खेरोदा, 2 अगस्त (बुद्धिप्रकाश पाराशर)। खेरोदा कस्बे के जैन स्थानक भवन में चल रहे चातुर्मास के तहत रविवार को आयोजित धर्मसभा में मेवाड़ उप प्रवर्तक गुरुदेव कोमल मुनि महाराज साहब ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में अनेक रिश्ते बनते हैं, लेकिन सच्चा मित्र वही होता है जो मनुष्य को सत्य, धर्म और मोक्ष के मार्ग की ओर ले जाए। उन्होंने कहा कि इस संसार में गुरु से बढ़कर कोई सच्चा मित्र नहीं है, क्योंकि गुरु निस्वार्थ भाव से आत्मकल्याण का मार्ग दिखाते हैं और जीव को सांसारिक बंधनों से मुक्त होने की प्रेरणा देते हैं। गुरुदेव कोमल मुनि महाराज साहब ने अपने प्रवचन में कहा कि सच्ची मित्रता दो हृदयों को जोड़ने का कार्य करती है। सच्चा मित्र वही होता है जो बिना कहे मन की भावनाओं को समझे, परोपकारी और उदार हो तथा सुख के समय पीछे रहकर भी दुख और संकट की घड़ी में सबसे पहले साथ खड़ा हो जाए। उन्होंने कहा कि जो मित्र व्यक्ति को पाप कर्मों से दूर रखकर धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है, भय और शोक से बाहर निकालता है तथा जीवन को सहज और सार्थक बनाता है, वही वास्तविक मित्र कहलाने का अधिकारी है। उन्होंने कहा कि आज भौतिकता के दौर में लोग मित्रता का अर्थ केवल स्वार्थ तक सीमित कर रहे हैं, जबकि सच्ची मित्रता आत्मिक उन्नति का माध्यम होती है। गुरु का सान्निध्य मनुष्य को संयम, सदाचार और आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ाता है तथा अंततः मोक्ष मार्ग का द्वार खोलता है। धर्म के वास्तविक स्वरूप को स्पष्ट करते हुए मेवाड़ उप प्रवर्तक गुरुदेव कोमल मुनि महाराज साहब ने कहा कि धर्म केवल भोग और उपभोग तक सीमित नहीं है। धर्म का आधार त्याग, तप, संयम, नियम, व्रत, सम्यक ज्ञान और सम्यक दर्शन है। इन मूल्यों को जीवन में उतारकर ही मनुष्य अपने जीवन को सफल और पवित्र बना सकता है। कार्यक्रम के दौरान अध्ययनशील एवं सेवाभावी हर्षित मुनि ने ‘श्री सुख विपाक’ का सारगर्भित वाचन करते हुए धर्म के गूढ़ सिद्धांतों का सरल एवं प्रभावी वर्णन किया। उनके वाचन को श्रद्धालुओं ने अत्यंत श्रद्धा और ध्यानपूर्वक सुना। प्रवचन के अंत में मेवाड़ उप प्रवर्तक गुरुदेव कोमल मुनि महाराज साहब ने उपस्थित श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे गुरु को अपना सच्चा मित्र मानकर उनके बताए धर्म, संयम और मोक्ष के मार्ग पर चलें। उन्होंने कहा कि गुरु का मार्गदर्शन ही जीवन को सही दिशा देता है और आत्मा के कल्याण का आधार बनता है। धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और चातुर्मास के दौरान नियमित रूप से धर्म, साधना एवं आत्मचिंतन के कार्यक्रमों में भाग लेने का संकल्प लिया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation 700 से अधिक महिलाओं ने निकाली ‘नारी शक्ति रैली’, मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी; महिला सुरक्षा का संदेश लेकर शहर की सड़कों पर उतरी पुलिस और छात्राएं 40 दिवसीय श्री झूलेलाल चालीहा महोत्सव में उमड़ रही श्रद्धा, नंगे पैर तपस्या कर रहे श्रद्धालु; 25 अगस्त को निकलेगी भव्य शोभायात्रा