उदयपुर। IAS शिखर अग्रवाल और IPS पत्नी प्रशाखा माथुर से जुड़े करीब 40 विला-कॉटेज की खरीद के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की जांच अब उदयपुर के दस्तावेजों पर केंद्रित हो गई है। ACB ने सोमवार को उदयपुर कलेक्टर और सब-रजिस्ट्रार कार्यालय को नोटिस जारी कर संबंधित संपत्तियों की कन्वर्जन फाइलें और रिकॉर्ड तलब किए हैं। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि उदयपुर में खरीदी गई संपत्तियों की जमीन का कन्वर्जन किस प्रक्रिया से हुआ, कौन-कौन सी स्वीकृतियां ली गईं और रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेजों में क्या दर्ज है। राज्य सरकार की अनुमति के बाद ACB ने 31 अक्टूबर को शिखर अग्रवाल के खिलाफ प्रारंभिक जांच (PE) दर्ज की थी। अब जांच एजेंसी की ओर से उन्हें पूछताछ के लिए जल्द नोटिस जारी करने की तैयारी है। उनकी पत्नी IPS प्रशाखा माथुर भी जांच के दायरे में हैं। दोनों के विदेश में होने के कारण पूछताछ के लिए बुलाने की प्रक्रिया उनकी उपलब्धता के आधार पर आगे बढ़ेगी। उदयपुर की कन्वर्जन फाइलें क्यों अहमACB सूत्रों के अनुसार प्रकरण में आरोप है कि शिखर अग्रवाल, उनकी पत्नी और परिवार के सदस्यों ने एक निजी कंपनी से उदयपुर और अलवर में करीब 40 विला-कॉटेज खरीदे। आरोप यह भी है कि संपत्तियां बेहद कम कीमत पर खरीदी गईं और पद का दुरुपयोग कर खुद अथवा निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। अब उदयपुर की कन्वर्जन फाइलें जांच की अहम कड़ी बन गई हैं। ACB इन फाइलों के जरिए जमीन के उपयोग परिवर्तन, संबंधित अनुमतियों और सरकारी स्तर पर हुई कार्रवाई की पड़ताल करेगी। उदयपुर सब-रजिस्ट्रार से संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन संबंधी रिकॉर्ड भी मांगा गया है। प्रॉपर्टी रिटर्न और ITR भी जांच मेंजांच एजेंसी ने कार्मिक विभाग (DOP) को नोटिस देकर शिखर अग्रवाल के IR और जीए-55 यानी प्रॉपर्टी रिटर्न की जानकारी मांगी है। आयकर विभाग से उनके ITR भी तलब किए गए हैं। इन रिकॉर्ड का संपत्तियों की खरीद, घोषित आय और निवेश से मिलान किया जाएगा। ACB ने लोक निर्माण विभाग से उदयपुर और अलवर में संबंधित विला-कॉटेज के निर्माण की जानकारी भी मांगी है। वहीं उद्योग विभाग से तत्कालीन बैठकों के मिनट्स और अन्य गतिविधियों की रिपोर्ट तलब की गई है। गोयल फैशन्स से भी रिकॉर्ड मांगाजिस निजी कंपनी से विला-कॉटेज खरीदने की बात सामने आई है, उससे भी ACB ने जानकारी मांगी है। गोयल फैशन्स के MD संजय गोयल को नोटिस जारी कर संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके अलावा वन विभाग और राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल को भी नोटिस जारी किए गए हैं।अलवर के सब-रजिस्ट्रार और प्रतापगढ़ स्थित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से भी संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। इससे जांच का दायरा उदयपुर से बाहर अलवर तक जुड़ता है, लेकिन संपत्तियों की खरीद और उनके सरकारी रिकॉर्ड में उदयपुर का हिस्सा जांच की प्रमुख कड़ी बना हुआ है। परिवार के कई सदस्यों के नाम पर खरीद का आरोपप्रकरण में सामने आए आरोपों के अनुसार शिखर अग्रवाल, उनकी IPS पत्नी प्रशाखा माथुर, दोनों बेटों और सास-ससुर ने करीब ढाई साल के दौरान एक ही निजी कंपनी से उदयपुर और अलवर में करीब 40 कॉटेज-विला खरीदे। ACB अब इन खरीद के दस्तावेज, भुगतान, संपत्तियों का मूल्यांकन और अधिकारियों की ओर से घोषित संपत्तियों का आपसी मिलान करेगी। प्रकरण सामने आने के बाद शिखर अग्रवाल को APO किया गया। इसके बाद IPS प्रशाखा माथुर को भी APO किया गया। राज्य सरकार ने दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation उदयपुर में 9 नवंबर को होगा गोवर्धन पूजा समारोह सेंट पॉल्स यूथ पार्लियामेंट में युवाओं ने दिखाई नेतृत्व क्षमता, लोकतांत्रिक मूल्यों पर हुआ मंथन