24 News Update दिल्ली। हिन्दी साहित्य और संस्कृति की प्रतिष्ठित पत्रिका बनास जन ने विख्यात आलोचक प्रो. नवल किशोर की स्मृति में दिए जाने वाले ‘नवल किशोर स्मृति आलोचना सम्मान’ की घोषणा कर दी है। इस वर्ष यह सम्मान जामिया मिल्लिया इस्लामिया, दिल्ली के युवा अध्येता डॉ. अनूप कुमार बाली को उनके चर्चित विनिबंध ‘एक रचनाकार के आत्मसंघर्षों का रचनात्मक दस्तावेज: एक साहित्यिक की डायरी और रचना-प्रक्रिया का प्रश्न’ के लिए प्रदान किया जाएगा।पत्रिका द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस विनिबंध का प्रकाशन स्वतंत्र अंक के रूप में किया जाएगा तथा सम्मान राशि भी भेंट की जाएगी। चयन के लिए गठित निर्णायक समिति में डॉ. सत्यनारायण व्यास (चित्तौड़गढ़), प्रो. माधव हाड़ा (उदयपुर) और डॉ. हिमांशु पंड्या (रानीवाड़ा) शामिल थे, जिन्होंने सर्वसम्मति से डॉ. बाली की पांडुलिपि का चयन किया।सम्प्रति डॉ. अनूप कुमार बाली जामिया मिल्लिया इस्लामिया से हिन्दी साहित्य में पीएचडी कर रहे हैं। इससे पूर्व वे अम्बेडकर विश्वविद्यालय से साहित्यिक कला विषय पर पीएचडी कर चुके हैं। 4 अक्टूबर 1990 को दिल्ली में जन्मे बाली ने दीनदयाल कॉलेज, दिल्ली से स्नातक और अम्बेडकर विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है।निर्णायक मंडल के सदस्यों ने अपने वक्तव्यों में बाली के शोध को महत्वपूर्ण बताया। डॉ. सत्यनारायण व्यास ने कहा कि मुक्तिबोध की डायरी पर किया गया यह अध्ययन रचना-प्रक्रिया की गहराई को नए आयाम देता है। वहीं प्रो. माधव हाड़ा के अनुसार, बाली का विनिबंध मुक्तिबोध की रचनात्मक प्रक्रिया के द्वंद्व और आत्मसंघर्ष को समझने का एक नवीन प्रयास है। डॉ. हिमांशु पंड्या ने इसे मुक्तिबोध के आत्मसंघर्ष के व्यापक राजनीतिक निहितार्थों को उद्घाटित करने वाला महत्वपूर्ण अध्ययन बताया।परामर्श समिति के संयोजक एवं माणिक्यलाल वर्मा श्रमजीवी कॉलेज, उदयपुर के हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. मलय पानेरी ने बताया कि प्रो. नवल किशोर के आलोचना क्षेत्र में अविस्मरणीय योगदान को स्मरणीय बनाने के उद्देश्य से यह सम्मान प्रारम्भ किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे देशभर के युवा अध्येताओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा।उल्लेखनीय है कि पिछले वर्षों में यह सम्मान काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की निवेदिता प्रसाद और दिल्ली विश्वविद्यालय के असीम अग्रवाल को प्रदान किया जा चुका है। इस संबंध में बनास जन के संपादक डॉ. पल्लव ने बताया कि यह सम्मान हिन्दी आलोचना के क्षेत्र में उभरती प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मिर्जापुर हाईवे पर मौत का तांडव: ब्रेक फेल ट्रक ने मचाई तबाही, 11 की दर्दनाक मौत, 9 जिंदा जले माई फ्रेंड ट्रम्प ने भारत को बताया ‘नरक’, बोले—नागरिकता हासिल करते हैं और बाद में पूरे परिवार को बुला लेते हैं