24 News Update सलूम्बर/परसाद। श्रावण मास के पहले सोमवार की रात तन्नेश्वर महादेव मंदिर, परसाद में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र माने जाने वाले इस शिवधाम में करीब दर्जनभर नकाबपोश चोरों ने मंदिर परिसर में घुसकर गर्भगृह के सामने रखे दान पात्र को तोड़कर हजारों रुपये की नकदी चुरा ली। चोरी की यह घटना केवल तन्नेश्वर महादेव तक सीमित नहीं रही, बल्कि चोरों ने पास ही स्थित कातरा माताजी मंदिर के दानपात्र को भी तोड़कर नकदी चुरा ली। योजनाबद्ध तरीके से दिया वारदात को अंजामचश्मदीदों और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, करीब 11 नकाबपोश बदमाश एक क्रूजर गाड़ी में आए थे। उन्होंने पहले मंदिर परिसर और आसपास की रेकी की, फिर सीसीटीवी कैमरों की दिशा मोड़ दी ताकि वारदात रिकॉर्ड न हो सके। इसके बाद उन्होंने देर रात चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया।परसाद क्षेत्र में अन्य चोरियों की भी पुष्टिउसी रात परसाद क्षेत्र में माताजी मंदिर, डेलवास हॉस्टल के पास एक किराना केबिन और ग्रामीण दलीचंद कलाल के घर में भी चोरी या चोरी का प्रयास किया गया। किराना केबिन का ताला तोड़कर राशन सामग्री चुरा ली गई, जबकि ग्रामीण के घर के ताले टूटे मिले।ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोशघटनाओं के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से आमजन भयभीत हैं, लेकिन पुलिस न तो पहले की वारदातों का खुलासा कर सकी है और न ही गश्त व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कुछ नकाबपोश चोरों की गतिविधियां कैद हुई हैं, हालांकि चोरों ने कैमरों की दिशा बदलने का प्रयास किया था। पुलिस ने फुटेज जब्त कर जांच शुरू कर दी है और बदमाशों की तलाश की जा रही है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सलूंबर जिला कॉन्ट्रेक्टर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा 14 सूत्रीय ज्ञापनअवैध खनन और ओवरलोड वाहनों से सड़कों की बिगड़ती हालत पर भी जताई चिंता कैडर पुनर्गठन पर नहीं हो रही कार्रवाई, हाईकोर्ट की मंजूरी के बावजूद मामला अटका