24 News Update जयपुर। राजस्थान सरकार ने राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) का विरोध कर रहे प्राइवेट अस्पतालों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। मेडिकल एंड हेल्थ डिपार्टमेंट ने साफ किया है कि योजना के तहत इलाज से इंकार करने वाले अस्पतालों को अब पैनल सूची से बाहर किया जाएगा और उनकी जगह नए अस्पतालों को शामिल किया जाएगा।विभाग की प्रिंसिपल सेक्रेटरी गायत्री राठौड़ ने बताया कि जो अस्पताल RGHS के तहत सेवाएं नहीं दे रहे हैं, उनकी सूची तैयार की जा रही है। “नियमों के तहत इन पर कार्रवाई होगी और इन्हें पैनल से बाहर कर दिया जाएगा। फिलहाल 50% से ज्यादा अस्पताल योजना के तहत इलाज कर रहे हैं, लेकिन कुछ अस्पताल संचालक लगातार विरोध में खड़े हैं। ऐसे में मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए हम नए अस्पतालों को पैनल में जोड़ रहे हैं।”नए अस्पताल जुड़ेंगेगायत्री राठौड़ ने बताया कि प्रदेशभर से अब तक 350 से ज्यादा अस्पतालों ने RGHS से जुड़ने के लिए आवेदन किया है। इनमें जयपुर सहित सभी प्रमुख शहरों के नाम शामिल हैं। विभाग का मानना है कि इससे योजना के लाभार्थियों को इलाज में कोई रुकावट नहीं आएगी।गड़बड़ी और पेनल्टी विवाददरअसल जयपुर के करीब 5–7 प्राइवेट अस्पतालों पर RGHS के तहत बड़े स्तर पर गड़बड़ियां करने के आरोप लगे थे। शिकायतों की जांच के बाद विभाग ने इन पर हजारों-लाखों रुपये की पेनल्टी लगाई। इसी पेनल्टी को लेकर अस्पताल संचालकों ने नया एसोसिएशन बनाकर योजना के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया और सेवाएं बंद करने की धमकी दी। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के अन्य प्राइवेट अस्पतालों और फार्मा स्टोर संचालकों को भी विरोध में शामिल करने का प्रयास किया। बकाया भुगतान पर सरकार का दावा अस्पताल संचालकों की शिकायत थी कि लंबे समय से सरकार बकाया भुगतान नहीं कर रही है। इस पर विभाग ने रिपोर्ट जारी कर कहा कि अप्रैल 2025 से अब तक 850 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान किया जा चुका है। मार्च 2025 से पहले की अवधि के बकाया लगभग पूरे कर दिए गए हैं। केवल उन्हीं अस्पतालों का भुगतान अटका है, जिनके खिलाफ गड़बड़ी और अनियमितताओं की शिकायतें दर्ज हैं और उनकी जांच जारी है। सरकार का संदेश स्पष्ट हेल्थ डिपार्टमेंट का कहना है कि RGHS प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है। ऐसे में कोई भी अस्पताल केवल अपने व्यावसायिक हित के लिए योजना का विरोध नहीं कर सकता। सरकार की रणनीति है कि जो अस्पताल मरीजों को सेवाएं देने से इंकार करेंगे, उन्हें बाहर कर दिया जाएगा और नए अस्पतालों को मौका दिया जाएगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने डूंगरपुर के देवल में सीएलजी सदस्यों व आमजन से किया संवाद बोले– पुलिस बनेगी युवाओं व महिलाओं की मददगार दफ्तरों में बैठे सफाई कर्मचारियों पर सरकार सख्त: अब सभी को फील्ड में सफाई कार्य पर लगाया जाएगा