24 News Update सागवाड़ा (जयदीप जोशी)। झल्लारा थाना अन्तर्गत स्थित अघोर पशुपति पीठ धोलागढ़ धाम में आयोजित हो रहे कार्यक्रम के तहत् श्रीराम कथा वाचक कमलेश शास्त्री खडगदा में राम कथा प्रारम्भ की। गुरूवार को हरियाली अमावस्या होने से भारी संख्या में भक्त जनो का सैलाब उमडा।45 दिवसीय श्रावण कुंभ महोत्सव के तहत पंद्रहवे दिन द्वितीय चरण का अति रुद्र महायज्ञ एवं शस्त्र चंडी महायज्ञ स्वःकर मंत्रों के साथ प्रारंभ हुआ जिसमें विभिन्न कुण्डो पर त्रिभुवन सिंह देवेंद्र व्यास ईश्वर माडव मानाराम पटेल लाल सिंह चुंडावत भीमराज मेघवाल डूंगर सिंह चुंडावत आदि ने मुख्य आचार्य मुकेश भट्ट के मार्गदर्शन में आहुतियां प्रदान की यजमान बैठे आज लगभग एक लाख11हजार पार्थेश्वर तैयार कर गुरुवार के उपलक्ष में समचतुर्भुज यंत्र निर्माण कर 101 साधकों ने पूजा का लाभ लिया। कार्यक्रम स्थल के पास स्थित विशाल पाण्डाल में प्रारम्भ हूए श्री राम कथा में पौथी के मुख्य यजमान परिवार व योगी प्रकाश नाथ द्वारा पोथी पूजन व आरती की गई। श्रीराम कथा के द्वितीय दिवस पर श्री कमलेश भाई शास्त्री ने मंत्रोच्चार के साथ श्रीराम कथा का पाठ किया। उन्होंने रामचरितमानस में उद्गृत प्रत्येक चौपाई को गाकर अर्थ बताते हुए भगवान श्रीराम के आदर्शों और जीवन मूल्यों पर प्रकाश डाला। इन्हें अपने जीवन में उतरने की अपील की उन्होंने कहा तुलसीदासजी ने रामचरितमानस में गुरु वंदना करते हुए कहा है संसार में सबसे बड़ा गुरु महादेव है क्योंकि महादेव अजन्मा है अजर है अमर है अविनाशी है जबकि राम कृष्ण अन्य देवता अवतरित हुए उन्होंने देव भूमि पर जन्म लिया, इसलिए प्रत्येक गुरु को हमें महादेव मानना चाहिए क्योंकि गुरु नहीं तो जीवन शुरू नहीं रामचरितमानस में कहा है वन्दे बोधमयं नित्यं गुरुं शंकररूपिणम्।यमाश्रितो हि वक्रोऽपि चन्द्रः सर्वत्र वन्द्यते अर्थात गुरु कैसा हो बोध नित्य हो क्रोध न करें ना विरोध कर ना द्वेष करें पूर्णिमा का चांद पूरा है इसलिए पूजनीय है इसीलिए जीवन में पूर्णता लाए फिर भी महादेव ने टेढ़े मेढ़े अधूरे दूज के चांद को अपनी जटा पर धारण किया और उसे पूजनीय बना दिया। रामचरितमानस सभी शास्त्रों का सार है और इसमें कहा है भगवान से बड़ा भक्त है इसका उदाहरण हनुमान जी हैं लोगों को हनुमान जी की कथा से जोड़ते हुए कहा हनुमान आपको महादेव रामकृष्ण की ओर ले जाता है। शास्त्री ने कहा, राम कथा केवल धर्म ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सेवा की भावना का संदेश देती है। भाइयों से सामंजस्य माता की आज्ञा पालन पिता का मान भी रखना यह सिखाता है। कथा के दौरान मारे मौज मा रेवू गुजराती भजन गाकर समा बांध दिया। द्वितीय दिवस के मुख्य यजमान राजूभाई कलाल आसन, हेमंत पटेल (रणोली), गोतम पटेल (रणोली), दीपक रेबारी (ढाणी सिपुर)हेमेन्द्र सिंह (पादरडी छोटी) रहे । महायज्ञ में पं. मुकेश भट्ट के मार्गदर्शन में त्रिभुवन सिंह, देवेंद्र व्यास, ईश्वर माडव, मानाराम पटेल, लाल सिंह चुंडावत, भीमराज मेघवाल, डूंगर सिंह चुंडावत आदि ने आहुतियाँ प्रदान कीं। इस अवसर पर 1,11,000 पार्थेश्वर शिवलिंगों का निर्माण किया गया और 101 साधकों ने समचतुर्भुज यंत्र स्थापित कर विशेष पूजा का लाभ प्राप्त किया। गुरूवार को श्रावण मास की हरियाली अमावस्या पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब हजारों की संख्या में भक्तों ने मंदिर परिसर और आसपास के पवित्र जलस्थलों पर पुण्य स्नान किया। रामकथा के द्वितीय दिवस की शुरुआत पोथी पूजन और आरती के साथ हुई। पं. कमलेश शास्त्री ने रामचरितमानस के मंत्रोच्चार के साथ कथा का पाठ किया। शास्त्री ने कहा रामकथा कलयुग की कामधेनु गाय है, जो जनमानस की समस्त इच्छाओं की पूर्ति करती है। यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला ज्ञान है। महादेव को सर्वोच्च गुरु बताते हुए कहा कि गुरु के बिना जीवन का कोई आधार नहीं। तुलसीदासजी द्वारा रचित श्लोक ‘वन्दे बोधमयं नित्यं गुरुं शंकररूपिणम्’ का संदर्भ देते हुए उन्होंने बताया कि गुरु वही है जो अपूर्ण को भी पूज्य बना दे। हनुमान जी को राम और शिव का सेतु बताते हुए शास्त्री जी ने कहा हनुमान जी की भक्ति से मनुष्य दोनों दिव्य शक्तियों से जुड़ सकता है। कथा में आज के यजमानो ने पोथी पूजन किया। इस अवसर पर केशवनारायण जिला प्रचारक जहांजपुर अशोक पटेल भाजपा जिलाध्यक्ष डूंगरपुर, हितेश रावल भाजपा जिला उपाध्यक्ष डूंगरपुर, ईश्वरलाल सरपोटा प्रधान सागवाड़ा, प्रकाश सुथार उत्तर मंडल अध्यक्ष, विवेक जोशी , करण जोशी सराडा भाजपा मंडल अध्यक्ष, केवल पाटीदार आदि उपस्थित रहे Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation भक्ति से विचलित होने पर परमात्मा से काफी दूर हो जाता है-संत तिलकराम महाराज हरियालो राजस्थान पौधारोपण अभियान के तहत् किया पौधारोपण