24 News Update भीलवाड़ा। आमतौर पर लोग न्याय और सुरक्षा की उम्मीद लेकर थाने पहुंचते हैं, लेकिन भीलवाड़ा जिले के बनेड़ा थाने में एक फरियादी का अनुभव ठीक इसके उलट रहा। जमीन विवाद की शिकायत लेकर पहुंचे एक ग्रामीण ने आरोप लगाया है कि उसे न्याय मिलने के बजाय थानाधिकारी की फटकार, गालियां और धमकियां झेलनी पड़ीं। इतना ही नहीं, उसे घंटों थाने में बैठाकर रखने का भी आरोप है। अब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और एसपी सागर राणा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए थानाधिकारी बच्छराज चौधरी को लाइन हाजिर कर दिया है।मामला बनेड़ा थाना क्षेत्र के बबराणा गांव का है। गांव निवासी प्रभुलाल कुम्हार ने 13 मई को पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि पड़ोसियों ने उनकी जमीन के रास्ते पर रोड़ी डालकर आवागमन बाधित कर दिया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच की और शिकायत को सही माना। इसके बाद 22 मई को प्रभुलाल को मामले की सुनवाई के लिए थाने बुलाया गया।प्रभुलाल का आरोप है कि थाने में उनकी शिकायत सुनने के बजाय थानाधिकारी उन पर ही भड़क गए। उन्होंने कानून और अधिकारों की बात की तो कथित तौर पर उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया गया। परिवादी का कहना है कि उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया मानो वे शिकायतकर्ता नहीं बल्कि कोई अपराधी हों।मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब थाने के भीतर का एक वीडियो सामने आया। वीडियो में कथित रूप से थानाधिकारी बच्छराज चौधरी तीखी भाषा का इस्तेमाल करते और विवादित जमीन को लेकर टिप्पणी करते सुनाई दे रहे हैं। परिवादी का आरोप है कि बातचीत के दौरान दूसरे पक्ष को भी अप्रत्यक्ष रूप से कब्जा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।प्रभुलाल ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें शांति भंग की कार्रवाई के नाम पर करीब पांच घंटे तक थाने में रोके रखा गया। दोपहर एक बजे से शाम छह बजे तक उन्हें थाने में बैठाए रखा गया और बाद में तहसीलदार के समक्ष पेश किया गया। उनका कहना है कि इस दौरान उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उच्च अधिकारियों से शिकायत करने पर भी धमकियां दी गईं।वीडियो वायरल होने और शिकायत सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक सागर राणा ने मामले को गंभीरता से लिया। प्रथम दृष्टया मामले में अनुशासनहीनता और आचरण संबंधी सवाल उठने पर एसएचओ बच्छराज चौधरी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।दूसरी ओर, थानाधिकारी बच्छराज चौधरी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर विवाद था और उन्हें समझाइश के लिए थाने बुलाया गया था। उनके अनुसार प्रभुलाल कुम्हार अपने खेत का गेट दूसरे पक्ष के घर की ओर निकालना चाहते थे, जिससे विवाद उत्पन्न हुआ।फिलहाल वायरल वीडियो और परिवादी के आरोपों ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी है कि यदि फरियादी खुद को थाने में असुरक्षित महसूस करने लगे, तो न्याय की उम्मीद आखिर किससे की जाए? अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और नेट पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन