24 News Update जयपुर। राजस्थान में नेशनल और स्टेट हाईवे के किनारे शराब के ठेकों को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने ऐतिहासिक और सख्त फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और न्यायमूर्ति संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने चूरू निवासी कन्हैयालाल सोनी की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया है कि हाईवे के 500 मीटर के दायरे में स्थित सभी 1102 शराब के ठेकों को दो महीने के भीतर हटाया जाए।हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि चाहे ये ठेके नगरपालिका या शहरी सीमा में ही क्यों न आते हों, अगर ये हाईवे पर स्थित हैं तो इन्हें हटाना अनिवार्य है। न्यायालय ने कहा कि यह फैसला प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों और ‘ड्रिंक एंड ड्राइव’ की घटनाओं को देखते हुए लिया गया है।राज्य सरकार ने सुनवाई में कहा कि प्रदेश की कुल 7665 शराब दुकानों में से 1102 दुकानें हाईवे पर हैं, लेकिन ये शहरी/नगरपालिका क्षेत्र में आने के कारण सुप्रीम कोर्ट के आदेश के दायरे में नहीं आतीं। सरकार ने यह भी बताया कि इन ठेकों से सालाना लगभग 2221.78 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होता है।हालांकि, हाईकोर्ट ने सरकार की दलील को पूरी तरह खारिज कर दिया और टिप्पणी की कि सरकार ने ‘नगरपालिका क्षेत्र’ की आड़ में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का मजाक बना दिया। न्यायालय ने कहा, “संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत लोगों की जान की सुरक्षा सर्वोपरि है। 2200 करोड़ के राजस्व के लिए हम लोगों को मरने के लिए नहीं छोड़ सकते।”हाईकोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि सरकार ने अपने विवेक का दुरुपयोग कर हाईवे को ‘मदिरा-फ्रेंडली कॉरिडोर’ बना दिया है, जिसे अब तुरंत सुधारना होगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation कोटपूतली में लॉरेंस बिश्नोई के नाम की जैकेट बेचते 3 गिरफ्तार राजस्थान में पहले से लागू ओल्ड पेंशन स्कीम जारी रहेगी, वित्त विभाग ने स्पष्ट किया