24 न्यूज अपडेट, नेशनल डेस्क। ओस्लो – वेनेजुएला में लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और तानाशाही से लोकतंत्र की ओर शांतिपूर्ण बदलाव लाने के लिए मारिया कोरीना मचाडो को शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया। मचाडो पिछले 20 वर्षों से देश में लोकतंत्र के लिए लगातार संघर्ष कर रही हैं और विपक्ष को एकजुट करने तथा नागरिक अधिकारों की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।नोबेल समिति ने कहा कि आज जब दुनिया के कई हिस्सों में तानाशाही बढ़ रही है और लोकतंत्र कमजोर हो रहा है, ऐसे समय में मचाडो जैसे साहसी नेताओं की हिम्मत और प्रयास उम्मीद जगाते हैं। समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि लोकतंत्र ही स्थायी शांति की आधारशिला है और ऐसे लोग जो हिंसा और डर के बावजूद जनहित के लिए खड़े होते हैं, उन्हें सम्मानित करना जरूरी है।मारिया मचाडो ने ‘सुमाते’ संगठन की स्थापना की, जो देश में मुफ्त और निष्पक्ष चुनावों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बढ़ावा देता है। 2012 में उन्होंने वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति का भाषण रोककर जनता के जब्त किए गए संपत्ति को लौटाने की मांग की थी, जिससे वे विश्व स्तर पर साहसी विपक्षी नेता के रूप में पहचानी गईं।मचाडो को पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। इनमें 2024 का सखारोव पुरस्कार, 2024 वाच्लाव हावेल मानवाधिकार पुरस्कार, 2025 करेज अवॉर्ड, और 2018 में बीबीसी द्वारा “दुनिया की 100 सबसे प्रभावशाली महिलाओं” में शामिल करना शामिल है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प लंबे समय से नोबेल पुरस्कार के दावेदार रहे, लेकिन नोबेल कमेटी ने उन्हें इस वर्ष के लिए नहीं चुना। शांति का यह नोबेल पुरस्कार 10 दिसंबर को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में मचाडो को प्रदान किया जाएगा। नोबेल समिति ने कहा कि मचाडो ने सभी तीन मापदंडों को पूरा किया – विपक्ष को संगठित किया, सैन्यकरण के खिलाफ खड़ी रहीं और लोकतंत्र को समर्थन दिया।वेनेजुएला में मचाडो को “आयरन लेडी” कहा जाता है। देश में अब भी वे छिपकर रह रही हैं, लेकिन उनका साहस लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation बर्ड स्ट्राइक: एयर इंडिया की चेन्नई-कोलंबो फ्लाइट सुरक्षित लैंडिंग के बाद रद्द हाईकोर्ट नाराज: मंत्री के निज सचिव की पत्नी ने सड़क पर काटा केक, कोर्ट ने पूछा-भाजपा नेताओं और उनके सहायकों पर नियम लागू नहीं होते?