डूंगरपुर। नगर परिषद सभापति चुनाव से पहले डूंगरपुर की सियासत में पार्षदों की बाड़ेबंदी के बीच शनिवार को कांग्रेस खेमे के पार्षदों के कथित तौर पर गायब होने की चर्चा ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी। दिनभर कांग्रेस पार्षदों के बाड़ेबंदी स्थल से गायब होने की बातें राजनीतिक गलियारों में चलती रहीं, लेकिन देर शाम कांग्रेस की ओर से वीडियो और फोटो जारी कर इन चर्चाओं को अफवाह बताया गया। वीडियो में कांग्रेस के पार्षद एक होटल के कमरे में एक साथ नजर आ रहे हैं। सभापति पद के कांग्रेस प्रत्याशी भरत नागदा ने पार्षदों के गायब होने की चर्चाओं को खारिज करते हुए वीडियो जारी किया। वीडियो में कांग्रेस के सभी पार्षद एक कमरे में बैठे दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा नागदा ने पार्षदों के साथ अपनी तस्वीरें भी जारी कीं। उनका कहना है कि कांग्रेस पार्षद बाड़ेबंदी में ही हैं और उनके गायब होने की बातें महज अफवाह हैं। 40 वार्ड वाली नगर परिषद में भाजपा के पास बहुमत डूंगरपुर नगर परिषद में कुल 40 वार्ड हैं। चुनाव परिणाम के अनुसार भाजपा ने 24 वार्डों में जीत दर्ज की है। भाजपा से बागी होकर चुनाव मैदान में उतरे सुनील जैन भी बाद में भाजपा के समर्थन में हैं। ऐसे में भाजपा के पास बहुमत के लिहाज से पर्याप्त संख्या बताई जा रही है। दूसरी ओर कांग्रेस के पास 12 पार्षद हैं, जबकि बीएपी के 3 पार्षद हैं। सभापति पद के चुनाव में भाजपा की ओर से सुशीला गुप्ता और कांग्रेस की ओर से भरत नागदा के बीच मुकाबला है। दोनों खेमों में बाड़ेबंदी, हर पार्षद पर नजर सभापति चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने-अपने पार्षदों को बाड़ेबंदी में रखे हुए हैं। ऐसे में शनिवार को कांग्रेस के पार्षदों के कथित रूप से बाड़ेबंदी से गायब होने की चर्चा सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगने लगीं। मामला बढ़ने पर कांग्रेस नेता और सभापति प्रत्याशी भरत नागदा ने खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने वीडियो जारी कर कांग्रेस के पार्षदों को एक साथ दिखाया और कहा कि पार्षद बाड़ेबंदी में मौजूद हैं। इसके साथ ही उन्होंने पार्षदों के साथ फोटो भी सार्वजनिक किए। एक दिन पहले कांग्रेस ने एसपी को दिया था ज्ञापन पार्षदों की बाड़ेबंदी को लेकर यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब एक दिन पहले कांग्रेस ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर भाजपा पर कांग्रेस पार्षदों को डराने-धमकाने और दबाव बनाने के आरोप लगाए थे। कांग्रेस की ओर से लगाए गए इन आरोपों के बाद अब पार्षदों के कथित गायब होने की चर्चा और फिर वीडियो जारी किए जाने से सभापति चुनाव से पहले डूंगरपुर की सियासत और ज्यादा गरमा गई है। फिलहाल कांग्रेस ने वीडियो के जरिए अपने सभी पार्षदों के बाड़ेबंदी में होने का दावा करते हुए गायब होने की चर्चाओं को अफवाह बताया है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation डूंगरपुर में बदला सभापति का गणित, प्रभु पंड्या की नाम वापसी, केके गुप्ता की पत्नी सुशीला गुप्ता की जीत तय