24 News Update जयपुर। वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 के अर्थशास्त्र विषय के पेपर लीक मामले की जांच में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। बालोतरा के धोरीमन्ना क्षेत्र निवासी वरण कुमार विश्नोई (30) को 14 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।जांच में सामने आया है कि वरण कुमार खुद भी द्वितीय श्रेणी शिक्षक है। वह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कुंभार का तला, ब्लॉक धोरीमन्ना, जिला बालोतरा में विज्ञान विषय का शिक्षक था। पेपर लीक और डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलाने से जुड़े मामले में कार्रवाई के बाद उसे निलंबित किया जा चुका है। पहले डमी अभ्यर्थी प्रकरण में हो चुकी थी गिरफ्तारीSOG के अनुसार वरण कुमार पर आरोप है कि उसने वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा में अपनी जगह दूसरे व्यक्ति को डमी अभ्यर्थी के रूप में बैठाकर परीक्षा दिलवाई थी। इस मामले में उसकी पहले गिरफ्तारी हो चुकी है। अब पेपर लीक की जांच में भी उसकी कथित भूमिका सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया है। SOG की जांच में वरण कुमार का नाम इस मामले में पहले गिरफ्तार गोपाल निवासी नेड़ी-नाड़ी, थाना धोरीमन्ना, बालोतरा से पूछताछ के दौरान सामने आया। पुलिस के अनुसार गोपाल ने पूछताछ में बताया कि वह और वरण कुमार एक ही गांव के रहने वाले हैं और दोस्त हैं। जांच के मुताबिक परीक्षा से पहले वरण कुमार ने गोपाल को अपने घर बुलाया था। वहां उसने पेपर लीक नेटवर्क के संपर्क में होने और परीक्षा से पहले पेपर हासिल करने की बात बताई। पुलिस के अनुसार दोनों के बीच परीक्षा से 2 दिन पहले पेपर उपलब्ध कराने के लिए 7 लाख रुपए में सौदा तय हुआ था। इसके बाद गोपाल को पेपर उपलब्ध कराया गया और उसका परीक्षा में चयन हो गया। कटारा से लीक पेपर नेटवर्क तक पहुंचने का आरोपराजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से अक्टूबर 2022 में वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। जांच के अनुसार तत्कालीन RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा ने अन्य विषयों के साथ अर्थशास्त्र का पेपर भी परीक्षा से पहले शेरसिंह उर्फ अनिल मीणा को उपलब्ध कराया था। SOG की जांच में यह भी सामने आया कि बाद में सुरेश ढाका और भूपेंद्र सारण ने शेरसिंह उर्फ अनिल मीणा से पेपर हासिल किया। आरोप है कि नेटवर्क के जरिए राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को पेपर पढ़ाया गया। जांच में जोधपुर का भी उल्लेख सामने आया है। रिमांड में पेपर लीक नेटवर्क पर पूछताछयह कार्रवाई SOG के DIG भुवन भूषण यादव और पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया के सुपरविजन में हुई। अनुसंधान अधिकारी ACP महावीर सिंह मीणा के नेतृत्व में टीम ने वरण कुमार को गिरफ्तार किया। कोर्ट से 4 दिन का पुलिस रिमांड मिलने के बाद SOG आरोपी से पेपर हासिल करने, 7 लाख रुपए के कथित लेन-देन, पेपर को आगे पहुंचाने और पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संपर्कों के बारे में पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी को पूछताछ के दौरान प्रकरण से जुड़ी अन्य कड़ियां सामने आने की उम्मीद है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation जयपुर में रेलवे ट्रैकमैन ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, मौत से पहले परिचितों को भेजा सुसाइड नोट; 5 साल से चल रहा था पत्नी से विवाद रेट चेयरमैन की 3 सप्ताह में नियुक्ति के निर्देश, हाईकोर्ट ने दी अफसर की पेशी की चेतावनी