24 News Update नाथद्वारा। नाथद्वारा रेलवे स्टेशन से धार्मिक नगरी नाथद्वारा शहर तक रेल लाइन बिछाने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। राजस्थान उच्च न्यायालय की जोधपुर खंडपीठ ने शुक्रवार को रेलवे के पक्ष में फैसला देते हुए भूमि अधिग्रहण के विरुद्ध दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया और एकलपीठ के स्थगन आदेश को निरस्त कर दिया। इससे रेलवे को शेष भूमि अधिग्रहण का रास्ता भी साफ हो गया है।हाईकोर्ट ने माना – राष्ट्रहित के प्रोजेक्ट नहीं रोके जा सकतेखंडपीठ के वरिष्ठ न्यायाधीश डॉ. पुष्पेंद्र भाटी व न्यायाधीश सुनील बेनीवाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे मामलों में स्थगन आदेश राष्ट्रहित व जनसामान्य से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को नहीं रोक सकते। नाथद्वारा जैसे धार्मिक पर्यटन स्थल को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ने के इस प्रयास को कोर्ट ने जनहित से जुड़ा माना।रेलवे की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल राजदीपक रस्तोगी व अधिवक्ता भानु प्रताप बोहरा और देवेश यादव ने पैरवी करते हुए कोर्ट को बताया कि वर्तमान में नाथद्वारा स्टेशन शहर से 9 किलोमीटर दूर है, जिससे श्रीनाथजी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानी होती है।भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरीरेलवे ने बताया कि कुल 54 हेक्टेयर में से 96% भूमि अधिग्रहण पूर्ण हो चुका है, और मुआवजा भी उपखंड अधिकारी कार्यालय में जमा करा दिया गया है। केवल 3 हेक्टेयर भूमि को लेकर कुछ व्यक्तियों ने आपत्ति जताते हुए याचिका दायर की थी, जिससे पूरा प्रोजेक्ट जुलाई 2024 से रुका हुआ था। पूर्व में हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 4 जुलाई 2024 और 26 मई 2025 को रेलवे की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर स्थगन आदेश जारी किए थे, जिसमें याचिकाकर्ताओं को पर्याप्त सुनवाई का अवसर न देने और मंदिर की भूमि को अनुचित रूप से बचाने के आरोप लगाए गए थे। रेलवे ने स्पष्ट किया कि एलाइन्मेंट में बदलाव मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि 381 करोड़ रुपये की लागत बचाने के लिए किया गया, जिससे कोई दुर्भावना नहीं जुड़ी है।2019 में घोषित हुआ था स्पेशल प्रोजेक्टरेल लाइन विस्तार को भारत सरकार ने वर्ष 2019 में स्पेशल प्रोजेक्ट घोषित किया था। 2023 में नए एलाइन्मेंट के साथ अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू की गई, जिसमें 40 खातेदारों ने आपत्तियां दर्ज कराईं। 9 अप्रैल 2024 को उपखंड अधिकारी नाथद्वारा ने सभी आपत्तियों को निराधार मानते हुए भूमि अधिग्रहण की स्वीकृति दी थी। खंडपीठ के आदेश के बाद रेलवे अब शेष 4% भूमि का भी अधिग्रहण कर सकेगा और नाथद्वारा शहर तक रेल लाइन बिछाने का कार्य पूर्ण गति से शुरू किया जा सकेगा। इससे श्रीनाथजी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को स्टेशन से शहर तक की 9 किलोमीटर की दूरी तय करने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation अजमेर में इलाज के दौरान हेड कॉन्स्टेबल की मौत,प्राइवेट हॉस्पिटल प्रशासन व डॉक्टर्स पर लापरवाही का आरोप, बेटे ने दी शिकायत ड्रोन हमले की मॉक ड्रिल के दौरान मधुमक्खियों का हमलाः जान बचाने अधिकारी भागे, मॉक ड्रिल बनी असली आपदा