24 NEW UPDATE नई दिल्ली, 21 जून। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 पर भारतीय रेल ने पूरे देश में ऐतिहासिक, व्यापक और भव्य योग आयोजनों की श्रृंखला के साथ एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। “योगा फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ” की भावना को साकार करते हुए यह आयोजन सभी रेल ज़ोन, मंडलों, स्टेशनों, रेल परिसरों और यहां तक कि भारत के इंजीनियरिंग चमत्कारों पर भी किया गया।अभूतपूर्व स्थानों पर हुआ योगइस वर्ष आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि योग सत्र रेलवे के प्रतिष्ठित स्थलों पर भी आयोजित किए गए। पहली बार जम्मू-कश्मीर के चिनाब ब्रिज — जो दुनिया का सबसे ऊंचा रेल आर्च ब्रिज है — पर योग सत्र का आयोजन हुआ। इसी प्रकार, भारत के पहले केबल स्टे ब्रिज अंजी पुल और देश के पहले वर्टिकल लिफ्ट रेल ब्रिज पांबन पुल पर भी अद्वितीय योग सत्र आयोजित किए गए, जो योग और इंजीनियरिंग के अद्वितीय संगम के प्रतीक बने।विशेष ट्रेन ने बढ़ाई जागरूकतापूर्व रेलवे के हावड़ा मंडल में एक विशेष ईएमयू ट्रेन सेवा भी चलाई गई, जो पूरी तरह योग को समर्पित थी। इस ट्रेन के कोचों को योग मुद्राओं और उनके स्वास्थ्य लाभों से सजाया गया, जिससे यात्रियों के बीच योग के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।देशभर में जनभागीदारीरेल राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना ने कर्नाटक के हासन, और रेल राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह बिट्टू ने चंडीगढ़ के सुखना लेक पर आयोजित योग सत्र में भाग लिया। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सतीश कुमार ने नई दिल्ली स्थित करनैल सिंह स्टेडियम में योगाभ्यास किया।देश के सभी रेलवे स्टेशनों, कार्यलयों, प्रशिक्षण केंद्रों और मंडलों में व्यापक स्तर पर योग सत्र आयोजित हुए, जिनमें रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों, रेलवे सुरक्षा बल, स्काउट्स एंड गाइड्स, स्कूली छात्र-छात्राओं, जनप्रतिनिधियों और सामान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।योग को अपनाने का संदेशसभी सत्रों में योगासन, प्राणायाम, ध्यान और योग के जीवनदायिनी पहलुओं पर प्रकाश डाला गया। योग के माध्यम से तनावमुक्त, अनुशासित व स्वास्थ्यवर्धक जीवनशैली को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।रेलवे की पहल की सराहनाभारतीय रेल ने इस आयोजन के माध्यम से न केवल अपने कर्मचारियों को फिट और तनावमुक्त जीवन की प्रेरणा दी, बल्कि समाज के हर वर्ग को योग से जोड़ने का प्रयास किया। योग और राष्ट्र निर्माण के इस संगम ने एक बार फिर यह साबित किया कि भारतीय रेल केवल यातायात का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का भी सशक्त मंच है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation वंदे ‘‘डबल इंजन’’ भारत : बुजुर्ग यात्री से मारपीट, भाजपा विधायक के समर्थकों पर आरोप भारतीय रेल को अपराध मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम : जीआरपी प्रमुखों का छठा अखिल भारतीय सम्मेलन संपन्न