न्यायालय ने झूठे प्रकरण दर्ज कराने वाले चार प्रार्थियों/प्रार्थीयाओं पर लगाया 1000-1000 रुपए का अर्थदंड, सूरजपोल पुलिस ने पेश किए थे इस्तगासे उदयपुर। गंभीर अपराधों से जुड़े झूठे मामलों में निर्दोष लोगों को परेशान करने वालों के खिलाफ उदयपुर पुलिस की कार्रवाई के बाद न्यायालय ने चार मामलों में शिकायतकर्ताओं को अर्थदंड की सजा सुनाई है। इन मामलों में आरोप झेल रहे देव नलवाया, कुनाल खटीक, प्रवीण मीणा और माजिद खान के विरुद्ध दर्ज दुष्कर्म प्रकरण अनुसंधान में झूठे पाए गए। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन (IPS) के निर्देश पर झूठे प्रकरण दर्ज कराने वालों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सूरजपोल थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) उमेश ओझा और वृताधिकारी नगर पूर्व श्रीमती छवि शर्मा के पर्यवेक्षण में थानाधिकारी रतन सिंह चौहान ने ऐसे मामलों में न्यायालय में इस्तगासे पेश किए, जिनमें जांच के दौरान आरोप असत्य पाए गए थे। पुलिस ने न्यायालय से अनुरोध किया था कि झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाकर आरोपी पक्ष को परेशान करने और पुलिस व न्यायालय का समय खराब करने वाले लोगों के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाए। चार मामलों में शिकायतकर्ताओं पर लगा अर्थदंड न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट उदयपुर और विशेष न्यायालय पोक्सो एक्ट प्रकरण संख्या-2 उदयपुर ने चार प्रकरणों में झूठे मामले दर्ज कराने वाले प्रार्थी/प्रार्थीयाओं को 1000-1000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। इनमें— देव नलवाया मामला (अगस्त 2023): पुत्री से दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया गया था, जांच में झूठा पाया गया। कुनाल खटीक व अन्य मामला (दिसंबर 2024): दुष्कर्म के आरोपों की जांच में प्रकरण असत्य पाया गया। प्रवीण मीणा निवासी अंबाला सराडा, सलूंबर मामला (फरवरी 2026): दर्ज दुष्कर्म प्रकरण अनुसंधान में झूठा पाया गया। माजिद खान निवासी सिलावटवाड़ी उदयपुर मामला (अप्रैल 2026): आरोपों की जांच के बाद मामला झूठा पाया गया। झूठे मामलों पर आगे भी होगी कार्रवाई उदयपुर पुलिस ने कहा है कि नए आपराधिक कानूनों के तहत झूठे प्रकरण दर्ज करवाने वालों के खिलाफ भविष्य में भी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस द्वारा ऐसे मामलों में BNS 2023 की धारा 217 और 248 के तहत न्यायालय में कार्रवाई कराई जाएगी। पुलिस का कहना है कि वास्तविक पीड़ितों को न्याय दिलाना प्राथमिकता है, लेकिन झूठे आरोपों के जरिए निर्दोष लोगों को फंसाने वालों के खिलाफ भी कानून के अनुसार सख्ती जरूरी है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation डीएलएड प्रथम वर्ष की सैद्धांतिक परीक्षाएं कल से, 505 परीक्षार्थी होंगे शामिल 14 साल पुराने 25 मामलों में जब्त 14,424 लीटर अवैध शराब नष्ट