ़ोत्तरी जरुरी हो तो राज्य सरकार द्वारा पूर्ण बजट में घोषणा कर दी जावे, क्योंकि डी. एल. सी. बैठक में जिला स्तरीय समिति द्वारा काफी भारी वृद्धि की सम्भावना हो जाती है । अतः आपसे से निवेदन है कि हमारे समस्त तथ्यों को ध्यान में रखकर डी.एल.सी. से सम्बन्धित आम जनता के पक्ष में निर्णय लेकर आम जनता को पूर्ण राहत दी जावें । Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation कवि सम्मेलन…….अपर्ण तो किए प्राण, समर्पण नहीं किया। दिल्ली की क्रूरता से उदयपुर नहीं डरा, कर्तव्य से परे जहां रिश्ते नहीं हुए, सौ-सौ प्रणाम है तुझे मेवाड़ की धरा। अकबर भी डर गया तेरी छाती के नाप से, चट्टान भी पिघल गई सांसों के ताप से,मिट्टी में गिरा खून को हल्दी महक उठी, धरती धन्य हो गई राणा प्रताप की। नीट के रिजल्ट में धांधली का आरोप, एनएयूआई ने किया प्रदर्शन