24News Update. खेरवाड़ा, सकल दिगंबर दशाहुमड़ जैन समाज खेरवाड़ा की ओर से पर्युषण पर्व दस दिनों तक धार्मिक श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समाजजनों ने पर्युषण पर्व के दौरान पूजा-अर्चना, स्वाध्याय, तप एवं धार्मिक आयोजनों में उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। अंतिम दिवस अनंत चतुर्दशी के अवसर पर दस लक्षण विधान की पूर्णाहुति की गई तथा दशम दिन विशेष धार्मिक विधान संपन्न हुआ। पर्युषण पर्व के अंतिम दिन भगवान वासुपूज्य के मोक्ष कल्याण महोत्सव का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर विधि-विधान के साथ भगवान वासुपूज्य को निर्वाण लड्डू अर्पित किया गया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ पूजन-अर्चन कर धर्मलाभ लिया। इसी अवसर पर सदर बाजार स्थित श्री नेमिनाथ जैन मंदिर में तीन ध्वजाएं भी चढ़ाई गईं। भगवान नेमिनाथ की ध्वजा का पुण्यार्जन श्री राकेश जी भीखालाल जी शाह, भगवान पार्श्वनाथ की ध्वजा का पुण्यार्जन श्री प्रफुल्ल जी भीखालाल जी शाह तथा भगवान महावीर स्वामी की ध्वजा का पुण्यार्जन श्री हेवन जी पनमचंद जी फड़िया ने किया। दस दिवसीय पर्युषण पर्व के दौरान नेमिनाथ नवयुवक मंडल की ओर से विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान पर्युषण पर्व में तप-साधना करने वाले तपस्वियों का सम्मान कर उनकी तपस्या की अनुमोदना की गई। समाजजनों ने दस दिनों तक पर्युषण पर्व को पूर्ण धार्मिक भावना, श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया। अंतिम दिवस मंदिर परिसर में आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में समाज की सामूहिक सहभागिता देखने को मिली। समाज के अध्यक्ष श्री सतीश जी पंचोली एवं मंत्री श्री सौरभ जैन ने बताया कि दस दिवसीय पर्युषण पर्व के सभी धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में समाजजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation आदिनाथ जिनालय में पर्युषण महापर्व का हुआ समापनपंचामृत, अभिषेक, शांतिधारा व पूजा-अर्चना में उमड़े श्रद्धालु नमामि भारतम-वंदे मातरम की 150 वे वर्ष पर देश भर में गूंजा राष्ट्र स्वर