चित्तौड़गढ़ बारिश का मौसम शुरू होते ही शहर और आसपास के प्राकृतिक स्थलों पर लोगों की आवाजाही बढ़ गई है। इसी के साथ कुछ लोग इन खूबसूरत जगहों को पिकनिक स्पॉट समझकर नियमों की अनदेखी करने लगे हैं। विजयपुर रेंज का प्रसिद्ध गुंजाला ऊंदरी झरना भी अब ऐसे लोगों की लापरवाही का शिकार होने लगा था। झरने के आसपास शराब पार्टी, कचरा फैलाने और आरक्षित वन क्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश की शिकायतों के बाद वन विभाग ने अब सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। वन विभाग ने साफ कर दिया है कि प्राकृतिक स्थलों की सुंदरता बिगाड़ने वालों को अब कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। आरक्षित वन क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करने, शराब पीने, गंदगी फैलाने और वन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने के साथ ही बंधपत्र भी भरवाया जाएगा। इसी कार्रवाई के तहत रविवार को प्रतिबंध के बावजूद जंगल क्षेत्र में पहुंचे चार युवकों को वन विभाग ने राजस्थान वन अधिनियम, 1953 की धारा-26 के तहत डिटेन किया। इन युवकों पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया और बाद में बंधपत्र व जमानत पर रिहा किया गया। इससे पहले शुक्रवार को भी झरने के पास शराब पार्टी करते मिले चंदेरिया के कुछ युवकों पर कार्रवाई की गई थी। उनसे 4500 रुपए का जुर्माना वसूला गया और भविष्य में ऐसी गलती नहीं करने की चेतावनी दी गई। ग्रामीणों की शिकायत के बाद बढ़ाई निगरानी विजयपुर रेंजर चंद्रजीत सिंह पवार ने बताया कि पिछले कुछ समय से ऊंदरी झरने पर बड़ी संख्या में बाहरी लोग पहुंच रहे थे। कई लोग सुरक्षा दीवार पार कर प्रतिबंधित क्षेत्र में चले जाते थे, झरने में नहाते थे, शराब का सेवन करते थे और प्लास्टिक सहित अन्य कचरा जंगल में छोड़ जाते थे। उन्होंने बताया कि इससे वन क्षेत्र का प्राकृतिक वातावरण प्रभावित हो रहा था। साथ ही ग्रामीणों और जंगल क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में प्रवेश व्यवस्था को सख्त करने का निर्णय लिया है। शराब पार्टी, आग जलाना और कचरा फैलाना प्रतिबंधित फॉरेस्टर मनोहर सिंह जाट ने बताया कि विजयपुर रेंज के सभी वनखंड आरक्षित वन क्षेत्र हैं। यहां शराब पीना, आग जलाना, पॉलीथीन और कचरा फैलाना, वन्यजीवों के आवास को नुकसान पहुंचाना और झरनों में नहाना जैसी गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। उन्होंने बताया कि ऊंदरी क्षेत्र में जल्द पौधारोपण किया जाना है। इसके लिए सुरक्षा दीवार बनाई गई है और क्षेत्र की निगरानी के लिए वॉच एंड वार्ड की व्यवस्था की गई है। क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी उदय राम जटिया और रतनलाल भील को सौंपी गई है। वन विभाग ने बढ़ाए सुरक्षा संसाधन विजयपुर रेंजर चंद्रजीत सिंह पवार ने बताया कि उप वन संरक्षक (डीएफओ) राहुल झाझड़िया के निर्देशन में वन सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है। रेंज को चार बाइक और एक बोलेरो कैंपर वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। जल्द ही चार रिवॉल्वर और एसएलआर राइफलें भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे गश्त और कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जा सके। इसके अलावा वन और राजस्व विभाग के नक्शों का मिलान किया जा रहा है तथा वन सीमा पर मीनारें लगाने की योजना है, जिससे भविष्य में सीमा संबंधी विवादों को रोका जा सके। नियम तोड़ा तो सजा और वाहन जब्ती तक का प्रावधान वन विभाग ने चेतावनी दी है कि आरक्षित वन क्षेत्र में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में 6 महीने से 3 साल तक की सजा, 1 हजार से 25 हजार रुपए तक जुर्माना, वन क्षेत्र को हुए नुकसान की भरपाई और गंभीर मामलों में 5 लाख रुपए तक जुर्माना लगाने का प्रावधान है। साथ ही नियम तोड़ने वालों के वाहन भी जब्त किए जा सकते हैं। वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि प्राकृतिक स्थलों की खूबसूरती बनाए रखने में सहयोग करें और जंगल क्षेत्र को पार्टी स्थल नहीं समझें। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation जेपी ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल विवाद: सकल दिगम्बर जैन समाज ने IMA प्रदेशाध्यक्ष डॉ. आनंद गुप्ता की भूमिका पर उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग राम मंदिर ट्रस्ट भंग कर जिम्मेदारो पर कार्यवाही की जाए – बृंदा करात