24 News Update मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश | उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बुधवार रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। मिर्जापुर-रीवा नेशनल हाईवे पर हुए इस दर्दनाक हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें बोलेरो सवार 9 लोग जिंदा जल गए। हादसा रात करीब 9:30 बजे ड्रमडगंज थाना क्षेत्र में हुआ। कैसे हुआ हादसा: चंद सेकंड में तीन गाड़ियां बनीं मौत का जालप्रारंभिक जांच के अनुसार, एक तेज रफ्तार ट्रक का ब्रेक अचानक फेल हो गया, जिससे चालक नियंत्रण खो बैठा। बेकाबू ट्रक ने आगे चल रही बोलेरो और स्विफ्ट कार को जोरदार टक्कर मारी। टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दोनों वाहन आगे चल रहे ट्रॉले में जा घुसे।झटके के बाद बोलेरो उछलकर अलग जा गिरी और उसमें धमाके के साथ आग लग गई, जबकि स्विफ्ट कार ट्रक और ट्रॉले के बीच बुरी तरह फंस गई। जिंदा जलते रहे लोग, मदद के लिए गूंजती रहीं चीखेंप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बोलेरो में आग लगते ही उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए। आग इतनी भीषण थी कि किसी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने बचाव का प्रयास किया, लेकिन तेज लपटों और फ्यूल लीक होने के कारण कोई पास तक नहीं जा सका। करीब ढाई घंटे तक बोलेरो धू-धू कर जलती रही। अंदर फंसे लोग मदद के लिए चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन हालात इतने भयावह थे कि उन्हें बचाया नहीं जा सका। एक ही परिवार पर टूटा कहरजानकारी के अनुसार, बोलेरो में सवार 9 लोगों में से 8 एक ही परिवार के थे, जो मैहर से 8 वर्षीय बच्चे का मुंडन कराकर लौट रहे थे। इस हादसे में बच्चे समेत उसकी मां और अन्य रिश्तेदारों की मौत हो गई। अन्य मृतक: कार चालक और ट्रॉला क्लीनर भी शामिलहादसे में स्विफ्ट कार के ड्राइवर और ट्रॉले के क्लीनर की भी मौके पर ही मौत हो गई। सभी शव इतनी बुरी तरह जल चुके थे कि उनकी पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के बाद काफी देर तक न तो फायर ब्रिगेड पहुंची और न ही एंबुलेंस। ग्रामीणों ने ही पानी और अन्य साधनों से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में पुलिस और दमकल की टीम ने पहुंचकर आग पर काबू पाया। प्रशासन का बयानमामले पर एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि सभी मृतक जिगना थाना क्षेत्र के नरैना गांव के निवासी थे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस मार्ग पर तीखा मोड़ और अपर्याप्त संकेतक (रोड साइन) होने के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं। ग्रामीणों ने इसे ‘ब्लैक स्पॉट’ घोषित कर सुरक्षा उपायों की मांग की है। गांव में पसरा मातमहादसे की खबर जैसे ही नरैना गांव पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। एक ही परिवार के कई सदस्यों की मौत से माहौल गमगीन है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation होर्मुज खुला तो गिरे तेल के दाम, टकराव बरकरार, ईरान ने रास्ता खोला, अमेरिका की नाकेबंदी जारी युवा अध्येता डॉ. अनूप कुमार बाली को ‘नवल किशोर स्मृति आलोचना सम्मान’