24 News Update अजमेर. अजमेर शहर में एक हेड कॉन्स्टेबल की अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिवार ने उन्हें राणा हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनके परिजन की जान चली गई। परिवार के मुताबिक, डॉक्टरों ने न तो समय पर उचित इलाज किया और न ही किसी विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लिया। आनन-फानन में बिना पर्याप्त जांच के ही मरीज को मित्तल हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। जब तक मरीज मित्तल हॉस्पिटल पहुंचा, तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटनाक्रम के अनुसार, 23 मई को वैशाली नगर स्थित राणा हॉस्पिटल में हेड कॉन्स्टेबल को भर्ती कराया गया था। प्रारंभिक जांच में पीलिया सहित अन्य बीमारियां पाई गईं। स्थिति गंभीर होने पर मृतक ने खुद आरपीएससी गार्ड आईपीएल को भी सूचना दी थी, लेकिन उचित इलाज न मिलने से उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। ड्यूटी के दौरान बिगड़ी तबीयत रामगोपाल ने बताया- “मेरे पिता घीसाराम (50) अजमेर पुलिस लाइन में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत थे और वर्तमान में आरपीएससी गार्ड में तैनात थे। 27 मई को दिन में पिता की अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने घर पर फोन कर जानकारी दी। सूचना मिलते ही मैं तुरंत मौके पर पहुंचा और पिता को वैशाली नगर स्थित राणा हॉस्पिटल ले गया।” जांच के बाद किया भर्ती मृतक के बेटे ने बताया- “राणा हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने पिता की पीलिया व अन्य बीमारियों की जांच की और उन्हें भर्ती कर लिया। स्थिति गंभीर होने पर पिता ने खुद आरपीएससी गार्ड आईपीएल को भी सूचना दी थी। हालत बिगड़ने पर मैंने डॉक्टरों से बात की, लेकिन उचित इलाज नहीं मिला।” परिजनों का आरोप – डॉक्टरों ने बरती लापरवाही रामगोपाल ने आरोप लगाते हुए कहा- “अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों ने गंभीर लापरवाही बरती। न तो सही तरीके से इलाज किया गया और न ही किसी विशेषज्ञ को बुलाया गया। जल्दबाजी में पिता को मित्तल हॉस्पिटल रेफर कर दिया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें पहले ही मृत घोषित कर दिया।” पुलिस ने शुरू की जांच क्रिश्चियन गंज थाने के हेड कॉन्स्टेबल कुनाराम ने बताया- “मृतक के बेटे की शिकायत पर राणा अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है। शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।” Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation नकदी के जाल में फंसा जोधपुर का निजी अस्पताल, इनकम टैक्स की दबिश में करोड़ों बरामद नाथद्वारा स्टेशन से शहर तक 9 किलोमीटर रेल लाइन बिछाने का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने रेलवे के पक्ष में दिया निर्णय 96% भूमि अधिग्रहण पूरा, खंडपीठ ने एकलपीठ के स्थगन आदेश को किया निरस्त