24 News Update उदयपुर, 4 जून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियों के तहत उदयपुर में आयोजित तीन दिवसीय निःशुल्क योग एवं हार्टफुलनेस ध्यान शिविर का गुरुवार को उत्साहपूर्ण समापन हुआ। आयुष मंत्रालय की प्रेरणा से हार्टफुलनेस संस्थान उदयपुर केंद्र तथा भारत स्वाभिमान न्यास एवं पतंजलि योग समिति परिवार, उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर योग और ध्यान के माध्यम से स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का संदेश ग्रहण किया। पुरोहितों की मादड़ी स्थित वार्ड 41 के सामुदायिक भवन में आयोजित शिविर का शुभारंभ 2 जून को हुआ था। तीन दिनों तक प्रतिभागियों को योग प्रोटोकॉल के अनुरूप नियमित योगाभ्यास कराया गया, वहीं हार्टफुलनेस पद्धति पर आधारित विशेष ध्यान सत्रों ने साधकों को मानसिक शांति और आत्मिक ऊर्जा का अनुभव कराया। शिविर प्रभारी मोहन सिंह शक्तावत ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य योग और ध्यान को जन-जन तक पहुंचाना तथा लोगों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना था। उन्होंने कहा कि बढ़ती भागदौड़ और तनावपूर्ण जीवनशैली के बीच योग और ध्यान आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुके हैं। हार्टफुलनेस संस्थान के सहयोग से आयोजित ध्यान सत्रों का संचालन प्रशिक्षक डॉ. सुबोध कुमार शर्मा ने किया। उन्होंने साधकों को हृदय आधारित ध्यान पद्धति का अभ्यास कराते हुए बताया कि नियमित ध्यान व्यक्ति के भीतर सकारात्मकता, आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन विकसित करता है। तीनों दिनों तक चले सत्रों में प्रतिभागियों ने ध्यान की विभिन्न विधियों का अभ्यास कर आत्मिक शांति का अनुभव किया। योग प्रशिक्षक देवीलाल चंदेल ने प्रतिभागियों को योग प्रोटोकॉल में शामिल सरल एवं प्रभावी योग क्रियाओं का अभ्यास कराया। वहीं सुश्री रंजना ने ‘ब्राइटर माइंड्स’ कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष मानसिक व्यायाम करवाए। उन्होंने बताया कि इन अभ्यासों से व्यक्ति की कॉग्निटिव इंटेलिजेंस विकसित होती है, जिससे सोचने, समझने, सीखने, स्मरण शक्ति बढ़ाने, तर्क करने, समस्याओं का समाधान खोजने और बेहतर निर्णय लेने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। कार्यक्रम के समापन अवसर पर पतंजलि योग समिति के अध्यक्ष मनोहरलाल चावड़ा ने प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योग शरीर को निरोग और सशक्त बनाता है, जबकि ध्यान मन को स्थिरता और एकाग्रता प्रदान करता है। जब दोनों का समन्वय जीवन में होता है तो व्यक्ति तनावमुक्त, ऊर्जावान और सफल जीवन की दिशा में आगे बढ़ता है। शिविर के दौरान उपस्थित प्रतिभागियों ने नियमित योग और ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। सभी आयु वर्ग के लोगों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को विशेष बना दिया। आयोजकों ने कहा कि स्वस्थ, प्रसन्न और संतुलित समाज के निर्माण के लिए योग और ध्यान की संस्कृति को घर-घर तक पहुंचाना आवश्यक है तथा भविष्य में भी ऐसे जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation उदयपुर के दो युवा बने सेकण्ड डन ब्लैक बेल्ट कराटे मास्टर, अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त डिग्री से बढ़ाया शहर का मान नारायण सेवा संस्थान की सेवाओं से प्रभावित हुए जिला कलेक्टर, बोले- ऐसी मानवता आधारित पहल विरल है